PM Modi Indonesia Visit: इंडोनेशिया में खुलेगा IIM बंगलूरू का पहला विदेशी कैंपस, जानिए क्या-क्या हुए बड़े समझौते?

Last Updated:July 07, 2026, 16:29 IST
PM Modi Indonesia Visit: भारत के एजुकशनल इंस्टीटयूट अब दुनिया में अपनी नई पहचान बना रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान ऐलान हुआ कि देश का प्रतिष्ठित IIM बंगलूरू अब इंडोनेशिया में अपना पहला विदेशी कैंपस खोलेगा. इसके साथ ही दोनों देशों ने AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्पेस रिसर्च, स्टार्टअप, स्वास्थ्य और रक्षा जैसे कई सेक्टर में बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए जो आने वाले समय में दोनों देशों के युवाओं और अर्थव्यवस्था के लिए अहम साबित होंगे…
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PM Modi, Indonesia News, PM Modi Indonesia Visit, IIM Ahmadabad: आईआईएम अहमदाबाद का कैंपस इंडोनेशिया में.
PM Modi Indonesia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा कई मायनों में खास रही. इस दौरे के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने अपने रिश्तों को नई मजबूती देने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, रक्षा, अंतरिक्ष,आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI), डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, समुद्री सुरक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे कई अहम क्षेत्रों में करीब एक दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इन समझौतों का मकसद दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करना है. जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता में इन फैसलों की जानकारी दी.
इंडोनेशिया में खुलेगा IIM बंगलूरू का कैंपस
इस यात्रा की सबसे बड़ी घोषणा भारत के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान आईआईएम बंगलूरू (IIM Bangalore) के विदेशी परिसर को लेकर हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि आईआईएम बंगलूरू अब इंडोनेशिया में अपना पहला कैंपस स्थापित करेगा.यह कैंपस इंडोनेशिया के ईस्ट जावा प्रांत के सिंघासारी स्पेशल इकोनॉमिक जोन (Singhasari Special Economic Zone) में बनाया जाएगा. यह केवल इंडोनेशिया के छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे आसियान (ASEAN) क्षेत्र के स्टूडेंटस को विश्वस्तरीय प्रबंधन शिक्षा हासिल करने का मौका देगा.प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पहल युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगी और भारत तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा देगी.
IIM अहमदाबाद के बाद अब IIM बंगलूरू की एंट्री
भारत के प्रबंधन संस्थानों का वैश्विक विस्तार लगातार बढ़ रहा है. इससे पहले आईआईएम अहमदाबाद ने पिछले वर्ष दुबई में अपना पहला विदेशी परिसर शुरू किया था. अब आईआईएम बंगलूरू भी इंडोनेशिया में अपना कैंपस खोलकर इस दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है.
AI, टेलीकॉम और क्या-क्या?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी तकनीक की सदी है और भारत तथा इंडोनेशिया दोनों ही युवा आबादी वाले देश हैं. दोनों देशों के युवाओं में तकनीक को अपनाने और उसमें इनोवेशन करने की क्षमता है.इसी को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों ने एआई(AI), टेलीकम्युनिकेशन (Telecommunications) और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का समझौता किया है. इसके अलावा दोनों देशों ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने और इनोवेशन को बढ़ावा देने पर भी सहमति जताई है.प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन समझौतों से दोनों देशों के युवाओं को नई टेक्नोलॉजी के साथ काम करने और रोजगार के नए अवसर मिलने में मदद मिलेगी.
एग्रो-टेक्नोलॉजी पर भी मिलकर करेंगे काम
भारत और इंडोनेशिया ने कृषि क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है. दोनों देश टिकाऊ खेती (Sustainable Farming) और एग्रो-टेक्नोलॉजी से जुड़े अनुभव और बेहतर तरीकों को एक-दूसरे के साथ साझा करेंगे. इससे कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ेगा और किसानों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.भारत और इंडोनेशिया के बीच स्पेस सेक्टर में पहले से ही लंबे समय से सहयोग रहा है. अब इस साझेदारी को और मजबूत करने का फैसला लिया गया है.दोनों देशों ने संयुक्त शोध (Joint Research), टेक्नोलॉजी शेयर करने (Technology Sharing) और कैपिसिटी बिल्डिंग (Capacity Building)के सेक्टर में मिलकर काम करने पर सहमति जताई है. इससे भविष्य में अंतरिक्ष अनुसंधान और नई टेक्नोलॉजी के विकास को गति मिलने की उम्मीद है.
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए फेलोशिप
भारत और इंडोनेशिया ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य पेशेवरों का सहयोग बढ़ाया जाएगा.इस समझौते के तहत डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए विशेष फेलोशिप कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे. योग्य डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की आवाजाही को आसान बनाया जाएगा.साथ ही भारत, इंडोनेशिया के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण तथा क्षमता विकास में भी सहयोग करेगा.इस पहल से दोनों देशों की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी.दोनों देशों ने रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और के क्षेत्र में भी कई अहम समझौते किए हैं. इन समझौतों का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना, रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है.
About the AuthorDhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर
<strong>न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल</strong> में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. न्यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्सेस स्टोरी पर काम करते हैं. करीब 16 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय है. <strong>दै…और पढ़ें
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