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Gardening Tips: फेंकने से पहले सोचें… नारियल के छिलके और शेल से संवारें अपना किचन गार्डन, ये है यूनिक आइडिया

Last Updated:August 03, 2026, 22:35 IST

Gardening Tips: रक्षाबंधन के बाद बचे नारियल के छिलके और शेल को बेकार समझकर फेंकने की जरूरत नहीं है. इनका इस्तेमाल किचन गार्डन में मल्चिंग, नेचुरल प्लांटर और जैविक खाद बनाने के लिए किया जा सकता है. नारियल के छिलके मिट्टी में नमी बनाए रखने, पौधों की जड़ों को फायदा पहुंचाने और गार्डन की देखभाल आसान बनाने में मदद करते हैं.

राखी यानी कि रक्षाबंधन के त्यौहार से पहले मार्केट में बड़ी संख्या में नारियल दिखाई देते हैं जिसका लोग कभी खाने में तो कभी उसका पानी पीने में इस्तेमाल करते हैं. अक्सर अगर घर में नारियल इस्तेमाल करने के बाद उसके छिलके और कठोर शेल को बेकार समझकर फेंक देते हैं.  लेकिन अब इसे फेंकने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इनमें नेचुरल रूप से नमी को लंबे समय तक बनाए रखने की कैपेसिटी होती है जो किचन गार्डन में बेहतर मानी जाती है और जिससे पौधों की जड़ों को फायदा मिलता है. यही कारण है कि आजकल कई लोग किचन गार्डन और होम गार्डन में नारियल के छिलकों का अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल कर रहे हैं.

नारियल के कठोर शेल का इस्तेमाल छोटे पौधों के लिए नेचुरल गमले की तरह भी किया जा सकता है. इसमें थोड़ी मिट्टी और खाद भरकर धनिया, पुदीना, तुलसी, पालक या अन्य छोटे पौधों के बीज लगाए जा सकते हैं. इसके अलावा शेल के नीचे छोटा छेद कर देने से अतिरिक्त पानी आसानी से निकल जाता है और पौधों की जड़ें सड़ने का खतरा कम हो जाता है. कई लोग इन शेल का उपयोग सजावटी प्लांटर के रूप में भी करते हैं, जिससे गार्डन की खूबसूरती बढ़ जाती है. अगर पौधे बड़े हो जाएं तो उन्हें बाद में बड़े गमले में आसानी से लगाया जा सकता है. इस तरह पुराने नारियल के शेल घर की सजावट और गार्डनिंग दोनों में काम आते हैं.

अगर आपके पास ज्यादा क्वांटिटी में नारियल के छिलके हैं तो उन्हें खाद बनाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर रसोई के जैविक कचरे, सूखे पत्तों और गोबर की खाद के साथ मिलाकर कम्पोस्ट तैयार किया जा सकता है. समय के साथ ये धीरे-धीरे सड़कर पौधों के लिए पोषक तत्वों से भरपूर जैविक खाद बन जाते हैं. इस खाद से मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है और उसमें मौजूद सूक्ष्म जीवों की संख्या भी बढ़ती है. रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने के लिए यह एक आसान और पर्यावरण के अनुकूल तरीका माना जाता है. इससे किचन गार्डन की मिट्टी अधिक उपजाऊ बनती है और सब्जियों की पैदावार पर भी सकारात्मक असर पड़ता है.

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नारियल के छिलकों और शेल का सही इस्तेमाल करने से किचन गार्डन की देखभाल आसान हो जाती है और घर का जैविक कचरा भी उपयोगी बन जाता है. ध्यान रखें कि इस्तेमाल करने से पहले छिलकों को अच्छी तरह साफ कर लें और यदि उनमें नमक या किसी अन्य पदार्थ का असर हो तो उन्हें पानी से धोकर सुखा लें. इसके बाद ही उन्हें गमलों या क्यारियों में उपयोग करें. समय-समय पर छिलकों की स्थिति भी देखते रहें और जरूरत पड़ने पर उन्हें बदल दें. इस आसान देसी उपाय से न केवल पौधों को बेहतर वातावरण मिलता है, बल्कि पानी की बचत, मिट्टी की सुरक्षा और प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा मिलता है.

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August 03, 2026, 22:35 IST

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