ऑटो पर लगेगा यूनिक आईडी नंबर, बिना दस्तावेज वेरिफिकेशन के नहीं मिलेगी एंट्री

Last Updated:August 13, 2026, 11:07 IST
Sikar News: सीकर ट्रैफिक पुलिस ने ऑटो रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने के लिए ‘यूनिक नंबर अभियान’ शुरू किया है. इसके तहत सभी ऑटो चालकों को अपने दस्तावेजों का वेरिफिकेशन करवाना होगा, जिसके बाद ऑटो पर 3 यूनिक आईडी स्टीकर लगाए जाएंगे. बिना यूनिक नंबर के ऑटो चलाने की अनुमति नहीं होगी. इस पहल से पुराने और एक्सपायर कागजात वाले वाहनों की पहचान होगी तथा यात्रियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था मजबूत होगी.
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Sikar: राजस्थान की शिक्षा नगरी (एजुकेशन सिटी) सीकर में ट्रैफिक पुलिस ने शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक बड़ी और प्रभावी पहल शुरू की है. ट्रैफिक पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑटो यूनिक नंबर अभियान’ के तहत अब शहर की सड़कों पर संचालित होने वाले सभी ऑटो रिक्शा चालकों को अपने वाहनों के कागजात और दस्तावेजों का अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन (वेरिफिकेशन) करवाना होगा. दस्तावेजों की गहन जांच और सत्यापन के बाद ही ट्रैफिक पुलिस की ओर से ऑटो को एक विशिष्ट यूनिक नंबर आवंटित किया जाएगा. पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस प्रक्रिया को पूरा किए बिना किसी भी ऑटो को शहर की सीमा में संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
सीकर शहर में रोजाना हजारों छात्र, विभिन्न कोचिंग संस्थानों के विद्यार्थी, कामकाजी कर्मचारी और आम नागरिक आवाजाही के लिए ऑटो रिक्शा का उपयोग करते हैं. यात्रियों की सुरक्षा और यातायात तंत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस अभियान के तहत प्रत्येक ऑटो पर कुल तीन यूनिक आईडी स्टीकर लगाए जाएंगे. यातायात प्रभारी मनोज कुमार भाटीवाड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि यह 8 बाई 5 इंच साइज का विशेष स्टीकर होगा, जिसे ऑटो रिक्शा के आगे के हिस्से में तथा दोनों तरफ की साइडों में चस्पा किया जाएगा. इससे किसी भी ऑटो की पहचान काफी दूर से और पलक झपकते ही आसानी से की जा सकेगी.
एक्सपायर दस्तावेजों और पुराने ऑटो वाहनों पर रहेगी पैनी नजरशहर की सड़कों पर वर्षों से संचालित हो रहे कई ऑटो काफी पुराने हो चुके हैं. पुलिस के अनुसार कई वाहन चालक फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, इंश्योरेंस या प्रदूषण सर्टिफिकेट एक्सपायर होने के बावजूद सड़कों पर बेधड़क गाड़ियां दौड़ा रहे हैं. इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य ऐसे वाहनों को चिह्नित करना है, जो बिना वैध दस्तावेजों के संचालित हो रहे हैं. ऑटो चालकों को अपने वाहन के सभी कागजात ट्रैफिक पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे. पुलिस की जांच टीम दस्तावेजों की वैधता और प्रामाणिकता की पूरी जांच करेगी. सत्यापन सही पाए जाने पर ही संबंधित ऑटो को यूनिक नंबर अलॉट कर उसका डिजिटल व लिखित रिकॉर्ड पुलिस डेटाबेस में दर्ज किया जाएगा.
शुरुआत में समझाइश, बाद में पुलिस करेगी सख्त कार्रवाईयातायात पुलिस ने ऑटो चालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शुरुआती चरण में केवल समझाइश और जागरूकता का रुख अपनाया है. चालकों को अविलंब अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराकर यूनिक नंबर प्राप्त करने के निर्देश दिए जा रहे हैं. हालांकि, तय समय सीमा समाप्त होने के बाद नियमों की अवहेलना करने वाले तथा बिना यूनिक नंबर के सड़क पर दौड़ने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. ऐसे वाहनों का भारी चालान काटने के साथ ही उन्हें जब्त भी किया जा सकता है.
पुलिस डेटाबेस में दर्ज होगा हर ऑटो का पूरा रिकॉर्डइस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा प्रशासनिक और सामाजिक लाभ यह होगा कि शहर में चलने वाले प्रत्येक ऑटो का एक अधिकृत पुलिस रिकॉर्ड तैयार हो जाएगा. यदि किसी ऑटो चालक के खिलाफ किसी यात्री द्वारा दुर्व्यवहार, अत्यधिक किराया वसूलने, सामान गुम होने या यातायात नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलती है, तो पुलिस महज यूनिक नंबर के आधार पर वाहन मालिक और चालक की संपूर्ण जानकारी तुरंत निकाल सकेगी. इससे अपराधों पर लगाम लगेगी और शहरवासियों व छात्र-छात्राओं के लिए यात्रा अधिक सुरक्षित बनेगी.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Sikar,Sikar,Rajasthan
First Published :
August 13, 2026, 11:07 IST



