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Monsoon Construction Tips: बारिश के मौसम में घर बना रहे हैं? ये छोटी-सी गलती बढ़ा सकती है लाखों का नुकसान

Last Updated:July 02, 2026, 14:35 IST

Rainy Season House Construction: अगर आप बारिश के मौसम में मकान निर्माण की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है. विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में निर्माण कार्य के कुछ फायदे भी हैं. इस दौरान प्राकृतिक नमी के कारण कंक्रीट और सीमेंट की क्योरिंग बेहतर हो सकती है, जिससे निर्माण की मजबूती बढ़ती है. हालांकि लगातार बारिश होने पर नींव में पानी भरना, निर्माण सामग्री का खराब होना, काम में देरी और मजदूरों की उपलब्धता जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं. इसलिए निर्माण स्थल पर उचित जल निकासी की व्यवस्था, सीमेंट और लोहे जैसी सामग्री को सुरक्षित व सूखी जगह पर रखना तथा मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार काम की योजना बनाना जरूरी है.

आमतौर पर लोग यह मानते हैं कि मकान निर्माण के लिए गर्मी या सर्दी का मौसम सबसे बेहतर होता है, जबकि बरसात में निर्माण कार्य करना नुकसानदायक हो सकता है. हालांकि, निर्माण विशेषज्ञों के अनुसार यदि सही योजना और आवश्यक सावधानियों के साथ काम किया जाए तो बारिश का मौसम भी मकान निर्माण के लिए कई मायनों में फायदेमंद साबित हो सकता है.

मकान निर्माण के विशेषज्ञ बताते हैं कि बरसात के दौरान जमीन की वास्तविक स्थिति का आसानी से पता चल जाता है. यदि प्लॉट में कहीं पानी भरने, जल निकासी की समस्या या मिट्टी धंसने जैसी परेशानी है तो उसका पता निर्माण के शुरुआती चरण में ही चल जाता है.

इससे समय रहते उचित समाधान किया जा सकता है और भविष्य में मकान को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है. साथ ही बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बनी रहने के कारण कंक्रीट और सीमेंट की प्राकृतिक क्योरिंग (तराई) बेहतर होती है. इससे निर्माण की मजबूती बढ़ सकती है.

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हालांकि, लगातार तेज बारिश होने पर कंक्रीट डालने और ईंट की चिनाई जैसे कार्यों को रोक देना चाहिए, क्योंकि अधिक पानी सीमेंट के अनुपात को बिगाड़ सकता है और निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है.

इस मौसम में निर्माण के दौरान सबसे जरूरी बात यह है कि सीमेंट, सरिया और अन्य निर्माण सामग्री को बारिश से पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए. सीमेंट को हमेशा सूखी और ऊंची जगह पर रखें तथा प्लास्टिक शीट या तिरपाल से अच्छी तरह ढककर रखें.

इसी तरह ईंट, रेत और गिट्टी को भी इस प्रकार रखें कि उनमें अत्यधिक पानी जमा न हो.<br />विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नींव की खुदाई के बाद यदि बारिश की संभावना हो तो गड्ढों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए.

बारिश के मौसम में मजदूरों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए. फिसलन, बिजली के उपकरणों का सुरक्षित उपयोग और ऊंचाई पर काम करते समय सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल अनिवार्य होना चाहिए. खराब मौसम में जल्दबाजी में काम कराने के बजाय मौसम साफ होने का इंतजार करना बेहतर रहता है.

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