Entertainment

धर्मेंद्र की फिल्म वो सीन, अमिताभ बच्चन ने किया कॉपी, बनी आइकॉइक मूवी, ताबड़तोड़ छापे पैसे

Last Updated:July 06, 2026, 12:58 IST

70 के दशक में मशहूर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर यश चोपड़ा ने एक ऐसी फिल्म का डायरेक्शन किया जिसमें अमिताभ बच्चन की एंग्री यंग मैन की छवि को भुनाया. इसी आइकॉनिक फिल्म से अमिताभ बच्चन सुपर स्टार बने. यह फिल्म हिंदी सिनेमा की 100 बेस्ट फिल्मों में शामिल है. हम बात कर रहे हैं 24 जनवरी 1975 को रिलीज हुई मूवी ‘दीवार’ की जिसके डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर रटे हुए हैं. ‘दीवार’ फिल्म में अमिताभ बच्चन का गोदाम में एक फाइट सीन था जिसमें वो गुंडों से कहते हैं, ‘तुम लोग मुझे ढूंढ रहे हो, मैं तुम्हारा यहां इंतजार कर रहा हूं.’ अमिताभ बच्चन से पहले यह आइकॉनिक सीन धर्मेंद्र की 1973 की फिल्म में नजर आया था. धर्मेंद्र की मूवी भी मैसिव हिट रही थी. आइये जानते हैं दोनों फिल्मों से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स……

बॉलीवुड का साल 1973 कई मायने में खास है. इसी साल बॉलीवुड को अमिताभ बच्चन के रूप में ‘एंग्री यंगमैन’ मिला. अगर अमिताभ बच्चन के स्टारडम का सूरज इसी साल उदय हुआ तो ‘ही मैन’ धर्मेंद्र स्टारडम के पीक पर थे. इस साल उनकी एक से बढ़कर एक फिल्में आईं. उनकी चार फिल्में हिट रहीं. धर्मेंद्र पूरी तरह से छाए रहे. एक्शन हीरो धर्मेंद्र के स्टारडम का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी फिल्म का एक सीन आगे चलकर अमिताभ ने हुबहू कॉपी किया. अमिताभ की यह फिल्म आइकॉनिक साबित हुई. वो सीन भी आइकॉनिक बन गया. धर्मेंद्र की उस फिल्म का नाम ‘कहानी किस्मत की’था, जिससे यह सीन कॉपी किया गया.

‘रफ्ता रफ्ता देखो आंख मेरी लड़ी है’ किशोर कुमार की जादुई आवाज में गाना सुनते ही धर्मेंद्र-रेखा की ऑनस्क्रीन मस्ती नजर को सामने आने लगती है. गाना ‘कहानी किस्मत की’ फिल्म का है जिसकी स्टोरी केए नारायण ने लिखी थी. स्क्रीनप्ले अर्जुन हिंगोरानी ने लिखा था. डायलॉग एसएम अब्बास ने लिखे थे. गीतकार राजेंद्र कृष्ण और संगीतकार कल्याण जी आनंद जी थे. निर्माता-निर्देशक अर्जुन हिंगोरानी थे. ‘कब क्यों और कहां’ की तरह इस फिल्म के प्रजेंटेटर धर्मेंद्र और कल्याण जी -आनंद जी थे.

मजेदार बात यह है कि केए नारायण की यह स्टोरी प्रकाश मेहरा के पास थी. धर्मेंद्र ने प्रकाश मेहरा से यह स्टोरी अर्जुन हिंगोरानी की दी थी. फिल्म की सिर्फ कहानी अच्छी थी, स्क्रीनप्ले-डायरेक्शन बहुत ही साधारण था. फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक बहुत अच्छा था.

Add as Preferred Source on Google

फिल्म का एक गाना तब से लेकर आज तक हिट है. वो है : रफ्ता रफ्ता देखो आंख मेरी लड़ी है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म में भी धर्मेंद्र चोर बने थे. धर्मेंद्र की वजह से फिल्म अच्छी चल गई. फिल्म का बजट 1 करोड़ जबकि कलेक्शन 2.7 करोड़ रुपये था. यह एक हिट फिल्म साबित हुई थी.

‘कहानी किस्मत की’ फिल्म में धर्मेंद्र का एक फाइट सीन था जिसे आगे चलकर दीवार फिल्म में कॉपी किया गया. दोनों ही फिल्मों का फाइट सीन गोदाम में फिल्माया गया था. ‘कहानी किस्मत की’ फिल्म में धर्मेंद्र गोदाम में घुसते हैं, दरवाजा बंद करके ताला लगाते हैं और चाभी अपने पास रख लेते हैं. फिर फाइट शुरू होती है. यह एक क्लासिक फाइट सीन था जिसमें हीरो अपने दुश्मनों को एक सीमित जगह में बंद करके मारपीट करता है. इससे लड़ाई और भी इंटेस हो जाती है.

आगे चलकर 1975 में आई अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘दीवार’ में भी इसी तरह का फाइट सीन देखने को मिला था. दीवार मूवी में अमिताभ बच्चन ‘कहानी किस्मत की’ तरह गोदाम में घुसते हैं. दरवाजा बंद करके ताला लगाते हैं और चाभी अपने पास रखने की बजाय विलेन की तरफ फेंक देते हैं. वो चुनौती देते हुए कहते हैं कि वो चाभी विलेन की जेब से निकालकर ही बाहर निकलेंगे. ‘दीवार’ फिल्म का यह सीन आइकॉनिक बन गया. इस सीन ने अमिताभ बच्चन की एंग्री यंगमैन वाली छवि को और मजबूती दी. उनके स्टारडम को चार चांद लगाए. ‘कहानी किस्मत में’ धर्मेंद्र ने विलेन को चैलेंज तो दिया लेकिन चाभी अपने पास रखी जबकि ‘दीवार’ में अमिताभ बच्चन ने चाभी विलेन को दी और खुला चैलेंज दिया.

‘दीवार’ फिल्म की स्टोरी सलीम-जावेद ने लिखी थी. मूवी मुंबई के अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान की लाइफ से इन्स्पायर्ड मानी जाती है. फिल्म के सीन-कहानी और हाजी मस्तान की लाइफ में समानताएं हैं. मझगांव डाकयार्ड में हाजी मस्तान ने भी कुली के तौर पर अपनी जिंदगी की शुरुआत की थी. फिर पठान गैंग के खिलाफ मोर्चा लिया था. ‘दीवार’ फिल्म में अमिताभ बच्चन विजय वर्मा के किरदार में यही सब करते हैं.

सबसे मजेदार बात यह है कि फिल्म के प्रीमियर के दौरान सबने इसे फ्लॉप करार दिया था लेकिन जब मूवी सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो इतिहास रच दिया. 100 हफ्तों तक चलने वाली इस फिल्म ने 4.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. 1975 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में यह चौथे नंबर पर थी. वैसे प्रोड्यूसर गुलशन राय इस फिल्म को राजेश खन्ना के साथ बनाना चाहते थे लेकिन सलीम-जावेद ने अमिताभ को लेने की जिद की थी. ‘दीवार’ को हिंदी सिनेमा की आइकॉनिक फिल्म माना जाता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj