पांचना का पानी किसे मिलेगा? आमने-सामने हुए किसान, हिंडौन में महापंचायत, प्रशासन पर टिकी निगाहें

भरतपुर. पांचना बांध के पानी के बंटवारे को लेकर करौली और सवाई माधोपुर के किसानों के बीच चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. इस मुद्दे पर आज भरतपुर संभागीय आयुक्त कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने वाली है, जिसमें दोनों जिलों के किसान प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. बैठक की अध्यक्षता संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया करेंगी. किसानों और प्रशासन की नजरें इस बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि यहां से विवाद के समाधान को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है.
पांचना बांध से सिंचाई के पानी को लेकर लंबे समय से गतिरोध बना हुआ है. एक ओर कमांड क्षेत्र के किसान नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बांध प्रभावित और कैचमेंट क्षेत्र के किसान अपने हितों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. इसी विवाद को लेकर विभिन्न स्तरों पर आंदोलन और विरोध प्रदर्शन भी जारी हैं.
दोनों जिलों के किसानों के प्रतिनिधि भी होंगे शामिल
संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया ने बताया कि हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में करौली जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, सवाई माधोपुर जिला कलेक्टर कानाराम, सिंचाई विभाग के अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया था. बैठक में पांचना बांध से जल वितरण, कमांड एवं कैचमेंट क्षेत्र के हितों, 39 गांवों के लिए की गई बजट घोषणा और मौजूदा परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई. इसके बाद दोनों जिलों के किसानों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया.
संवाद और समन्वय के माध्यम से सहमति बनाने का प्रयास
प्रशासन का प्रयास है कि संवाद और समन्वय के माध्यम से सभी पक्षों के बीच सहमति बनाई जाए और विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाए. बैठक में किसानों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श कर सर्वसम्मति के आधार पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी. राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने की कोशिश होगी. इधर, पांचना बांध से गंभीर नदी में पानी छोड़ने की मांग को लेकर आंदोलन भी तेज हो गया है. गंभीर नदी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले बुधवार को हिंडौन सिटी में विशाल महापंचायत का आयोजन किया जाएगा. महापंचायत महवा मार्ग स्थित देवलेन मोड़ पर आयोजित होगी, जिसमें गंभीर नदी क्षेत्र के करीब 360 गांवों के लोग शामिल होने की संभावना है.
महापंचायत को लेकर प्रशासन और पुलिस की है व्यापक तैयारी
महापंचायत को लेकर प्रशासन और पुलिस ने भी व्यापक तैयारियां कर ली हैं. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. आंदोलनकारियों का कहना है कि गंभीर नदी में पानी छोड़े बिना क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान संभव नहीं है. महापंचायत में गुर्जर नेता विजय बैसला के भी शामिल होने की सूचना है, जिससे आयोजन को और अधिक राजनीतिक एवं सामाजिक महत्व मिल गया है. ऐसे में एक तरफ भरतपुर में प्रशासन और किसानों के बीच वार्ता होगी, तो दूसरी तरफ हिंडौन में महापंचायत के जरिए किसानों की ताकत का प्रदर्शन देखने को मिलेगा. अब सबकी निगाहें आज होने वाली बैठक और महापंचायत पर टिकी हैं, जहां पांचना बांध विवाद के भविष्य की दिशा तय हो सकती है.



