जोधपुर में दर्दनाक हादसा, पानी की डिग्गी में डूबने से 3 मासूम बच्चों की मौत, परिवार में मचा कोहराम

Last Updated:August 23, 2026, 19:03 IST
Jodhpur Drowning Incident: जोधपुर में पानी की डिग्गी में डूबने से तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई. बताया जा रहा है कि पानी पीने के लिए उतरी एक लड़की का पैर फिसल गया. उसे बचाने की कोशिश में दो अन्य बच्चे भी डिग्गी में उतर गए और तीनों डूब गए. सूचना मिलने पर बोरुंदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने तीनों शव पीपाड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए. मृतकों में 8 वर्षीय प्रवीण, 16 वर्षीय रेखा और 12 वर्षीय सुमन शामिल हैं.
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जोधपुर में पानी की डिग्गी में डूबने से तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई
जोधपुर: जोधपुर से एक बहुत दर्दनाक खबर सामने आई है. जिले के बोरुंदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पानी की एक डिग्गी में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई. इस भीषण हादसे में एक ही परिवार के दो बच्चों सहित तीन मासूमों की जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम पसरा है. पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है. एक छोटी सी असावधानी इस दुर्घटना ने हंसते-खेलते परिवारों को कभी न भरने वाला गहरा जख्म दे दिया है.
मिली जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय घटी जब बच्चे पानी की डिग्गी के आसपास मौजूद थे. सबसे पहले उनमें से एक लड़की अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी की डिग्गी के पास उतरी थी. इसी दौरान फिसलन के कारण उसका पैर अचानक स्लिप हो गया और वह असंतुलित होकर गहरे पानी से भरी डिग्गी में जा गिरी.
बचान के लिए भाई-बहन भी पानी में उतर गएअपनी बहन को डिग्गी में डूबता देख वहां मौजूद अन्य बच्चे घबरा गए और उसे बचाने के लिए तुरंत आगे आए. डिग्गी में गिरी बच्ची को बचाने के प्रयास में उसके भाई-बहन भी पानी में उतर गए, लेकिन वे भी गहराई और फिसलन का अनुमान नहीं लगा पाए और डिग्गी के गहरे पानी में समाते चले गए. तैरना न जानने और पानी ज्यादा होने के कारण तीनों मासूम बाहर नहीं निकल पाए और उनकी डूबने से मौत हो गई. इस दुखद दुर्घटना में जान गंवाने वाले तीनों बच्चों की पहचान इस प्रकार है: रेखा, जिनकी आयु 16 वर्ष थी और जो नाथूराम की पुत्री थीं; सुमन, जिनकी आयु 12 वर्ष थी और जो जीया राम की पुत्री थीं; तथा प्रवीण, जिनकी आयु 8 वर्ष थी और जो महेंद्र के पुत्र थे.
तीनों बच्चों की एक साथ हुई दर्दनाक मौतकम उम्र के इन तीनों बच्चों की एक साथ हुई इस तरह की दर्दनाक मौत से पूरे गांव और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है. परिवार के सदस्यों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और हर किसी की आंखें इस घटना को सुनकर नम हैं. इस अचानक हुए हादसे ने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया है. घटना की सूचना मिलते ही बोरुंदा थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और बिना किसी विलंब के दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची. पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से राहत कार्य शुरू किया. तीनों बच्चों के शवों को पानी की डिग्गी से बाहर निकलवाया.
इसके बाद पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए तीनों मासूमों के शवों को पीपाड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया. अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए. पुलिस इस पूरे मामले में मर्ग दर्ज कर आगे की कानूनी जांच और पड़ताल में जुटी हुई है ताकि यह पचा चल सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ.
खुले जल स्रोतों और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवालयह हादसा ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और ढाणियों में बने खुले जल स्रोतों, डिग्गियों व पानी के होदों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है. बिना ढक्कन चारदीवारी के खुले रहने वाले ये जल टैंक अक्सर मासूम बच्चों के लिए मौत का कुआं साबित होते हैं. स्थानीय लोगों और नागरिकों ने पुरजोर मांग उठाई है कि ऐसे सभी जल स्रोतों को सुरक्षित रूप से ढका जाना चाहिए.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
और पढ़ेंLocation :
Jodhpur,Rajasthan
First Published :
August 23, 2026, 19:03 IST



