262 जिले, 15 मंत्रालय… अल नीनो पर PMO में महाबैठक, खेती से लेकर महंगाई तक, केंद्र ने बनाया बड़ा प्लान

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अल नीनो पर PMO में महाबैठक, खेती से लेकर महंगाई तक, केंद्र ने बनाया बड़ा प्लान
Last Updated:July 07, 2026, 22:30 IST
El Nino PMO Meeting: खरीफ सीजन के दौरान अल नीनो के संभावित खतरे को देखते हुए पीएमओ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी के मिश्रा की अध्यक्षता में 15 से अधिक मंत्रालयों ने खेती, महंगाई और स्वास्थ्य से जुड़ी तैयारियों पर महामंथन किया. सरकार ने संवेदनशील 262 जिलों के लिए विशेष योजना बनाई है. इसके तहत जलाशयों के जल प्रबंधन, निर्बाध खाद्य आपूर्ति और राज्यों के साथ जिला स्तर तक कड़ा समन्वय रखने के निर्देश दिए गए हैं.पीएमओ में अहम बैठक हुई.
नई दिल्ली. खरीफ सीजन के बीच अल नीनो के संभावित खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है. प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी के मिश्रा की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में एक बेहद महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अल नीनो के कारण कृषि, अर्थव्यवस्था और आम जनता पर पड़ने वाले असर को कम करना और समय रहते ठोस कदम उठाना है. बैठक में कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, मौसम विभाग (IMD), उपभोक्ता मामले और जल संसाधन समेत 15 से अधिक मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.
मानसून की स्थिति और अल नीनो का अनुमान• देरी से दस्तक: गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मानसून करीब 10 दिन की देरी से पहुंचा था.• बारिश में सुधार: जुलाई के पहले सप्ताह में उम्मीद से बेहतर बारिश दर्ज की गई है. 7 जुलाई तक हुई इस अच्छी मानसूनी बारिश के कारण देश में वर्षा की कुल कमी घटकर अब महज 12 प्रतिशत रह गई है.• आईएमडी का आकलन: मौसम विभाग के मुताबिक, जुलाई और अगस्त के महीनों में हल्के से मध्यम स्तर का अल नीनो सक्रिय रहने की संभावना है. हालांकि, विशेषज्ञों ने साफ किया कि अल नीनो का मतलब यह कतई नहीं है कि पूरे देश में सूखा पड़ेगा या हर हिस्से में कम बारिश होगी.
262 संवेदनशील जिलों के लिए मास्टर प्लानकृषि और खाद्य आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने जिला स्तर तक कमर कस ली है. कृषि मंत्रालय ने बैठक में बताया कि देश के सबसे संवेदनशील 262 जिलों की पहचान कर उनके लिए एक विशेष आकस्मिक योजना तैयार की गई है. इसके तहत केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर हर हफ्ते बारिश की स्थिति, फसलों के पैटर्न, जलाशयों के जलस्तर, बीज-खाद की उपलब्धता और फसलों में लगने वाले कीट-रोगों की गहन समीक्षा कर रही है.
किसान कल्याण और पशुधन की सुरक्षा पर जोर1. वित्तीय सुरक्षा: ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ (PMFBY) और ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ (KCC) का दायरा तुरंत बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि विपरीत परिस्थितियों में किसानों को आर्थिक संबल मिल सके.2. चारे का प्रबंधन: पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे देश भर में मवेशियों और पशुओं के लिए चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें, ताकि डेयरी सेक्टर पर इसका कोई बुरा असर न पड़े.
स्वास्थ्य और महंगाई पर पैनी नजरबैठक में सिर्फ खेती ही नहीं बल्कि आम जनजीवन और बाजार की सुरक्षा पर भी कड़े फैसले लिए गए:• हेल्थ अलर्ट: स्वास्थ्य मंत्रालय को अत्यधिक गर्मी (लू), उमस (ज्यादा नमी) और डेंगू-मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों पर पैनी नजर रखने और राज्यों के लिए समय पर चेतावनी जारी करने को कहा गया है.• महंगाई पर लगाम: उपभोक्ता मामलों और उर्वरक मंत्रालय को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाजार में जरूरी खाद्य वस्तुओं (दाल, चीनी, तेल) और यूरिया-डीएपी जैसी खादों की पर्याप्त सप्लाई बनाए रखें ताकि कीमतों में उछाल न आए.
पीने का पानी सबसे बड़ी प्राथमिकतासरकार ने साफ किया है कि जिन जिलों में अल नीनो का खतरा सबसे ज्यादा है, वहां पीने के साफ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना, जलाशयों के पानी का विवेकपूर्ण इस्तेमाल और राज्यों के साथ पल-पल का समन्वय केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी.
About the AuthorSandeep GuptaChief Sub Editor
डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें
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