साहूकार से कर्ज लेने की जरूरत नहीं, सरकार पशुपालकों दे रही 1 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण, ऐसे लें योजना का लाभ

नागौर: पशुपालन करने वाले ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी काम की खबर है. पशुओं के बीमार पड़ने, चारे के दाम बढ़ने या डेयरी से जुड़ा अचानक खर्च सामने आने पर अब पशुपालकों को महंगे ब्याज वाले कर्ज या साहूकारों के भरोसे रहने की जरूरत नहीं है. राज्य सरकार ने पशुपालकों राहत देने के लिए गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की गई है. योजना के तहत पात्र पशुपालकों को अधिकतम एक लाख रुपए तक का अल्पकालीन ब्याज मुक्त ऋण ले सकते हैं.
मान लीजिए किसी पशुपालक के पास 3, 5 या 10 गाय-भैंस हैं. अचानक कोई पशु बीमार पड़ जाए, चारे की कीमत बढ़ जाए या डेयरी का खर्च बढ़ जाए तो परिवार का बजट बिगड़ सकता है. कई बार पशुओं के लिए शेड बनवाने या पुराने शेड की मरम्मत कराने में भी बड़ी रकम की जरूरत पड़ती है. ऐसे समय में गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना पशुपालकों के लिए आर्थिक सहारा बन सकती है. यह योजना किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर पशुपालन से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए तैयार की गई है.
किन कामों में इस्तेमाल कर सकते हैं पैसा?
पशु चिकित्सक विनोद चौधरी ने बताया कि योजना से मिलने वाले ऋण का इस्तेमाल पशुपालन और डेयरी व्यवसाय से जुड़े जरूरी कार्यों में किया जा सकता है. इसमें हरा-सूखा चारा, पशु आहार और मिनरल मिक्सचर खरीदना, पशुओं की दवाइयां और टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, पशु चिकित्सा, दुग्ध उत्पादन से जुड़े उपकरण, पशु शेड का निर्माण या सुधार, चारा काटने की मशीन और अन्य जरूरी उपकरण खरीदने में इस ऋण की राशि का उपयोग किया जा सकता है. यानी पशुपालक अपनी जरूरत के मुताबिक इस राशि को खर्च कर सकता है.
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के लिए आवेदक का राजस्थान का निवासी और पशुपालन या डेयरी व्यवसाय से जुड़ा होना जरूरी है. इसके साथ ही आवेदक का दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति का सदस्य होना तथा संबंधित बैंक या सहकारी संस्था की पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी है. इसमें अंतिम स्वीकृति संबंधित बैंक या सहकारी संस्था के नियमों के अनुसार होगी.
आवेदन से पहले ये दस्तावेज रखें तैयार
आवेदन के लिए सामान्य तौर पर आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो और पशुओं का विवरण सहित जरूरी दस्तावेज मांगे जा सकते हैं. पशुपालक को अपने बैंक या संबंधित संस्था द्वारा बताए गए अतिरिक्त दस्तावेज भी उपलब्ध कराने होंगे. पशु चिकित्सक विनोद चौधरी के अनुसार, इच्छुक पशुपालक अपने नजदीकी दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, ग्राम सेवा सहकारी समिति या पशुपालन विभाग से संपर्क कर योजना की प्रक्रिया और पात्रता की जानकारी ले सकते हैं. जहां ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है, वहां एसएसओ पोर्टल के माध्यम से राज-सहकार सेवा में लॉगिन कर आवेदन किया जा सकता है.



