Rajasthan 403 Pashu Aushadhi Kendra Scheme | राजस्थान में खुलेंगे 403 पशु मेडिकल स्टोर

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Rajasthan Pashupalan: 403 पशु औषधि केंद्र खुलेंगे, गांवों में मिलेगी सस्ती दवा
Last Updated:August 12, 2026, 06:52 IST
Rajasthan Pashu Aushadhi Kendra: राजस्थान सरकार ने पशुपालकों के लिए 403 पशु औषधि विक्रय केंद्र खोलने की घोषणा की है, जिनमें 41 जिला और 362 ब्लॉक मुख्यालय शामिल हैं. इन केंद्रों पर सस्ती दरों पर जेनेरिक दवाएं, खनिज मिश्रण और पशु आहार पूरक मिलेंगे. पशुपालन विभाग जयपुर के संयुक्त निदेशक डॉ. हनुमान सहाय के अनुसार, इन केंद्रों का संचालन ग्रामीण युवा, पशुपालक और स्वयं सहायता समूह कर सकेंगे. इसके लिए विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे पशुओं को समय पर इलाज और युवाओं को रोजगार मिलेगा.
राजस्थान के पशुपालकों के लिए सरकार ने बड़ी राहत की योजना शुरू की है. अब पशुओं के इलाज के लिए महंगी दवाएं खरीदने या दूर शहरों तक जाने की मजबूरी कम होगी. राज्य में कुल 403 पशु औषधि विक्रय केंद्र खोले जाएंगे, जिनमें 41 जिला मुख्यालय और 362 ब्लॉक मुख्यालय शामिल हैं. खास बात यह है कि इन केंद्रों पर पशुपालकों को जेनरिक पशु दवाएं बाजार की तुलना में सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी. यानी इन केंद्रों को पशुओं की दवाओं के लिए सरकारी मेडिकल स्टोर की तरह विकसित किया जाएगा, जहां पशुपालक कम कीमत पर जरूरी दवाएं खरीद सकेंगे.
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण इलाकों में रहने वाले पशुपालकों को मिलेगा. गांवों में पशु बीमार होने पर कई बार समय पर दवा उपलब्ध नहीं हो पाती, जिससे बीमारी बढ़ने के साथ पशुपालकों का खर्च भी बढ़ जाता है. कई बार सही दवा और समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण पशु की मृत्यु भी हो जाती है. नए केंद्र शुरू होने के बाद जरूरी पशु दवाएं, खनिज मिश्रण, पशु आहार पूरक और अन्य चिकित्सा सामग्री स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध हो सकेगी. इससे पशुपालकों को समय और पैसे दोनों की बचत होगी और पशुओं का समय पर इलाज भी संभव हो सकेगा.
पशुपालन विभाग जयपुर के संयुक्त निदेशक डॉ. हनुमान सहाय ने बताया कि सरकार की यह योजना केवल पशुओं के इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा गया है. इच्छुक युवा, पशुपालक, स्वयं सहायता समूह और पात्र संस्थाएं इन पशु औषधि विक्रय केंद्रों का संचालन कर सकेंगी. यानी ग्रामीण युवा अपने गांव में ही पशु दवा केंद्र खोलकर स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.
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डॉ. हनुमान सहाय ने बताया कि प्रदेशभर में 403 केंद्रों का नेटवर्क तैयार होने से पशुपालकों की पशु चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच पहले से आसान हो जाएगी. खासकर बारिश के मौसम में जब पशुओं में संक्रमण और विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, तब नजदीकी केंद्र से दवा मिलना काफी उपयोगी साबित होगा. उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि जिला और ब्लॉक मुख्यालय स्तर पर पशुपालकों को प्रमाणित दवाएं आसानी से उपलब्ध कराई जाएं और इलाज पर होने वाला अनावश्यक खर्च कम किया जा सके.
इन केंद्रों पर केवल जेनरिक दवाएं ही नहीं, बल्कि पशुओं के स्वास्थ्य से जुड़ी कई जरूरी चीजें भी उपलब्ध कराई जाएंगी. पशुपालक यहां खनिज मिश्रण, पशु आहार पूरक और अन्य आवश्यक पशु चिकित्सा सामग्री भी खरीद सकेंगे. एक ही जगह पर कई जरूरी उत्पाद मिलने से पशुपालकों को अलग-अलग दुकानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. इससे पशुओं का समय पर उपचार संभव होगा और पशुधन को स्वस्थ रखने में भी मदद मिलेगी.
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक युवा, पशुपालक और संस्थाएं ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं. इसके लिए पशुपालन विभाग ने pashuaushadhi.dahd.gov.in पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया शुरू की है. इसी पोर्टल पर पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन शुल्क और केंद्र संचालन से संबंधित दिशा-निर्देश भी उपलब्ध हैं. पात्र युवा, पशुपालक और स्वयं सहायता समूह इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा, सरकार की ओर से पशु दवाओं की कीमतों में रियायत भी दी जाएगी, जिससे पशुपालकों को कम कीमत पर जरूरी दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी.
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. हनुमान सहाय के अनुसार सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर ब्लॉक में पशुपालकों को प्रमाणित दवाएं समय पर और सस्ती दरों पर उपलब्ध हों. इससे पशुओं को समय पर उपचार मिल सकेगा और पशुपालकों पर आर्थिक बोझ कम होगा. वहीं, इन केंद्रों के संचालन से ग्रामीण युवाओं को अपने ही क्षेत्र में व्यवसाय शुरू करने और स्वरोजगार का अवसर मिलेगा. सरकार को उम्मीद है कि यह योजना पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने के साथ ग्रामीण आय और रोजगार बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगी.
First Published :
August 12, 2026, 06:52 IST



