Sikar News: नीमकाथाना के विवेश वर्मा को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह के अतिरिक्त निजी सचिव बने

Last Updated:August 08, 2026, 12:07 IST
नीमकाथाना के विवेश वर्मा ने एक बार फिर क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया है. वर्ष 2020 बैच के भारतीय सिविल लेखा सेवा के अधिकारी विवेश को केंद्र सरकार ने केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह के अतिरिक्त निजी सचिव के रूप में नियुक्त किया है. इससे पहले वे UPSC परीक्षा में 711वीं रैंक हासिल कर चुके हैं.
सीकर के नीमकाथाना के रहने वाले विवेश वर्मा ने एक बार फिर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है. भारत सरकार ने उन्हें केंद्रीय पंचायती राज तथा केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह के निजी स्टाफ में अतिरिक्त निजी सचिव नियुक्त किया है. विवेश वर्ष 2020 बैच के भारतीय सिविल लेखा सेवा के अधिकारी हैं. उन्हें बेहतर काम के चलते पशुपालन एवं डेयरी की जिम्मेदारी दी गई है.
विवेश की यह नियुक्ति उनकी उस मेहनत की अगली कड़ी है, जिसकी चर्चा वर्ष 2020 में नीमकाथाना से लेकर सीकर तक हुई थी. उस समय उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 711वीं रैंक हासिल की थी. अब वे केंद्र सरकार में अहम जिम्मेदारी मिलने से उनकी प्रशासनिक यात्रा को एक नई दिशा मिली है. उनकी शुरुवाती कहानी किसी फिल्मी UPSC एस्पेरेंट कहानी से कम नहीं है.
विवेश के पिता डॉ. बीडी वर्मा पूर्व प्राचार्य रहे हैं. ऐसे में उन्हें बचपन से ही शिक्षा का माहौल मिला है. उनके पिता ने बताया कि उन्होंने आरंभिक शिक्षा पूरी कर इंजीनियर की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद वे एक एक कंपनी में इंजीनियर नौकरी करने लगे. लेकिन, उन्हें वह नौकरी पसंद नहीं थी. इसके बाद विवेश ने इंजीनियर की वह नौकरी छोड़ दी और UPSC को तैयारी शुरू कर दी.
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विवेश ने बताया कि ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद उनका सपना सिविल सेवा में जाने का था. इसी दौरान कैंपस प्लेसमेंट के जरिए उन्हें दक्षिण कोरिया की एक कंपनी में इंजीनियर के रूप में काम करने का मौका मिला. नौकरी करते हुए भी उन्होंने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने यूपीएससी में सफलता हासिल की.
विवेश की शिक्षा में अचीवमेंट का सिलसिला सिविल सेवा परीक्षा तक ही सीमित नहीं रहा. उन्होंने इससे पहले 10वीं बोर्ड परीक्षा में भी मेरिट में 22वीं रैंक हासिल की थी.उन्होंने बताया था कि ग्रेजुएशन के बाद से ही उनका लक्ष्य सिविल सेवा में जाने का था. उन्होंने आरएएस मुख्य परीक्षा भी पास की थी, हालांकि, UPSC में चयन होने के बाद उन्होंने उसे प्राथमिकता नहीं दी.
उनके बड़े भाई डॉ. रविश वर्मा ने बताया कि विवेश वर्ष 2020 बैच के भारतीय सिविल लेखा सेवा के अधिकारी हैं. परिवार में विवेश सबसे छोटे हैं. उनसे बड़ी बहन और फिर बड़े भाई रविश हैं. पिता डॉ. बीडी वर्मा पूर्व एसएनकेपी कॉलेज में वर्ष 2009 से 2013 तक प्राचार्य पद पर रहे हैं, जबकि उनकी माता सावित्री देवी गृहिणी हैं.
यूपीएससी में सफलता के समय विवेश के पिता ने कहा था कि बेटे का सिविल सेवा में चयन परिवार के लिए बेहद खुशी और गर्व की बात है.विवेश परिवार में सिविल सेवा में चयनित होने वाले पहले सदस्य बने थे. अब केंद्र सरकार में नई जिम्मेदारी मिलने पर पुरानी उपलब्धियां फिर चर्चा में हैं. विवेश वर्मा की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि नीमकाथाना जैसे छोटे क्षेत्र से निकलकर उन्होंने पहले देश की सबसे कठिन सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की और अब केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे.
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August 08, 2026, 12:07 IST



