How to Make Delicious Sattu Sweets | Sattu Sweet Recipes | सत्तू से स्वादिष्ट मिठाई कैसे बनाएं | तीज पर बनने वाली सत्तू की मिठाई |

होमफोटोलाइफ़फूड
सत्तू तो खाया होगा, क्या इसकी मिठाई चखी है? तीज पर जालोर में बनता है खास पकवान
Last Updated:August 13, 2026, 13:06 IST
Teej Special Sattu Sweets: सावन और तीज के पर्व पर राजस्थान के जालौर में पारंपरिक पकवानों की खुशबू घर-घर फैलने लगी है. तीज के मौके पर बनने वाला सत्तू यहां की रसोई और पारिवारिक परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है. गेहूं या भुने चने के आटे, देसी घी और शक्कर से तैयार होने वाली यह मिठाई कम सामग्री में बनकर भी स्वाद में खास होती है. इसमें इलायची और काजू-बादाम जैसे मेवे मिलाए जाते हैं. जालौर में कई परिवार तीज पर सत्तू बनाकर बहनों-बेटियों और रिश्तेदारों के घर भेजते हैं. बुजुर्ग महिलाएं आज भी नई पीढ़ी को इसकी पारंपरिक विधि सिखाती हैं.
सावन का महीना आते ही राजस्थान में हरियाली, झूले, लोकगीत और त्योहारों की रौनक छा जाती है. सावन के साथ आने वाला तीज पर्व महिलाओं के लिए खास महत्व रखता है।. जालौर में भी तीज की तैयारियों के बीच घरों की रसोई में पारंपरिक पकवान बनने लगे हैं. इन्हीं में खास है सत्तू, जिसका स्वाद मिठास के साथ पुरानी पारिवारिक परंपराओं से भी जुड़ा है.
राजस्थानी सत्तू बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती. गेहूं का आटा या भुना चने का आटा, देसी घी और शक्कर इसके मुख्य हैं. स्वाद बढ़ाने के लिए इलायची, बादाम, पिस्ता और काजू भी मिलाए जाते हैं. कम सामग्री में बनने वाला सत्तू अपनी खुशबू और दानेदार स्वाद के कारण अलग पहचान रखता है.
सत्तू बनाने के लिए सबसे पहले कड़ाही में घी गर्म करके आटे को धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भुना जाता है. इसके बाद इसमें पिसी हुई शक्कर, इलायची और कटे हुए मेवे डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है. मिश्रण ठंडा होने के बाद जरूरत के अनुसार घी डालकर इसे बांधने लायक तैयार किया जाता है. फिर हाथों की मदद से इसके छोटे-छोटे गोल सत्तू बनाए जाते हैं.
Add as Preferred Source on Google
जालौर में तीज के मौके पर सत्तू बनाना सिर्फ मिठाई तैयार करना नहीं, बल्कि पुरानी परंपरा को निभाना है. कई घरों में इसे बहनों-बेटियों, रिश्तेदारों और सखियों के घर भेजा जाता है. बुजुर्ग महिलाएं आज भी नई पीढ़ी को सत्तू बनाने की विधि बताती हैं और त्योहार से जुड़ी यादें साझा करती हैं.
बाजार में आज तरह-तरह की मिठाइयां उपलब्ध हैं, लेकिन सावन-तीज पर घर के घी और शक्कर से तैयार सत्तू की मिठाई का स्वाद अब भी खास बना हुआ है. जालौर की रसोई में यह पारंपरिक मिठाई तीज की मिठास के साथ मायके-ससुराल और परिवार की पुरानी यादों को भी जीवंत रखती है.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :
August 13, 2026, 13:06 IST



