फिर छाया दादी-नानी के जमाने का फैशन, सावन में करौली की दुकानों पर मोठड़ा लहरिया की जबरदस्त डिमांड

Last Updated:August 22, 2026, 18:04 IST
Sawan Leheriya Saree: मोठड़ा लहरिया की सबसे खास बात यह है कि इसकी खरीदारी आज भी इसके नाम से होती है. पुरानी पीढ़ी की महिलाओं में इसकी पहचान पहले से बनी हुई है और अब नई पीढ़ी भी इसके पारंपरिक लुक को पसंद कर रही है. सावन के दौरान लहरिया पहनने की परंपरा और बदलते फैशन के बीच मोठड़ा लहरिया ने एक बार फिर बाजार में अपनी जगह मजबूत कर ली है.
सावन का महीना शुरू होते ही महिलाओं के पहनावे में भी मौसम के रंग दिखाई देने लगते हैं. हरे, गुलाबी और रानी रंगों के साथ लहरिया साड़ियों की मांग अचानक बढ़ जाती है. बाजारों में लहरिया की कई डिजाइन और वैरायटी मौजूद हैं, लेकिन इनमें एक ऐसा लहरिया भी है जिसकी पहचान आज भी उसके नाम से बनी हुई है. यह है मोठड़ा लहरिया.
पुराने समय में महिलाओं के बीच खास पहचान रखने वाला मोठड़ा लहरिया अब नए दौर में एक बार फिर ट्रेंड में लौट आया है. साड़ी कारोबारियों के मुताबिक सावन के दौरान इसकी बिक्री में खास तेजी रहती है. यही वजह है कि सीजन शुरू होने से पहले ही दुकानों पर इस लहरिया की अलग-अलग रेंज और डिजाइन उपलब्ध कराई जाने लगती हैं.
साड़ी व्यापारी पंकज गुप्ता बताते हैं कि मोठड़ा लहरिया कोई नई वैरायटी नहीं है. इसका चलन काफी पुराना है और कई वर्षों से महिलाएं इसे सावन के पारंपरिक पहनावे के तौर पर पसंद करती आ रही हैं. कुछ समय तक बाजार में नए डिजाइन और फैशन वाली साड़ियों का चलन बढ़ा, लेकिन अब मोठड़ा लहरिया दोबारा पसंद किया जा रहा है.
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इसकी खास पहचान इसके रंग और लहरिया पैटर्न से होती है. इसमें कई रंगों के विकल्प मिलते हैं, लेकिन रानी रंग की मांग सबसे ज्यादा बताई जाती है. इसकी कीमत भी कपड़े और वर्क के हिसाब से अलग-अलग होती है.
इस साल भी मोठड़ा लहरिया अलग-अलग कपड़ों में बाजार में उपलब्ध है. इनमें शिफॉन और जॉर्जेट की वैरायटी रोजमर्रा और सावन के पहनावे के लिए काफी पसंद की जाती है हल्का कपड़ा होने के कारण महिलाएं इसे लंबे समय तक पहनने में भी सुविधाजनक मानती हैं.
साड़ी व्यापारियों के मुताबिक प्लेन मोठड़ा लहरिया मुख्य रूप से सूरत में तैयार होता है. वहीं इसमें गोटा और जयपुरी वर्क वाली खास वैरायटी जयपुर में तैयार की जाती है. यही वजह है कि बाजार में एक ही नाम के लहरिया की कीमत और डिजाइन में काफी अंतर देखने को मिलता है.
प्लेन मोठड़ा लहरिया करीब 300 रुपये से शुरू होकर 1500 रुपये तक की रेंज में मिलता है वहीं जयपुरी गोटा वर्क वाली प्रीमियम वैरायटी की कीमत 3000 से 4000 रुपये तक पहुंच जाती है. इसके अलावा इसमें वर्क वाली वैरायटी भी आती है. खासकर रक्षाबंधन के आसपास सोगी की रस्म के लिए गोटा वर्क या जयपुरी वर्क वाले मोठड़ा लहरिया की मांग बढ़ जाती है.
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August 22, 2026, 18:04 IST



