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मानसून सत्र से पहले सत्ता-विपक्ष में तकरार, पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर जोगाराम पटेल का पलटवार

Last Updated:August 18, 2026, 17:44 IST

Rajasthan Vidhansabha News : राजस्थान विधानसभा सत्र से पहले सत्ता पक्ष-विपक्ष में तकरार. विपक्ष ने सत्र की कम अवधि पर सरकार को घेरा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने आरोपों को निराधार बताया. कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से पंचायत और निकाय चुनाव टाले जाने को लेकर लगाए गए आरोपों पर जोगाराम पटेल ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को घेरा. पटेल ने कहा कि वर्ष 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आयोग के गठन के निर्देश दिए थे.

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मानसून सत्र से पहले सत्ता-विपक्ष में तकरार, पंचायत-निकाय चुनाव पर छिड़ा युद्धZoomराजस्थान विधानसभा सत्र से पहले सत्ता-विपक्ष में तकरार.

जयपुर. राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तकरार बढ़ती दिखाई दे रही है. सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्ष ने विधानसभा सत्र की कम अवधि को लेकर सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सरकार राजस्थान की जनता से जुड़े जरूरी मुद्दों पर ज्यादा चर्चा नहीं करना चाहती. वहीं संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने विपक्ष के इन आरोपों को निराधार बताया है. पटेल ने कहा कि विधानसभा का इस्तेमाल हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप के लिए नहीं, बल्कि प्रदेश की करीब 8 करोड़ जनता के हित में किया जाएगा.

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि सत्ता पक्ष पूरी जिम्मेदारी के साथ विधानसभा का सत्र चलाना चाहता है. उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश रहेगी कि मानसून सत्र ऐतिहासिक बने और राजस्थान के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो. पटेल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर विपक्ष दिल्ली के निर्देशों पर सदन में व्यवधान पैदा करेगा तो सत्ता पक्ष भी उसी भाषा में जवाब देने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि विधानसभा में जनता से जुड़े विषयों पर चर्चा होनी चाहिए और सरकार इसके लिए तैयार है. सत्र की अवधि को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर पटेल ने कहा कि विधानसभा कितने दिन चलेगी, यह बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में तय होता है. उन्होंने विपक्ष की सोच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नकारात्मक सोच वाला व्यक्ति नकारात्मक बातें ही करता है. पटेल ने बताया कि सरकार की कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी है और इन विधेयकों को सदन में चर्चा के लिए लाया जाएगा.

पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर भी घमासानविधानसभा सत्र से पहले पंचायत और निकाय चुनाव का मुद्दा भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस का बड़ा कारण बना हुआ है. कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से पंचायत और निकाय चुनाव टाले जाने को लेकर लगाए गए आरोपों पर जोगाराम पटेल ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को घेरा. पटेल ने कहा कि वर्ष 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आयोग के गठन के निर्देश दिए थे, लेकिन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में करीब तीन साल तक आयोग का गठन नहीं किया गया. उनके मुताबिक वर्ष 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद ओबीसी आयोग का गठन किया गया और आयोग के माध्यम से रिपोर्ट तैयार करवाई गई.

जोगाराम पटेल ने क्या कहासंसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि ओबीसी वर्ग के बड़े हिस्से को आरक्षण के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता था. उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि अगर बिना ओबीसी आरक्षण के पंचायत और निकाय चुनाव करवाना संभव था तो विपक्ष को इस बारे में अपना रुख साफ करना चाहिए था. पटेल ने कहा कि सरकार समयबद्ध तरीके से पंचायत और निकाय चुनाव करवाने की दिशा में आगे बढ़ रही है.

‘3 साल बनाम 5 साल’ के बयान पर जूली को घेरानेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के ‘3 साल बनाम 5 साल’ वाले बयान पर भी जोगाराम पटेल ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस तीन साल बनाम पांच साल के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाना चाहती है तो उन्हें खुशी होगी. पटेल ने कहा कि अभी सरकार के तीन साल पूरे भी नहीं हुए हैं और पता नहीं किस गणित के आधार पर नेता प्रतिपक्ष तीन साल का आंकड़ा बता रहे हैं. उन्होंने कहा कि पहले भी सदन में सरकार के कार्यकाल और कांग्रेस शासन के दौरान किए गए कामों को लेकर चर्चा की पेशकश की गई थी, लेकिन विपक्ष सदन से भाग गया था.

चुनावी मैदान में जवाब देने को तैयार भाजपाजोगाराम पटेल ने कहा कि निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस जिस भी मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाना चाहती है, वह उसका अधिकार है. सत्ता पक्ष भी चुनावी मैदान में उन मुद्दों का जवाब देने के लिए तैयार है. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने जो काम किए हैं और जनता का जो आशीर्वाद भाजपा को मिल रहा है, उसके दम पर एक बार फिर निकायों में भाजपा की सरकार बनेगी. ऐसे में विधानसभा के मानसून सत्र से पहले ही दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. एक तरफ विपक्ष सत्र की अवधि और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष को सदन और चुनावी मैदान दोनों जगह जवाब देने की बात कही जा रही है.

About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

August 18, 2026, 17:44 IST

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