स्मृति मंधाना ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड… 300 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली बनीं दुनिया की सबसे कम उम्र की क्रिकेटर

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मंधाना का वर्ल्ड रिकॉर्ड, 300 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली बनीं यंगेस्ट क्रिकेटर
Last Updated:July 10, 2026, 15:45 IST
smriti mandhana creat world records: स्मृति मंधाना ने लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ मैदान में उतरते ही इतिहास रच दिया. यह उनका 300वां इंटरनेशनल मैच है, जिसके साथ ही वह महिला क्रिकेट इतिहास में यह मुकाम हासिल करने वाली दुनिया की सबसे युवा खिलाड़ी बन गई हैं. वह हरमनप्रीत कौर और मिताली राज के बाद यह उपलब्धि पाने वाली तीसरी भारतीय हैं.स्मृति मंधाना ने मैदान पर उतरते ही बनाया विश्व कीर्तिमान.
नई दिल्ली. भारतीय महिला क्रिकेट की उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर कदम रखते ही इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों से दर्ज करा लिया. इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हुए इस इकलौते ऐतिहासिक टेस्ट मैच में मैदान पर उतरते ही मंधाना ने अपने इंटरनेशनल करियर का 300वां मैच खेला. यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह दुनिया की चुनिंदा खिलाड़ियों की फेहरिस्त में शामिल हो गई हैं. स्मृति मंधाना अगले हफ्ते 18 जुलाई को अपना 30वां जन्मदिन मनाने जा रही हैं. 30 साल की उम्र छूने से ठीक पहले उन्होंने यह जादुई आंकड़ा पार कर लिया. इसी के साथ वह महिला क्रिकेट के इतिहास में 300 इंटरनेशनल मैच खेलने वाली दुनिया की सबसे युवा क्रिकेटर बन गई हैं. उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि उन्होंने बहुत कम उम्र में भारतीय टीम की जिम्मेदारी संभाली और लगातार अपने शानदार प्रदर्शन से टीम को नई ऊंचाइयों पर ले गईं.
स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) विश्व क्रिकेट में इस आंकड़े तक पहुंचने वाली 12वीं महिला क्रिकेटर हैं. वहीं, अगर भारतीय महिला क्रिकेट की बात करें, तो वह यह कारनामा करने वाली तीसरी खिलाड़ी बन गई हैं. उनसे पहले सिर्फ दो भारतीय दिग्गजों ने यह मुकाम हासिल किया है, जिसमें कप्तान हरमनप्रीत कौर 374 मैचों के साथ शीर्ष पर हैं और उनके बाद महान बल्लेबाज मिताली राज का नाम आता है जिन्होंने 333 मैच खेले हैं. अब मंधाना भी 300 मैच पूरे कर इस एलीट क्लब का हिस्सा बन चुकी हैं.
स्मृति मंधाना ने मैदान पर उतरते ही बनाया विश्व कीर्तिमान.
लॉर्ड्स के मैदान पर पहली बार महिला टेस्टयह मुकाबला सिर्फ मंधाना के लिए ही नहीं, बल्कि महिला क्रिकेट के इतिहास के लिए भी बेहद खास है. इंग्लैंड की धरती पर यह कुल 56वां महिला टेस्ट मैच है, लेकिन ‘क्रिकेट के मक्का’ कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर खेला जाने वाला यह पहला महिला टेस्ट है. इससे पहले इंग्लैंड में खेले गए 55 टेस्ट मैच 19 अलग-अलग मैदानों पर आयोजित किए गए थे. इनमें से सबसे ज्यादा 9 मैचों की मेजबानी वूस्टर के काउंटी ग्राउंड ने साल 1951 से 2009 के बीच की थी, जबकि द ओवल के मैदान पर साल 1937 से 1976 के बीच 6 टेस्ट खेले गए थे. ऐसे में लॉर्ड्स पर खेला जा रहा यह मुकाबला महिला क्रिकेट के बदलते स्वरूप और बढ़ती लोकप्रियता का गवाह बन रहा है.
इंग्लैंड की धरती पर टीम इंडिया का दबदबाइंग्लैंड की मेजबानी में भारतीय महिला टीम का टेस्ट रिकॉर्ड काफी संतुलित और मजबूत रहा है. इंग्लैंड में भारत का यह कुल 10वां टेस्ट मैच है. इससे पहले खेले गए 9 मैचों में भारत ने शानदार खेल दिखाया है, जिसमें टीम को 2 मैचों में शानदार जीत मिली है जबकि बाकी बचे 7 मैच ड्रॉ पर समाप्त हुए हैं. दिलचस्प बात यह है कि भारतीय महिला टीम आज तक इंग्लैंड की धरती पर एक भी टेस्ट मैच नहीं हारी है.
अगर दोनों देशों के बीच महिला टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की बात करें तो कुल 15 मुकाबलों में भारतीय टीम का पलड़ा हमेशा भारी रहा है. इन 15 मैचों में से भारत ने 3 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि 11 मैच ड्रॉ रहे हैं. वहीं इंग्लैंड की टीम भारत के खिलाफ पूरे इतिहास में सिर्फ 1 मैच जीत सकी है, जो उन्होंने साल 1995 में जमशेदपुर में जीता था. उसके बाद से इंग्लैंड की टीम भारतीय शेरों को टेस्ट प्रारूप में मात देने के लिए तरस रही है.
इंग्लैंड ने चुनी गेंदबाजीइस ऐतिहासिक मुकाबले में इंग्लैंड की महिला टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. लॉर्ड्स की हरी और शुरुआती नमी वाली पिच पर इंग्लैंड के गेंदबाजों को शुरुआती मदद मिलने की उम्मीद है. ऐसे में भारतीय टीम की ओपनर और स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना पर अपनी इस 300वें मैच की पारी को यादगार बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी. उनके साथ कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय टीम इस इकलौते टेस्ट को जीतकर इंग्लैंड के दौरे पर अपनी बादशाहत कायम रखना चाहेगी.
स्मृति मंधाना का 300 इंटरनेशनल मैचों का यह सफर समर्पण, कड़ी मेहनत और क्लास की मिसाल है. लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर, करियर के इस पड़ाव को छूना किसी भी क्रिकेटर के लिए एक सपने जैसा होता है. मंधाना की इस उपलब्धि ने न सिर्फ भारतीय क्रिकेट का मान बढ़ाया है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नई राह भी दिखाई है. भारतीय फैंस उम्मीद करेंगे कि मंधाना इस मैच में एक बड़ी पारी जीतकर अपने इस ऐतिहासिक दिन को और भी ज्यादा यादगार बना दें.
About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर
कमलेश राय वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें
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