Rajasthan

Shailesh Lodha | उम्मेद भवन में गूंजी शहनाई! शैलेश लोढ़ा की बेटी की रॉयल वेडिंग में सितारों का जमावड़ा

Last Updated:July 07, 2026, 14:22 IST

Shailesh Lodha Daughter Wedding : शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा लोढ़ा ने शाश्वत से उम्मेद भवन पैलेस में शादी की. बाबा रामदेव, विक्की कौशल, कुमार विश्वास, सुधीर चौधरी समेत कई हस्तियां शामिल हुईं. पूरे उम्मेद भवन पैलेस को दुल्हन की तरह सजाया गया था. रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते महल का नजारा देखते ही बन रहा था. मेहमानों के स्वागत के लिए महल के बाहर सजे-धजे घोड़े, ऊंट और पारंपरिक नगाड़ों की गूंज ने राजशाही माहौल तैयार कर दिया.

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जोधपुर. जोधपुर का ऐतिहासिक उम्मेद भवन पैलेस सोमवार देर रात एक बार फिर शाही शादी का गवाह बना, जब देश के सुप्रसिद्ध कवि, लेखक और अभिनेता शैलेश लोढ़ा की बेटी एवं लेखिका स्वरा लोढ़ा ने सिंगापुर के बैंकिंग सेक्टर में कार्यरत शाश्वत के साथ अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए. तीन दिनों तक चले इस भव्य विवाह समारोह का समापन राजस्थानी परंपराओं, शाही अंदाज और सांस्कृतिक रंगों के बीच हुआ. इससे पहले मेहंदी, संगीत, साफाबंदी, बारात और वरमाला जैसी सभी रस्में पूरे उत्साह के साथ संपन्न हुईं, जिनमें परिवार और मेहमानों ने जमकर आनंद लिया.

इस शाही विवाह समारोह में साहित्य, कला, मीडिया और आध्यात्मिक जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हुईं. योग गुरु बाबा रामदेव, अभिनेता विक्की कौशल, कवि कुमार विश्वास और वरिष्ठ टीवी एंकर सुधीर चौधरी सहित अनेक विशिष्ट अतिथि जोधपुर पहुंचे और नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं. समारोह में शहर के कई गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे. वहीं शैलेश लोढ़ा अपने कवि मित्रों के साथ पूरे उत्साह में नजर आए. गोविंदा के लोकप्रिय गीत ‘मैं जोरू का गुलाम बनकर रहूंगा…’ पर पत्नी डॉ. स्वाति लोढ़ा के साथ उनका डांस सोशल मीडिया पर भी खूब पसंद किया गया. संगीत समारोह में पंजाबी गीतों, ढोल की थाप और गायक सुदेश भोसले की शानदार प्रस्तुतियों ने माहौल को यादगार बना दिया.

राजशाही ठाठ, रोशनी और आतिशबाजी ने जीता दिलपूरे उम्मेद भवन पैलेस को दुल्हन की तरह सजाया गया था. रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते महल का नजारा देखते ही बन रहा था. मेहमानों के स्वागत के लिए महल के बाहर सजे-धजे घोड़े, ऊंट और पारंपरिक नगाड़ों की गूंज ने राजशाही माहौल तैयार कर दिया. दूल्हे की बारात भी शाही अंदाज में निकली, जिसमें हाथी, ऊंट, घोड़े और पारंपरिक वाद्य यंत्र आकर्षण का केंद्र रहे. वरमाला और फेरों के दौरान हुई भव्य आतिशबाजी ने पूरे समारोह की भव्यता में चार चांद लगा दिए.

सादगी और परंपराओं से सजी रही रॉयल वेडिंगस्वरा लोढ़ा हमेशा से लाइमलाइट से दूर रहकर साहित्य और लेखन से जुड़ी रही हैं. अपनी मां डॉ. स्वाति लोढ़ा की तरह उन्होंने भी सादगी और संस्कारों को प्राथमिकता दी है. यही वजह रही कि पूरे समारोह में शाही भव्यता के साथ पारिवारिक अपनापन और भारतीय परंपराओं की झलक भी साफ दिखाई दी. तीन दिनों तक चले इस रॉयल वेडिंग सेलिब्रेशन ने न सिर्फ मेहमानों को यादगार पल दिए, बल्कि जोधपुर के ऐतिहासिक उम्मेद भवन पैलेस में आयोजित इस भव्य शादी को भी यादगार बना दिया.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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