Maharashtra TET Paper Leak Bihar Connection: संजीव मुखिया ने लीक करवाया महाराष्ट्र TET का पेपर? बिहार पहुंची पुलिस, बिजेंद्र गुप्ता की तलाश!

नई दिल्ली (Maharashtra TET Paper Leak Bihar Connection). नीट पेपर लीक कांड की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा पेपर लीक मामले ने देश के एजुकेशन सिस्टम को हिलाकर रख दिया है. महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब ठाणे पुलिस की जांच की सुई घूम-फिरकर बिहार पर आकर टिक गई. इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड बिहार का रहने वाला एक पुराना खिलाड़ी बताया जा रहा है, जिसका नाम नीट पेपर लीक कांड में भी था.
2024 के नीट घोटाले के तार बिहार से जुड़े थे. नालंदा के कुख्यात संजीव मुखिया का नाम तब देशभर में गूंजा था. अब महाराष्ट्र टीईटी मामले में भी जिस तरह से बिहार और दिल्ली का कनेक्शन सामने आया है, उससे लोगों को शक है कि इस खेल के पीछे भी संजीव मुखिया के नेटवर्क के ही पुराने गुर्गे एक्टिव हैं. जांच एजेंसियां इस बात को खंगालने में जुट गई हैं कि क्या महाराष्ट्र की टीईटी परीक्षा में सेंध लगाने वाला यह गिरोह उसी ‘नालंदा-समस्तीपुर’ वाले सिंडिकेट का हिस्सा है.
परीक्षा कोई भी हो, बिहार से जुड़ जाते हैं तार!
भारत में जब भी कोई बड़ा पेपर लीक होता है तो उसका कोई न कोई सिंडिकेट बिहार से जरूर जुड़ जाता है. 2024 के नीट यूजी घोटाले में नालंदा के संजीव मुखिया का नाम आया था. संजीव मुखिया का नेटवर्क इतना मजबूत था कि वह अलग-अलग राज्यों के प्रिंटिंग प्रेस से लेकर कूरियर कंपनियों तक में सेंध लगा लेता था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र TET परीक्षा (जो 28 जून को होनी थी) के ठीक 1 दिन पहले जो पेपर लीक हुआ, उसके तार समस्तीपुर के रहने वाले बिजेंद्र गुप्ता से प्रमुखता से जुड़ रहे हैं.
संजीव मुखिया और बिजेंद्र गुप्ता के बीच क्या कनेक्शन है?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेपर लीक कांड में बिजेंद्र गुप्ता नया नाम नहीं है. इसी शख्स ने नीट घोटाले के बाद दावा किया था कि संजीव मुखिया का नेटवर्क बेहद तगड़ा है और यह खेल कभी रुकने वाला नहीं है. बिजेंद्र करीब 25 सालों से ओडिशा, मध्य प्रदेश और बिहार की परीक्षाओं के पेपर लीक करने के मामलों में आरोपी रहा है. संजीव मुखिया नेटवर्क के कई गुर्गे जेल से बाहर या जमानत पर हैं. इसलिए पुलिस को पुख्ता शक है कि महाराष्ट्र का खेल भी उसी पुराने ‘सॉल्वर गैंग’ के इशारे पर दिल्ली के रास्ते खेला गया है.
दिल्ली से ठाणे और फिर बिहार का ‘फ्लाइट रूट’
ठाणे पुलिस ने जिन 3 आरोपियों (राजीव और आकाश बिहार से, धीरज हरियाणा से) को गिरफ्तार किया है, वे बकायदा दिल्ली से फ्लाइट पकड़कर 1.5 करोड़ रुपये की डील करने ठाणे पहुंचे थे. उनके पास से TET परीक्षा के ओरिजिनल पेपर के 4 सेट मिले. पुलिस सूत्रों की मानें तो इन गुर्गों को पेपर की सप्लाई दिल्ली में बैठे इसी सिंडिकेट ने की थी, जिसका बैकएंड सीधे बिहार से ऑपरेट हो रहा था. पुलिस की एक टीम इस समय बिहार में डेरा डाले हुए है, जिससे इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के मुख्य सरगना को दबोचा जा सके.
क्या पेपर लीक का नेक्सस कभी खत्म होगा?
संजीव मुखिया भले ही पहले सलाखों के पीछे जा चुका हो, लेकिन उसका फैलाया हुआ ‘लूपहोल नेटवर्क’ आज भी जिंदा है. जब तक मजबूत इमिग्रेशन और प्रिंटिंग प्रेस सिक्योरिटी पर सख्त कदम नहीं उठाए जाते, तब तक ये गैंग ‘जेल से बेल और बेल से फिर खेल’ का सिलसिला जारी रखेंगे. महाराष्ट्र सरकार की तरफ से गठित एसआईटी (SIT) के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वह बिहार पुलिस के साथ मिलकर इस सिंडिकेट की रीढ़ की हड्डी को हमेशा के लिए तोड़ दे.



