Rajasthan

अब लाइन में लगने की जरूरत नहीं, QR स्कैन करते ही मिलेगी पर्ची और टोकन

Last Updated:August 15, 2026, 09:18 IST

Sikar Hospital OPD QR Code Service: सीकर जिले के सरकारी अस्पतालों में अब ओपीडी पर्ची के लिए लंबी लाइनों में खड़े रहने से मुक्ति मिलेगी. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत 15 अगस्त के बाद मरीज अस्पताल परिसर में लगे QR कोड को स्कैन कर तुरंत ऑनलाइन OPD पर्ची और टोकन नंबर प्राप्त कर सकेंगे. यह सुविधा एसके अस्पताल के साथ उप-जिला अस्पतालों, CHC और PHC में भी लागू होगी. बिना स्मार्टफोन वाले मरीजों के लिए पुरानी व्यवस्था भी जारी रहेगी. सीकर सीएमएचओ डॉ. अशोक महरिया के अनुसार इससे मरीजों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा.

Sikar News. शेखावाटी क्षेत्र के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को अब रजिस्ट्रेशन की लंबी कतारों से राहत मिलने वाली है. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत सीकर जिले के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी पंजीयन प्रक्रिया को डिजिटल किया जा रहा है. 15 अगस्त के बाद मरीज अस्पताल परिसर में लगे क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन कर अस्पताल पहुंचते ही ऑनलाइन पर्ची और डिजिटल टोकन प्राप्त कर सकेंगे. इस व्यवस्था से मरीजों के समय की बचत होगी और अस्पतालों में भीड़ कम करने में भी मदद मिलेगी.

नई व्यवस्था में मरीज या उनके परिजनों को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लंबी लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी. अस्पताल परिसर में लगाए गए क्यूआर कोड को मोबाइल कैमरे से स्कैन करने के बाद आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी. प्रक्रिया पूरी होते ही ऑनलाइन ओपीडी पर्ची और डिजिटल टोकन मिल सकेगा. इससे रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगी.

डिजिटल ओपीडी रजिस्ट्रेशन की सुविधा केवल बड़े अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगी. सीकर के एसके अस्पताल के साथ उप जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी क्यूआर कोड लगाए जाएंगे. यानी जिले के अलग-अलग सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीज डिजिटल माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. इससे अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर दबाव कम करने और मरीजों की भीड़ नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.

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डिजिटल सुविधा शुरू होने के बावजूद अस्पतालों में पारंपरिक रजिस्ट्रेशन व्यवस्था बंद नहीं की जाएगी. जिन मरीजों को मोबाइल चलाने में परेशानी है या जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, वे पहले की तरह रजिस्ट्रेशन काउंटर पर जाकर ओपीडी पर्ची बनवा सकेंगे. इस तरह नई डिजिटल व्यवस्था के साथ पुरानी सुविधा भी जारी रहेगी, ताकि तकनीक के अभाव में किसी मरीज को परेशानी का सामना न करना पड़े.

इस व्यवस्था का फायदा केवल लंबी लाइनों से छुटकारे तक सीमित नहीं रहेगा. मरीज की जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित होने से भविष्य में उपचार के दौरान उसके स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को उपलब्ध कराना आसान होगा. बार-बार अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए डिजिटल रिकॉर्ड काफी उपयोगी साबित होगा. डॉक्टरों को भी मरीज की पिछली जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाएगी. इससे उपचार प्रक्रिया को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.

सरकारी अस्पतालों में क्यूआर कोड आधारित ओपीडी पंजीयन को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत लागू किया जा रहा है. इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़कर मरीजों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है. अस्पताल पहुंचने के बाद रजिस्ट्रेशन में लगने वाला समय कम होने से मरीज सीधे चिकित्सकीय परामर्श और जांच की प्रक्रिया पर ध्यान दे सकेंगे. खासकर भीड़भाड़ वाले दिनों में यह व्यवस्था मरीजों के लिए काफी राहत दे सकती है.

सीकर सीएमएचओ डॉ. अशोक महरिया के अनुसार, अस्पतालों में नई व्यवस्था लागू होने से मरीजों की जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगी और भविष्य में उपचार के दौरान स्वास्थ्य रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में आसानी होगी. उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसरों में लगाए जाने वाले क्यूआर कोड के जरिए मरीज मोबाइल से आवश्यक जानकारी भरकर ऑनलाइन पर्ची और डिजिटल टोकन ले सकेंगे. 15 अगस्त के बाद शुरू होने वाली यह सुविधा सरकारी अस्पतालों में मरीजों के रजिस्ट्रेशन सिस्टम को डिजिटल और अधिक सुविधाजनक बनाएगी.

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August 15, 2026, 09:18 IST

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