Rajasthan

Pushkar Nag Pahar in Sawan Monsoon | सावन में पुष्कर का नाग पहाड़

Last Updated:August 04, 2026, 16:32 IST

Pushkar Nag Pahar in Sawan Monsoon: सावन के पवित्र महीने में पुष्कर का नाग पहाड़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यह प्राचीन काल से ऋषि-मुनियों की तपोस्थली रहा है और यहां कई प्राचीन शिव मंदिर मौजूद हैं. मानसून के दौरान यहां की हरियाली, बादलों से ढकी पहाड़ियां और छोटे-छोटे झरने पर्यटकों का मन मोह लेते हैं. पहाड़ की ऊंचाई से पवित्र पुष्कर सरोवर का विहंगम नजारा दिखाई देता है. सावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना और प्रकृति का आनंद लेने पहुंचते हैं.

सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है. ऐसे में यदि आप अजमेर जिले के प्रसिद्ध तीर्थराज पुष्कर घूमने की योजना बना रहे हैं, तो पवित्र पुष्कर सरोवर और विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर के साथ नाग पहाड़ को भी अपनी यात्रा में जरूर शामिल करें. धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व से समृद्ध यह पहाड़ सावन और मानसून के मौसम में अपनी हरियाली और मनमोहक नजारों के कारण और भी आकर्षक हो जाता है. यहां पहुंचकर श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति के साथ प्रकृति की खूबसूरती का भी भरपूर आनंद ले सकते हैं.

पुष्कर का नाग पहाड़ केवल एक प्राकृतिक पहाड़ी नहीं, बल्कि प्राचीन काल से ऋषि-मुनियों की तपोस्थली के रूप में प्रसिद्ध रहा है. मान्यता है कि यहां अनेक संतों और तपस्वियों ने वर्षों तक कठोर तप और साधना की थी. इसी कारण यह स्थान धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है. आज भी नाग पहाड़ का शांत और प्राकृतिक वातावरण श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है और ध्यान-साधना के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करता है.

नाग पहाड़ पर कई प्राचीन मंदिर स्थित हैं, जिनमें भगवान शिव के मंदिर श्रद्धालुओं की विशेष आस्था का केंद्र हैं. सावन के पूरे महीने यहां दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. सुबह और शाम मंदिरों में गूंजती घंटियों की ध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और दिव्य अनुभूति का अनुभव होता है.

Add as Preferred Source on Google

सावन और मानसून के दौरान नाग पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता अपने चरम पर होती है. चारों ओर फैली हरियाली, बादलों से ढकी पहाड़ियां और ठंडी हवाएं यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का मन मोह लेती हैं. बारिश के बाद पूरा क्षेत्र मानो एक खूबसूरत प्राकृतिक पर्यटन स्थल में बदल जाता है, जहां हर ओर ताजगी, हरियाली और मनमोहक दृश्य देखने को मिलते हैं. यही वजह है कि इस मौसम में बड़ी संख्या में लोग यहां आध्यात्मिक शांति के साथ प्रकृति का आनंद लेने भी पहुंचते हैं.

मंदिरों के आसपास पहाड़ों से बहने वाले छोटे-छोटे झरने नाग पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं. झरनों की कल-कल करती मधुर ध्वनि, चारों ओर फैली हरियाली और पहाड़ों के बीच बनी प्राकृतिक पगडंडियां यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुकून का अहसास कराती हैं. मानसून के दौरान यहां का मनोहारी दृश्य और भी आकर्षक हो जाता है. फोटोग्राफी और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं, जहां हर कदम पर खूबसूरत नजारे कैमरे में कैद करने का अवसर मिलता है.

धार्मिक महत्व के साथ-साथ पुष्कर का नाग पहाड़ प्रकृति प्रेमियों और घूमने के शौकीनों के लिए भी एक पसंदीदा पर्यटन स्थल है. यहां की ऊंचाई से पवित्र पुष्कर सरोवर, विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर और पूरे पुष्कर शहर का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है. सावन और मानसून के मौसम में चारों ओर फैली हरियाली और बादलों से घिरा यह नजारा पर्यटकों को खासा आकर्षित करता है. यही कारण है कि हर वर्ष इस मौसम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक नाग पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लेने यहां पहुंचते हैं.

अगर आप इन दिनों पुष्कर की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो नाग पहाड़ को अपनी ट्रिप में जरूर शामिल करें. यहां की आध्यात्मिक शांति, प्राचीन मंदिर, प्राकृतिक झरने, चारों ओर फैली हरियाली और मानसून के मनमोहक नजारे आपकी यात्रा को यादगार बना देंगे. धार्मिक आस्था और प्रकृति का अनूठा संगम देखने के लिए नाग पहाड़ सावन के मौसम में सबसे खास स्थलों में से एक माना जाता है, जहां हर पल सुकून और सकारात्मक ऊर्जा का अहसास होता है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :

August 04, 2026, 16:32 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj