मोरक्को छोड़ 50 हजार लोग पहुंचे थे स्पेन, 57 मौतों ने तोड़ा ‘यूरोप का सपना’, अब लौटने की क्यों आई नौबत?

Last Updated:August 01, 2026, 06:38 IST
Spain Morocco Migration: मोरक्को से स्पेन के सियुटा शहर में इस सप्ताह करीब 50 हजार लोगों ने सीमा पार करने की कोशिश की, जिसमें कम से कम 57 लोगों की मौत हो गई. बेरोजगारी, स्पेन की अदालत के हालिया फैसले और सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों ने इस संकट को और बढ़ा दिया. लेकिन अब लोग लौटने के लिए मजबूर हो गए हैं.स्पेन के सियुटा में मोरक्को से पहुंचे लोग.
Spain Morocco Border Ceuta: मोरक्को से स्पेन में घुसने की कोशिश करने वाले प्रवासियों का संकट अब और भयावह हो गया है. स्पेन के अफ्रीका स्थित शहर सियुटा (Ceuta) में इस हफ्ते करीब 50 हजार लोगों ने सीमा पार करने की कोशिश की, जिसमें कम से कम 57 लोगों की मौत हो गई. ज्यादातर लोगों की जान समुद्र में डूबने या सीमा पर मची भगदड़ के दौरान गई. हालात इतने बिगड़ गए कि स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज को खुद सियुटा पहुंचना पड़ा. वहीं इटली ने स्पेन से आने वालों पर अस्थायी बॉर्डर जांच शुरू कर दी और फ्रांस ने भी अपनी सीमा पर निगरानी बढ़ा दी.
स्पेन के गृह मंत्रालय के मुताबिक, गुरुवार सुबह से शुरू हुई इस भीड़ में करीब 50 हजार लोग सीमा पार कर सियुटा पहुंच गए थे. हालांकि शुक्रवार शाम तक बड़ी संख्या में लोग खुद ही वापस मोरक्को लौटने लगे. हालांकि उनकी इच्छा लौटने की नहीं थी, लेकिन मजबूरी में उन्हें वापस जाना पड़ा. कई प्रवासियों ने बताया कि सियुटा में न तो खाने का इंतजाम था और न ही रहने की जगह, इसलिए लौटने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा. सियुटा क्योंकि स्पेन की मुख्य भूमि से दूर है इसलिए ये लोग यूरोप के दूसरे इलाकों में भी नहीं जा सकते थे.
आखिर इतनी बड़ी भीड़ क्यों उमड़ी?
रिपोर्ट के मुताबिक, इस जनसैलाब के पीछे कई वजहें हैं. सबसे बड़ा कारण मोरक्को में युवाओं के बीच बढ़ती बेरोजगारी है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 15 से 24 साल के हर चार में से एक युवा न तो नौकरी में है और न ही पढ़ाई या किसी ट्रेनिंग से जुड़ा है. ऐसे में हजारों युवाओं ने यूरोप पहुंचकर नई जिंदगी शुरू करने का सपना देखा. लेकिन सिर्फ बेरोजगारी ही वजह नहीं बनी. हाल ही में स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि समुद्र में पकड़े गए प्रवासियों को बिना कानूनी प्रक्रिया के सीधे मोरक्को वापस नहीं भेजा जा सकता. इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैली कि अब स्पेन पहुंचना पहले से आसान हो गया है. मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क ने भी इसी मैसेज को आगे बढ़ाया, जिसके बाद हजारों लोग अचानक सीमा की ओर निकल पड़े.
सियुटा पहुंचे स्पेनी प्रधानमंत्री.
इंस्टाग्राम देखकर निकले लोग
रॉयटर्स से बात करते हुए 16 साल के मोरक्को निवासी अयूब एल अबयाद ने बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर दूसरे लोगों को सीमा पार करते देखा. इसके बाद वह अपने चचेरे भाई के साथ 12 घंटे का सफर तय करके सियुटा पहुंच गया. उसने कहा, ‘हम बेहतर जिंदगी चाहते थे. हमने सोचा कि एक बार कोशिश कर लेते हैं और बाकी भगवान पर छोड़ देते हैं.’ हालांकि बाद में कई युवाओं ने माना कि सियुटा पहुंचने के बाद उन्हें न खाना मिला और न रहने की जगह. एक युवक ने कहा, ‘अब समझ नहीं आ रहा कि आया ही क्यों था, इसलिए वापस जा रहा हूं.’
स्पेन ने इसे बताया संप्रभुता पर हमला
प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इस पूरे घटनाक्रम को स्पेन की ‘क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन’ बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मानव तस्करों ने गलत जानकारी फैलाकर लोगों को सीमा पार करने के लिए उकसाया. स्पेन ने साफ कर दिया है कि जो लोग अवैध रूप से देश में दाखिल हुए हैं, उन्हें जल्द से जल्द वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
यूरोप में बढ़ी चिंता
सिर्फ स्पेन ही नहीं, पूरे यूरोप में इस घटना के बाद चिंता बढ़ गई है. इटली ने स्पेन से आने वाले गैर-यूरोपीय नागरिकों की जांच के लिए एक महीने तक अतिरिक्त सीमा जांच लागू करने का फैसला लिया है. फ्रांस ने भी अपनी सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी है. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोपीय संघ में आने वाले हर व्यक्ति को तय नियमों का पालन करना होगा.
अमेरिका और विपक्ष ने भी साधा निशाना
अमेरिकी विदेश विभाग ने इस संकट के लिए स्पेन की उदार प्रवासन नीति को जिम्मेदार ठहराया. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि अगर अवैध प्रवासन पर सख्ती नहीं की गई तो भविष्य में हालात और बिगड़ सकते हैं. स्पेन की विपक्षी पार्टी Vox ने प्रधानमंत्री सांचेज पर हमला बोलते हुए उन्हें देश के हितों के खिलाफ काम करने वाला नेता तक बता दिया.
About the AuthorYogendra Mishra
Yogendra Mishra holds a degree in Journalism from the University of Allahabad. He has been actively associated with the media industry since 2017 and brings extensive experience across various domains of journa…
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August 01, 2026, 06:11 IST



