मौत से 4 दिन पहले परिवार को बुलाया, कही आखिरी इच्छा… फिर वैसा ही हुआ, ढोल-नगाड़ों पर दी विदाई

Last Updated:August 08, 2026, 14:14 IST
Banswara News: बांसवाड़ा जिले के हड़मत गांव में 90 वर्षीय बुजुर्ग वीरजी सिगाड़ा ने अपने निधन से 4 दिन पहले ही परिजनों को अपनी मौत का समय बता दिया था. उन्होंने परिजनों से मातम न मनाकर गाजे-बाजे से विदाई देने को कहा था. शुक्रवार को उनके निधन के बाद परिजनों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए अंतिम यात्रा निकाली और विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया.
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Banswara News: 90 वर्षीय बुजुर्ग ने 4 दिन पहले बता दिया था मौत का समय, ढोल-नगाड़ों से हुई अंतिम विदाई
Banswara: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से एक हैरान कर देने वाला और आस्था से जुड़ा अनोखा मामला सामने आया है. जिले के गांगड़तलाई पंचायत समिति के हड़मत गांव में एक 90 वर्षीय बुजुर्ग की अंतिम विदाई पूरे क्षेत्र में कौतूहल और चर्चा का विषय बनी हुई है. बुजुर्ग ने अपने निधन से ठीक चार दिन पहले ही परिजनों को अपनी मृत्यु का सटीक समय बता दिया था और मातम मनाने की बजाय गाजे-बाजे के साथ अंतिम संस्कार करने की इच्छा जताई थी.
जानकारी के अनुसार, हड़मत गांव निवासी 90 वर्षीय वीरजी (पुत्र भातु सिगाड़ा) ने चार दिन पहले अपने परिजनों को पास बुलाया था. उन्होंने परिवार के सदस्यों से स्पष्ट कहा था कि वह ठीक चार दिन बाद इस नश्वर संसार को त्याग देंगे. इसके साथ ही वीरजी ने अपनी अंतिम इच्छा व्यक्त करते हुए परिजनों से कहा था कि उनके जाने के बाद कोई भी रोए या मातम न मनाए, बल्कि उनकी अंतिम यात्रा को गाजे-बाजे और धूमधाम से एक उत्सव की तरह निकाला जाए.
तय समय पर सच साबित हुई बात, ढोल-नगाड़ों पर नाचे परिजनशुक्रवार को वीरजी का निधन हो गया, जिससे परिवार के लोग अचंभित रह गए क्योंकि उनकी कही बात पूरी तरह सच साबित हुई. परिजनों ने बुजुर्ग की अंतिम इच्छा का पूरा सम्मान करने का फैसला किया. निधन के बाद परिजनों ने अर्थी को कंधा दिया और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए गांव में शवयात्रा निकाली. अंतिम यात्रा में शामिल ग्रामीण और रिश्तेदार भावुक होने के बावजूद बुजुर्ग की इच्छा के मुताबिक माहौल को उत्सव जैसा बनाए रहे.
क्षेत्र में बनी कौतूहल और चर्चा की विषयगाजे-बाजे के साथ निकली यह अनोखी शवयात्रा गांव की गलियों से होते हुए स्थानीय श्मशान घाट पहुंची, जहां सनातन विधि-विधान और परंपराओं के साथ वीरजी का अंतिम संस्कार किया गया. 90 वर्षीय बुजुर्ग वीरजी की मौत की सटीक भविष्यवाणी और उनकी इच्छा के मुताबिक निकली यह विदाई यात्रा पूरे गांगड़तलाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसे लोग किसी दिव्य अनुभव और संतों जैसी सिद्धि से जोड़कर देख रहे हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Banswara,Banswara,Rajasthan
First Published :
August 08, 2026, 14:14 IST



