Entertainment

‘राख’ का खूंखार साइको किलर, असल जिंदगी के डरावने अनुभवों ने की मदद, बताया कैसे की किरदार के लिए तैयारी

Last Updated:June 20, 2026, 07:17 IST

अली फजल की वेब सीरीज ‘राख’ इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रही है. इसमें खूंखार साइकोपैथ विलेन बाबू का किरदार निभाने वाले आकाश मखीजा की एक्टिंग की जमकर तारीफ हो रही है. इस किरदार को कैमरे के सामने जीवंत करने के लिए आकाश ने अपनी असल जिंदगी के डरावने अनुभवों का सहारा लिया. उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्होंने अपने आसपास जो हिंसक और आक्रामक माहौल देखा था, उसी ने उन्हें इस खतरनाक किरदार की मानसिकता को समझने और इसे पर्दे पर जीवंत करने में मदद की.

नई दिल्ली. अली फजल की नई वेब सीरीज ‘राख’ इन दिनों दर्शकों के बीच काफी चर्चा बटोर रही है. इस क्राइम-थ्रिलर में आकाश मखीजा ने खूंखार साइकोपैथ विलेन बाबू का किरदार निभाया है, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं. अब एक्टर ने बताया कि उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण रोल के लिए कैसे तैयार की थी.

आईएएनएस से बातचीत में आकाश मखीजा ने खुलासा किया कि इस साइको किलर के किरदार की बारीकियों को समझने के लिए उन्होंने अपने असल जीवन के कुछ अनुभवों का सहारा लिया. उन्होंने बताया, ‘मेरे किरदार की सबसे खास बात यह है कि वह खुद को दुनिया का केंद्र मानता है. उसे लगता है कि बाकी लोग उसकी कहानी में सिर्फ छोटे-छोटे किरदार हैं.’

आकाश मखीजा ने बताया, ‘वह अपने अनुसार चीजों को काबू करना चाहता है और अगर उसे कुछ नहीं मिलता, तो वह उसे जबरदस्ती हासिल करने की सोच रखता है. यह किरदार बेहद खतरनाक मानसिकता वाला है, जिसे निभाना एक चुनौतीपूर्ण अनुभव था. मैंने इस किरदार को निभाते समय कभी भी उसके प्रति सहानुभूति नहीं रखी. अगर कोई एक्टर ऐसे नकारात्मक किरदार को सही तरीके से निभाना चाहता है, तो उसे किरदार के साथ भावनात्मक जुड़ाव नहीं रखना चाहिए. मैंने इसे केवल एक भूमिका के रूप में देखा और पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश की, ताकि किरदार का असली प्रभाव दर्शकों तक पहुंच सके.’

Add as Preferred Source on Google

आकाश मखीजा का कहना है कि इस तरह के किरदार निभाने के लिए मानसिक रूप से बहुत मजबूत होना जरूरी होता है, क्योंकि इसमें हिंसक पहलुओं को समझना पड़ता है. उन्होंने कहा, ‘मुझे इस किरदार को समझने में ज्यादा दिक्कतें नहीं आई, क्योंकि स्क्रिप्ट में इसे बहुत स्पष्ट तरीके से लिखा गया था, जब कहानी और किरदार का लेखन मजबूत होता है, तो कलाकार को ज्यादा अनुमान लगाने की जरूरत नहीं पड़ती. सब कुछ पहले से ही शब्दों में मौजूद होता है’.

इंटरव्यू के दौरान आकाश ने अपने स्कूल के दिनों को भी याद किया. उन्होंने बताया, ‘मैंने एक सरकारी बॉयज स्कूल में पढ़ाई की है, जहां माहौल काफी सख्त और कभी-कभी हिंसक भी होता था. बचपन में मैंने अपने आसपास कई ऐसी घटनाएं देखीं, जिनमें बच्चों के बीच झगड़े और आक्रामक व्यवहार आम बात थी.’

उन्होंने बताया, ‘एक बार मुझे स्कूल के दौरान कुछ लड़के एक-दूसरे को ज्योमेट्री बॉक्स के टूल्स से नुकसान पहुंचाते दिखे. उस समय इस तरह की घटनाएं सामान्य लगती थीं, लेकिन बाद में जब मैंने जिंदगी को अलग नजरिए से देखा, तब समझ आया कि वह माहौल कितना मुश्किल था.’

आकाश ने कहा, ‘मैंने अपने बचपन में और भी कई ऐसी घटनाएं देखी हैं, जिन्हें मैं बताना नहीं चाहता. उस समय का माहौल काफी अलग था और कई बार बच्चों के बीच का व्यवहार बहुत आक्रामक हो जाता था. समाज में भी ऐसे लोग और परिस्थितियां मौजूद होती हैं, जिनसे ऐसे किरदारों की प्रेरणा मिलती है.’

एक्टर ने आगे कहा, ‘वेब सीरीज और फिल्मों में दिखाए जाने वाले ऐसे किरदार पूरी तरह काल्पनिक नहीं होते, बल्कि कहीं न कहीं वास्तविक जीवन की झलक भी दिखाते हैं. इसी अनुभव ने मुझे राख सीरीज में अपने किरदार को ज्यादा वास्तविक और प्रभावशाली बनाने में मदद की.’ मालूम हो कि ‘राख’ सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम के लिए अवेलेबल है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj