Rajasthan

Jhunjhunu Shyam Singh Plantation Campaign

Last Updated:August 12, 2026, 06:37 IST

Jhunjhunu News: झुंझुनू के कंवरपुरा निवासी श्याम सिंह कटेवा ने पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘पौधा बचाओ, रोज कमाओ’ मुहिम शुरू की है. वे स्कूलों में पौधे लगाकर उनकी देखभाल का जिम्मा बच्चों को सौंपते हैं. पौधा संभालने वाले बच्चे को रोजाना 1 रुपया यानी साल के 365 रुपए दिए जाएंगे, जो 3 साल तक सीधे बैंक खाते में जमा होंगे. बाकरा स्कूल में 1200 पौधों से शुरू हुई यह मुहिम 36 हजार पौधों तक पहुंच रही है. पिता कैप्टन केहर सिंह की सीख से शुरू इस पहल में उत्तराखंड और हिमाचल से 8-12 फीट के बड़े पौधे मंगाकर लगाए जा रहे हैं.

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Jhunjhunu News: आमतौर पर पौधरोपण अभियानों में बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, हजारों पौधे लगाए जाते हैं, तस्वीरें खिंचवाई जाती हैं और फिर लोग उन पौधों को उनके हाल पर छोड़कर आगे बढ़ जाते हैं. लेकिन राजस्थान के झुंझुनू जिले में एक पर्यावरण प्रेमी ने इस औपचारिकता को खत्म करने का बीड़ा उठाया है. जिले के कंवरपुरा गांव निवासी श्याम सिंह कटेवा का मानना है कि केवल पौधा लगा देना पर्यावरण सेवा नहीं है, बल्कि उस पौधे को सुरक्षित रूप से पेड़ बनने तक संभालना असली जिम्मेदारी है. इसी सोच को धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने एक अनोखी और प्रेरणादायक योजना शुरू की है: “पौधा बचाओ, रोज कमाओ”.

श्याम सिंह कटेवा ने सरकारी और निजी स्कूलों में लगाए जाने वाले पौधों की सुरक्षा और सिंचाई की जिम्मेदारी वहां पढ़ने वाले स्कूली बच्चों को सौंपने का निर्णय लिया है. जो भी बच्चा किसी पौधे की रोजाना नियमित देखभाल करेगा, उसे प्रति पौधा प्रतिदिन एक रुपया (₹1) प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. यह आर्थिक मदद लगातार 3 साल तक दी जाएगी. इसका सीधा गणित यह है कि एक पौधे को संभालने वाले बच्चे को सालभर में 365 रुपए मिलेंगे. इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जवाबदेह बनाना और उनमें प्रकृति के प्रति प्रेम जगाना है.

बाकरा स्कूल से हुई शुरुआत, सीधे बैंक खाते में जमा होगी प्रोत्साहन राशिइस अनूठे अभियान का श्रीगणेश झुंझुनू के बाकरा स्थित एक स्कूल से किया गया है, जहां लगभग 1200 पौधे रोपे गए हैं. श्याम सिंह अब आसपास के अन्य विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से संपर्क साध रहे हैं ताकि अधिक से अधिक बच्चों को इस मुहिम का हिस्सा बनाया जा सके. पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भुगतान की प्रक्रिया भी तय कर दी गई है. पौधा लगाने की शुरुआत में ही बच्चे को 100 रुपए दे दिए जाएंगे, जबकि शेष बची राशि हर छह महीने के अंतराल पर सीधे बच्चे के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी. यदि बच्चा 3 साल तक पौधे को सहेज लेता है, तो वह पौधा एक मजबूत पेड़ का रूप ले लेगा.

पिता की सीख से मिला जीवन का लक्ष्य: 3 साल में 36,000 पौधों का विशाल लक्ष्यश्याम सिंह के लिए यह अभियान केवल समाज सेवा नहीं, बल्कि अपने स्वर्गीय पिता, सेवानिवृत्त ऑनरेरी कैप्टन केहर सिंह कटेवा के विचारों को श्रद्धांजलि देना है. उनके पिता हमेशा कहते थे कि एक पौधा लगाना कई पीढ़ियों के कल्याण का काम है. पिता की इसी सीख से प्रेरित होकर श्याम सिंह ने दो साल पहले बड़े पैमाने पर पौधरोपण शुरू किया था. पहले साल उन्होंने 3,500 पौधे लगाए, दूसरे साल यह संख्या बढ़कर 26,000 हुई और इस मानसून में 11,000 और पौधे लगाए जा रहे हैं. इस तरह तीन वर्षों में कुल 36,000 पौधे लगाने और बचाने का लक्ष्य पूरा होने जा रहा है.

उत्तराखंड और हिमाचल से मंगवाए 8 से 12 फीट ऊंचे पौधेश्याम सिंह केवल पौधों की संख्या बढ़ाने में विश्वास नहीं रखते, बल्कि उनके जीवित रहने की दर पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हैं. इसके लिए उन्होंने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से 8 से 12 फीट ऊंचे परिपक्व पौधे मंगवाए हैं ताकि उनके सूखने का खतरा कम से कम हो. ये पौधे सरकारी स्कूलों, पुलिस थानों, मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों, पुलिस लाइन तथा अन्य सार्वजनिक परिसरों में लगाए जा रहे हैं. लगाने के साथ ही वहां पानी की उपलब्धता और एक स्थानीय जिम्मेदार व्यक्ति को देखरेख का जिम्मा भी सौंपा जाता है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Jhunjhunu,Jhunjhunu,Rajasthan

First Published :

August 12, 2026, 06:37 IST

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