World

Colombia Earthquake Update: कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही 130 लोगों की मौत मलबे में जिंदगी की तलाश जारी

Last Updated:August 11, 2026, 06:22 IST

Colombia Eathquake Update: कोलंबिया में सोमवार का दिन एक बड़ी त्रासदी लेकर आया. यहां आए 7 मैग्नीट्यूड के भूकंप ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया, जिसमें अब तक 130 लोगों की मौत हो चुकी है. फिलहाल रेस्क्यू की टीमें मलबे में फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने में जुटी हुई हैं.

ख़बरें फटाफट

Amazon Prime DayTop Deals Insideकोलंबिया में भूकंप के बाद मलबे में जिंदगी की तलाश, 130 लोगों के शव मिलेZoomकोलंबिया में भूकंप से भारी तबाही. (रॉयटर्स)

बोगोटा: पश्चिमी कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी. तेज भूकंप की वजह से कई इमारतें ढह गईं और बड़ी संख्या में लोग मलबे के नीचे दब गए. अब तक कम से कम 130 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग जख्मी हुए बताए जा रहे हैं. भूकंप के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है. राहत और बचाव दल यहां मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं. राहत अभियान में सेना को भी लगाया गया है और सरकार ने स्थिति को देखते हुए नेशनल इमरजेंसी की घोषणा कर दी है.

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक भूकंप का केंद्र पश्चिमी कोलंबिया के चोको क्षेत्र में स्थित सैन जोसे डेल पालमार के पास था. यह करीब 4800 लोगों की आबादी वाला है, जो पहले ही काफी पिछड़ा इलाका है और राजधानी बोगोटा से लगभग 400 किलोमीटर दूर स्थित है. भूकंप का केंद्र जमीन के करीब 107 किलोमीटर नीचे था. इसके तेज झटके कोलंबिया के कई हिस्सों में महसूस किए गए. राजधानी बोगोटा में भी लोगों ने झटके महसूस किए और सुरक्षा के लिए कई लोग अपने घरों और इमारतों से निकलकर सड़कों पर आ गए.

मलबे में तब्दील हो गईं इमारते हैं. 

भूकंप इतना भयानक था कि इसका असर पड़ोसी देश इक्वाडोर में भी महसूस किया गया. भूकंप की सबसे चिंताजनक तस्वीरें अस्पतालों और सार्वजनिक इमारतों से सामने आईं. काली शहर के एक अस्पताल के बच्चों और नवजात शिशुओं के विभाग को भी नुकसान पहुंचा और कुछ हिस्से ढह गए. कई इलाकों में मकान और छोटी इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं. स्थानीय मीडिया की तस्वीरों में पेरेइरा, काली और क्विब्दो शहरों में इमारतों को गिरते हुए देखा गया. मैनिजालेस शहर में एक ऐतिहासिक न्यू गोथिक कैथेड्रल का एक टावर भी ढह गया. पेरेइरा में ही कम से कम 18 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. शहर के मेयर ने हालात को बेहद गंभीर बताया है.

मलबे में चल रही जिंदगी की तलाश

भूकंप के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे में दबे लोगों को बचाना है. राहतकर्मी भारी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से ढही इमारतों को हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं. कई परिवार अपने लापता रिश्तेदारों की जानकारी के लिए अस्पतालों और राहत केंद्रों के बाहर इंतजार कर रहे हैं. अधिकारियों को आशंका है कि मरने वालों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है.

कोलंबिया में बड़े भूकंप कितने?

कोलंबिया के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में छोटे भूकंप आते रहते हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में टेम्ब्लोर कहा जाता है. हालांकि 6.0 से ज्यादा तीव्रता वाले बड़े भूकंप अपेक्षाकृत कम आते हैं. इससे पहले 6.2 तीव्रता के एक बड़े भूकंप ने कोलंबिया में भारी तबाही मचाई थी और उस हादसे में 1,100 से ज्यादा लोगों की जान गई थी.

सरकार युद्धस्तर पर काम में लगी 

भूकंप के बाद कोलंबिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला ने सरकार की आपदा प्रतिक्रिया की कमान अपने हाथ में ली है. सेना और आपातकालीन एजेंसियों को प्रभावित इलाकों में भेजा गया है. फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को बचाने, घायलों को इलाज उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की है. भूकंप ने एक बार फिर दिखा दिया है कि कुछ ही सेकंड में एक शक्तिशाली प्राकृतिक आपदा पूरे शहर और हजारों परिवारों की जिंदगी बदल सकती है. कोलंबिया में अब राहत और बचाव अभियान के साथ-साथ आगे आने वाले झटकों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.

About the AuthorPrateeti Pandey

में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…

और पढ़ेंFirst Published :

August 11, 2026, 06:19 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj