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Nagaur Kharif Crop 2026: किस फसल पर रहेगा सबसे ज्यादा फोकस! खरीफ सीजन के लिए तैयार हुआ मास्टर प्लान, जानें किसान भाई

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नागौर खरीफ 2026: मूंग और बाजरा की बुवाई का कृषि विभाग ने तय किया लक्ष्य

Last Updated:June 20, 2026, 06:31 IST

Nagaur Kharif Crop 2026: नागौर जिले में खरीफ सीजन 2026 के लिए कृषि विभाग ने 8.32 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य रखा है. इस बार मुख्य फोकस मूंग, बाजरा और ग्वार पर रहेगा. जिले में सर्वाधिक 4.44 लाख हेक्टेयर में दलहनी फसलें बोई जाएंगी, जिसमें अकेले मूंग का रकबा 4.10 लाख हेक्टेयर होगा. मेड़तासिटी उप जिले के लिए 4.26 लाख हेक्टेयर और डेगाना उप जिले के लिए 4.05 लाख हेक्टेयर क्षेत्र निर्धारित किया गया है. संयुक्त निदेशक कृषि कार्यालय ने अधिकारियों को क्षेत्रवार निगरानी और नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं.

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नागौर. नागौर जिले में आगामी खरीफ सीजन-2026 को लेकर कृषि विभाग ने अपनी व्यापक तैयारियां पूरी करते हुए बुवाई का एक विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया है. मानसून के समय पर आगमन की प्रबल संभावना के बीच जिले के किसानों की नजरें अब अपने खेतों और बदलते मौसम के मिजाज पर टिकी हुई हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने इस बार नागौर जिले में कुल 8 लाख 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है. विभाग द्वारा जारी आधिकारिक योजना के अनुसार इस बार मूंग, बाजरा और ग्वार जैसी पारंपरिक फसलों के उत्पादन पर विशेष जोर दिया जाएगा. चूंकि जिले की कृषि मुख्य रूप से पूरी तरह वर्षा आधारित है, इसलिए मानसून की स्थिति ही खरीफ सीजन की वास्तविक सफलता और उत्पादन की दिशा तय करेगी.

संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में मेड़तासिटी और डेगाना उप जिलों के लिए अलग-अलग बुवाई के लक्ष्य तय किए गए हैं. उच्च कृषि अधिकारियों ने मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे क्षेत्रवार योजना बनाकर नियमित रूप से साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें. विभाग का यह दृढ़ता से मानना है कि यदि इस वर्ष समय पर और पर्याप्त वर्षा होती है तो दलहन तथा मोटे अनाजों का उत्पादन उल्लेखनीय रूप से बढ़ सकता है. इसी सकारात्मक संभावना को देखते हुए दलहनी फसलों का कुल रकबा इस बार के कुल बुवाई लक्ष्य का सबसे बड़ा हिस्सा रखा गया है जिससे किसानों को भी अच्छा मुनाफा मिल सके.

मूंग होगी नागौर जिले की सबसे बड़ी खरीफ फसलकृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार नागौर जिले में कुल 4 लाख 44 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में केवल दलहनी फसलों की बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसमें से अकेले 4 लाख 10 हजार हेक्टेयर में केवल मूंग की खेती प्रस्तावित की गई है, जो इस बार पूरे जिले की सबसे बड़ी खरीफ फसल साबित होगी. इसके अलावा 32 हजार हेक्टेयर में मोठ तथा लगभग 2 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में चोला की बुवाई की जाएगी. वहीं दूसरी ओर अनाज वर्ग की फसलों के लिए कुल 1 लाख 87 हजार हेक्टेयर क्षेत्र निर्धारित किया गया है, जिसमें 1 लाख 55 हजार हेक्टेयर में बाजरा तथा करीब 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ज्वार की व्यापक खेती की जाएगी.

मेड़तासिटी और डेगाना उप जिलों के बुवाई आंकड़ेमेड़तासिटी उप जिले की बात करें तो यहाँ कुल 4 लाख 26 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य तय किया गया है. यहाँ सबसे ज्यादा 2 लाख 10 हजार हेक्टेयर में मूंग, 75 हजार हेक्टेयर में बाजरा, 50 हजार हेक्टेयर में ग्वार, 47 हजार हेक्टेयर में कपास, 16 हजार हेक्टेयर में मूंगफली, 15 हजार हेक्टेयर में मोठ तथा 10 हजार हेक्टेयर में ज्वार की खेती प्रस्तावित है. इसके अलावा 1200 हेक्टेयर में तिल और 1700 हेक्टेयर में अन्य फसलें बोई जाएंगी. वहीं डेगाना उप जिले में कुल 4 लाख 5 हजार 100 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य रखा गया है जहाँ 2 लाख हेक्टेयर में मूंग, 80 हजार हेक्टेयर में बाजरा, 60 हजार हेक्टेयर में ग्वार, 22 हजार हेक्टेयर में ज्वार, 17 हजार हेक्टेयर में मोठ, 15 हजार हेक्टेयर में कपास तथा 7 हजार हेक्टेयर में मूंगफली की खेती की जाएगी. कुल मिलाकर खरीफ-2026 में जिले की कृषि रणनीति का मुख्य केंद्र दलहन और मूंग की खेती ही रहेगी.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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