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Baran News: ग्रामीणों ने घास-फूस और लकड़ियों से बनाई अस्थायी कक्षा, 53 बच्चे टापरी में पढ़ने को मजबूर

Last Updated:August 08, 2026, 17:13 IST

बारां के शाहाबाद क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक स्कूल सनगवां का भवन ध्वस्त होने के बाद 53 बच्चे घास-फूस और लकड़ियों से बनी टापरी में पढ़ने को मजबूर हैं. करीब 13 साल पहले लाखों रुपए की लागत से बने भवन की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं. नए भवन की मांग को लेकर कई बार शिकायतों के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है.

Amazon Prime DayTop Deals Insideटापरी की छांव में बचपन की पढ़ाई, बारां में 53 नौनिहालों को पक्की छत का इंतजारZoom

बारां. शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक स्कूल सनगवां में स्कूल भवन ध्वस्त होने के बाद 53 बच्चे घास-फूस और लकड़ियों से बनी अस्थायी टापरी में पढ़ाई करने को मजबूर हैं. पक्की छत और सुरक्षित कक्षा-कक्ष के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. हालात यह हैं कि बारिश और खराब मौसम के दौरान विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्कूल भवन नहीं होने के कारण कुछ समय तक बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ाया जा रहा था. इसके बाद ग्रामीणों ने पहल करते हुए स्कूल परिसर में घास-फूस और लकड़ियों से अस्थायी टापरी तैयार की. टापरी के ऊपर बरसाती डालकर बच्चों के बैठने और पढ़ाई करने की व्यवस्था की गई है. हालांकि यह व्यवस्था बच्चों को धूप और बारिश से पूरी तरह सुरक्षित रखने में सक्षम नहीं है.

ग्रामीणों के अनुसार स्कूल का पक्का भवन करीब 13 साल पहले लाखों रुपए की लागत से बनाया गया था. ग्रामीण अब भवन के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं. उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके चलते भवन अपेक्षित अवधि तक टिक नहीं पाया और समय से पहले ही क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त हो गया.

53 बच्चों का नामांकन, सुरक्षित कक्ष का अभाव

वर्तमान में स्कूल में 53 बच्चों का नामांकन है, इन विद्यार्थियों के लिए स्थायी और सुरक्षित कक्षा-कक्ष उपलब्ध नहीं हैं. अस्थायी टापरी में बैठकर पढ़ाई करने के कारण बच्चों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बरसात के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई दोनों की चिंता बनी हुई है. ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि वे लंबे समय से स्कूल के लिए नए पक्के भवन की मांग कर रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार, भवन निर्माण को लेकर ग्राम पंचायत बीलखेड़ा डांग, ग्रामीण सेवा शिविर, तहसीलदार और उपखंड अधिकारी को लिखित शिकायतें भी दी जा चुकी हैं. इसके बावजूद अब तक नए भवन का निर्माण शुरू नहीं हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन का निर्माण जल्द कराया जाना जरूरी है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके. उनका कहना है कि अस्थायी टापरी किसी स्थायी स्कूल भवन का विकल्प नहीं हो सकती. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कराकर जल्द से जल्द नया पक्का भवन स्वीकृत और निर्मित कराया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रह सके.

About the AuthorMonali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

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Baran,Baran,Rajasthan

First Published :

August 08, 2026, 17:13 IST

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