क्रिकेट इतिहास का वो महा-रिकॉर्ड, जो 114 साल से है अटूट, एक ही मैच और एक ही दिन में दो हैट्रिक!

Last Updated:July 07, 2026, 14:47 IST
ऑस्ट्रेलिया के लेग-स्पिनर जिम्मी मैथ्यूज ने आज से लगभग 114 साल पहले एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया था, जो न तो उसके बाद कभी दोबारा देखा गया और न ही शायद भविष्य में कभी टूटेगा.जिम्मी मैथ्यूज ने 1912 में एक ही मैच और एक ही दिन में सी दो हैट्रिक
नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट के 140 से अधिक वर्षों के समृद्ध इतिहास में कई ऐसे रिकॉर्ड बने हैं, जिन्हें देखकर दांतों तले उंगली दबाने को दिल करता है लेकिन क्या आप एक ऐसे करिश्मे की कल्पना कर सकते हैं, जहां एक ही टेस्ट मैच में, और वो भी सिर्फ एक ही दिन के भीतर, कोई गेंदबाज दो बार हैट्रिक ले ले? सुनने में यह किसी फंतासी या जादुई कहानी जैसा लगता है, लेकिन क्रिकेट की किताबों में दर्ज यह एक ऐतिहासिक हकीकत है. ऑस्ट्रेलिया के लेग-स्पिनर जिम्मी मैथ्यूज ने आज से लगभग 114 साल पहले एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया था, जो न तो उसके बाद कभी दोबारा देखा गया और न ही शायद भविष्य में कभी टूटेगा.
यह बात साल 1912 की है, जब इंग्लैंड की धरती पर पहली और आखिरी बार ‘त्रिकोणीय टेस्ट टूर्नामेंट’ खेला जा रहा था. इस अनोखे टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और मेजबान इंग्लैंड की टीमें हिस्सा ले रही थीं. 27 मई 1912 को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबला शुरू हुआ. मैच के दूसरे दिन यानी 28 मई 1912 को वो हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. जिम्मी मैथ्यूज नाम के इस ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर ने अपनी जादुई फिरकी से दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी क्रम को मटियामेट कर दिया.
पहली पारी का सनसनीखेज अंत
ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 448 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम मजबूत स्थिति में दिख रही थी, लेकिन फिर जिम्मी मैथ्यूज आक्रमण पर आए. दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी के 8वें विकेट के रूप में चार्ल्स लेवेलिन आउट हुए. इसके बाद मैथ्यूज ने क्रीज पर आए नए बल्लेबाज रेगी श्वाज को अपनी ही गेंद पर कैच आउट कर दिया अगली ही गेंद पर उन्होंने अल्बर्ट वो गलर को विकेटकीपर बारलो के हाथों कैच कराकर अपनी पहली हैट्रिक पूरी की. दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी महज 265 रनों पर सिमट गई.
एक ही दिन में दोबारा इतिहास रच दिया
ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को फॉलोऑन देने का फैसला किया. दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी में भी मैथ्यूज का कहर जारी रहा. इसी दिन यानी 28 मई को ही, दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी के दौरान मैथ्यूज ने एक बार फिर गेंद संभाली. इस बार उन्होंने दूसरी पारी के पांचवें विकेट के रूप में सलामी बल्लेबाज रोलैंड ब्यूमोंट को बोल्ड किया. इसके बाद अगली गेंद पर सिड पेगलर को एलबीडब्ल्यू (LBW) आउट किया. अब इतिहास रचने के लिए सिर्फ एक गेंद बची थी. क्रीज पर आए दक्षिण अफ्रीका के विकेटकीपर टॉमी वार्ड. मैथ्यूज ने गेंद फेंकी और वार्ड को अपनी ही गेंद पर कैच कर लिया. इसके साथ ही मैथ्यूज ने मैच की दूसरी और अपनी व्यक्तिगत लगातार दूसरी हैट्रिक पूरी की.
क्यों यह रिकॉर्ड है ‘अमर और अटूट’?
क्रिकेट के लंबे इतिहास में वसीम अकरम, ह्यूग ट्रंबल और स्टुअर्ट ब्रॉड जैसे महान गेंदबाजों ने अपने पूरे करियर में दो अलग-अलग मैचों में हैट्रिक लेने का कारनामा जरूर किया है लेकिन एक ही टेस्ट मैच की दोनों पारियों में हैट्रिक लेने वाले जिम्मी मैथ्यूज दुनिया के इकलौते गेंदबाज हैं. सबसे दिलचस्प बात यह है कि ये दोनों हैट्रिक एक ही दिन (28 मई) के भीतर ली गईं. आज के आधुनिक क्रिकेट में, जहां तकनीक, वीडियो एनालिसिस और बल्लेबाजों का दबदबा बढ़ चुका है, वहां किसी गेंदबाज के लिए एक हैट्रिक लेना ही जीवन भर की उपलब्धि बन जाता है. ऐसे में एक ही मैच की दोनों पारियों में तीन-तीन गेंदों पर लगातार विकेट चटकाना लगभग नामुमकिन सा नजर आता है. जिम्मी मैथ्यूज का यह महा-रिकॉर्ड क्रिकेट इतिहास के उन चुनिंदा कीर्तिमानों में शामिल है, जो समय की सीमाओं को लांघकर हमेशा अमर रहेंगे.
About the AuthorRajeev MishraAssociate editor
मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें
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