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Trapit Bansal Meta Salary: IIT-IISc से पढ़ाई, गूगल-माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी, मेटा में मिला 800 करोड़ का पैकेज

Last Updated:August 15, 2026, 12:59 IST

Trapit Bansal Meta Salary: मेटा ने आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और एआई रिसर्चर त्रपित बंसल को करीब 800 करोड़ रुपये का सैलरी पैकेज ऑफर किया. त्रपित के सफर में आखिर ऐसा क्या खास है, जो वह टेक दुनिया में सबसे कीमती रिसर्चर बन गए? जानिए 10 साल की रिसर्च और सफलता की पूरी कहानी.IIT-IISc से पढ़ाई, गूगल-माइक्रोसॉफ्ट में जॉब, Meta में मिला 800 करोड़ का पैकेजZoomTrapit Bansal Meta Salary: त्रपित बंसल ने एआई के क्षेत्र में कई रिसर्च की हैं

नई दिल्ली (Trapit Bansal Meta Salary). आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया ग्लोबल टेक दिग्गजों के बीच जंग का मैदान बन चुकी है. इस रेस में टेक कंपनियां सिर्फ बेहतरीन टूल्स ही नहीं बना रहीं, बल्कि एआई के सबसे तेज दिमागों को अपनी टीम में शामिल करने के लिए पानी की तरह पैसा भी बहा रही हैं. भारतीय मूल के एक युवा AI रिसर्चर का नाम टेक जगत में छाया हुआ है. मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र त्रपित बंसल को करीब 800 करोड़ रुपये का सैलरी पैकेज ऑफर किया है.

मेटा ने त्रपित बंसल को अपनी नई एआई रिसर्च डिवीजन में शामिल किया है. उनकी सैलरी सुनकर हर कोई हैरान है. इस भारी-भरकम पैकेज के पीछे त्रपित बंसल की एक दशक से अधिक की मेहनत, गहन रिसर्च और समर्पण की कहानी छिपी है. उन्होंने शॉर्टकट का रास्ता चुनने के बजाय एआई की बेसिक नींव को मजबूत करने पर ध्यान दिया. जानिए त्रपित बंसल कौन हैं, उनका सफर कैसा रहा और क्यों आज दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियां उन्हें हर कीमत पर अपनी टीम में शामिल करना चाहती हैं. पढ़िए सक्सेस स्टोरी.

IIT कानपुर से शुरू हुआ गणित और आंकड़ों का जादू

त्रपित बंसल ने साल 2007 से 2012 के बीच आईआईटी कानपुर से मैथ्स एंड स्टैटिस्टिक्स में इंटीग्रेटेड एमएससी की डिग्री हासिल की थी. टेक फील्ड में जाने वाले स्टूडेंट्स अक्सर कंप्यूटर साइंस चुनते हैं, लेकिन त्रपित ने मैथ्स और स्टैटिस्टिक्स को अपना आधार बनाया. एआई और मशीन लर्निंग की पूरी इमारत इन्हीं 2 विषयों की थ्योरी पर टिकी है. इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु के IISc की मशीन लर्निंग लैब में 2 साल तक रिसर्च असिस्टेंट के तौर पर काम किया और मशीन लर्निंग के एडवांस्ड कॉन्सेप्ट्स को गहराई से समझा.

अमेरिका में पीएचडी और टॉप टेक कंपनियों में नौकरी
आगे की पढ़ाई के लिए त्रपित बंसल अमेरिका चले गए. उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट (UMass Amherst) से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स और पीएचडी पूरी की. अपनी डॉक्टरेट रिसर्च के दौरान उन्होंने नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP), डीप लर्निंग और मेटा-लर्निंग जैसे विषयों पर महारत हासिल की. अपनी पढ़ाई और रिसर्च के दौरान ही त्रपित ने दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में रिसर्च इंटर्नशिप की:

फेसबुक (Meta): नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग के लिए डीप लर्निंग पर काम.
गूगल (Google): डीप लर्निंग और नॉलेज ग्राफ पर रिसर्च.
माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft): एनएलपी और मेटा-लर्निंग तकनीकों पर काम.
OpenAI: मल्टी-एजेंट रीइन्फोर्समेंट लर्निंग प्रोजेक्ट्स में योगदान.

OpenAI में निभाई अहम भूमिका, फिर हुई Meta में एंट्री

साल 2022 में त्रपित बंसल OpenAI की टेक्निकल टीम से जुड़े. उन्होंने एआई की दुनिया के दिग्गज रिसर्चर इल्या सुतस्केवर के साथ रीइन्फोर्समेंट लर्निंग और रीजनिंग पर बेस्ड एआई मॉडल डेवलप करने में मुख्य भूमिका निभाई. ओपनएआई के चर्चित 01 रीजनिंग मॉडल फैमिली को डेवलप करने में त्रपित बंसल का योगदान सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. साल 2025 में मेटा ने अपनी नई एआई रिसर्च डिवीजन के लिए उन्हें बतौर फाउंडिंग रिसर्चर अपनी टीम में शामिल किया.

युवाओं के लिए बड़ा सबक

आज के दौर में जहां कई युवा शॉर्ट टर्म कोर्स करके तुरंत बड़ी नौकरी पाना चाहते हैं, वहीं त्रपित बंसल का सफर बहुत बड़ा सबक है. 800 करोड़ के सैलरी पैकेज के पीछे रातों-रात मिली सफलता नहीं, बल्कि 10 से 12 सालों की लगातार पढ़ाई, इंटर्नशिप, असफलताएं और गहन रिसर्च शामिल है. त्रपित बंसल की सक्सेस स्टोरी से साबित होता है कि अगर आप अपने विषय में इतनी महारत और विशेषज्ञता हासिल कर लेते हैं तो दुनिया आपकी काबिलियत को नजरअंदाज नहीं कर सकती.

About the AuthorDeepali PorwalSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…

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August 15, 2026, 12:59 IST

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