कहीं मूसलाधार बारिश तो कहीं आंधी-तूफान की चेतावनी; राजस्थान के लिए IMD का बड़ा अपडेट!

जयपुर. राजस्थान में मानसून अब और मजबूत होता दिखाई दे रहा है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 8 जुलाई को पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है. कई स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी, हालांकि वहां अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का असर अधिक रहने की संभावना है.
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 5 से 7 दिन तक प्रदेश के कई संभागों में मानसून सक्रिय बना रहेगा. लगातार हो रही बारिश से तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है. किसानों के लिए यह मौसम खरीफ फसलों की बुवाई के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है, लेकिन जिन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट है वहां खेतों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है.
7 से 9 जुलाई तक कई जिलों में अतिभारी बारिश का अलर्ट
अगले 3 से 4 दिन मानसून सक्रिय रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में 7 से 9 जुलाई के बीच भारी से अतिभारी बारिश हो सकती है. उदयपुर और कोटा संभाग सबसे अधिक प्रभावित रह सकते हैं, जबकि पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और मेघगर्जन का पूर्वानुमान है. दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने वेल मार्क लो प्रेशर सिस्टम का असर प्रदेश के मौसम पर बना हुआ है. पश्चिमी राजस्थान में भी एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. अगले दो दिनों में बीकानेर संभाग और शेष क्षेत्रों में मानसून के आगे बढ़ने के आसार हैं. मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले इलाकों में सतर्क रहने की सलाह दी है. 10 जुलाई से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है.
पूर्वी राजस्थान में 8 जुलाई का मौसम
पूर्वी राजस्थान में उदयपुर, सलूंबर, टोंक, सवाई माधोपुर समेत कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना जताई गई है. जयपुर, सीकर, दौसा, भरतपुर, कोटा, बूंदी, बारां, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और आसपास के इलाकों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है. हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
पश्चिमी राजस्थान में 8 जुलाई का मौसम
पश्चिमी राजस्थान में नागौर और पाली जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. बीकानेर, जोधपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, जालौर, बालोतरा, फलौदी और डीडवाना-कुचामन सहित कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है. बाड़मेर और जैसलमेर में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
अगले 5 से 7 दिन इन संभागों में सक्रिय रहेगा मानसून
मानसून का सबसे ज्यादा असर उदयपुर, कोटा, अजमेर, जयपुर और भरतपुर संभाग में देखने को मिल सकता है. इसके अलावा जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई जिलों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने के संकेत हैं. लगातार सक्रिय मानसून के कारण कई स्थानों पर रोजाना बारिश के दौर बन सकते हैं.
इन जिलों में भारी और अतिभारी बारिश का अलर्ट उदयपुरसलूंबरसवाई माधोपुरनागौरपाली
अन्य कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है.
राजस्थान के 38 जिलों के लिए आईएमडी अलर्ट
उदयपुर, सलूंबर में अतिभारी बारिश की चेतावनी
टोंक, सवाई माधोपुर, नागौर, पाली में भारी बारिश का अलर्ट
जयपुर, सीकर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, बूंदी, बारां, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ सहित अधिकांश पूर्वी जिलों में मेघगर्जन और तेज हवा
बीकानेर, जोधपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, जालौर, बालोतरा, डीडवाना-कुचामन, फलौदी सहित पश्चिमी जिलों में गरज-चमक और बारिश
अधिकांश जिलों में वज्रपात की भी संभावना बनी हुई है.
मानसून आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हैं परिस्थितियां
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मानसूनी परिस्थितियां बनी हुई हैं. लगातार नमी मिलने और बारिश का दायरा बढ़ने से मानसून की आगे की प्रगति के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है. आने वाले दिनों में राजस्थान के और अधिक हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज होने की संभावना है.
तापमान की क्या स्थिति
लगातार बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण अधिकांश जिलों में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास या उससे नीचे रहने की संभावना है. रात के तापमान में भी हल्की गिरावट बनी रह सकती है. उमस जरूर महसूस होगी, लेकिन तेज गर्मी से राहत मिलेगी.
खेती के लिए कैसा रहेगा मौसम
लगातार बारिश खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल मानी जा रही है. जिन क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो चुकी है वहां किसान बुवाई का काम आगे बढ़ा सकते हैं. हालांकि भारी बारिश वाले जिलों में खेतों में पानी भरने की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा.
किन बीमारियों का खतरा
लगातार नमी और बारिश के कारण वायरल बुखार, सर्दी, खांसी, डेंगू, मलेरिया और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. खुले में रखा भोजन खाने से बचें और जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी रखें.
क्या 8 जुलाई को राजस्थान में अच्छी बारिश होगी?हां, पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना है.
किन जिलों में सबसे ज्यादा अलर्ट है?
उदयपुर और सलूंबर में अतिभारी बारिश, जबकि टोंक, सवाई माधोपुर, नागौर और पाली में भारी बारिश का अलर्ट है.
क्या अगले सप्ताह भी मानसून सक्रिय रहेगा?हां, अगले 5 से 7 दिन तक कई संभागों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है.
क्या गर्मी से राहत मिलेगी?लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान नियंत्रित रहेगा और तेज गर्मी से राहत बनी रहेगी.
किसानों के लिए क्या सलाह है?जहां पर्याप्त बारिश हो चुकी है वहां खरीफ फसलों की बुवाई शुरू की जा सकती है. भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए.



