Agriculture: अब जमीन पर नहीं फैलेगी बेल, सरकार देगी 50% मदद, खीरा-लौकी की खेती हो जाएगी आसान

होमताजा खबरकृषि
बेल वाली सब्जियों पर सरकार देगी 50% अनुदान, किसान ऐसे लें योजना का लाभ
Last Updated:August 25, 2026, 12:17 IST
Subsidy on Trailing Vegetables: सब्जियों की खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए किसानों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जा रही है. बेल वाली फसलों के लिए खेतों में सपोर्ट सिस्टम लगाने पर किसानों को 50% या अधिकतम 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान मिलेगा. इस योजना का लाभ खीरा, लौकी, तोरई, करेला और टिंडा की खेती करने वाले किसान उठा सकेंगे. सपोर्ट सिस्टम से बेल जमीन पर फैलने के बजाय ऊपर की ओर बढ़ेगी, जिससे फसल की देखभाल, सिंचाई और तुड़ाई आसान होगी. साथ ही सब्जियों की गुणवत्ता और उत्पादन में भी सुधार की उम्मीद है.
ख़बरें फटाफट
नागौर: बेल वाली सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है. अब खेतों में बेलों को सहारा देने के लिए आधुनिक सपोर्ट सिस्टम लगाने पर सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी. उद्यान विभाग ने विशेष योजना के तहत 150 हेक्टेयर क्षेत्र में सपोर्ट सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इससे किसान पारंपरिक तरीके के बजाय आधुनिक तकनीक से खेती कर सकेंगे. इसके अलावा आधुनिक सपोर्ट सिस्टम के अपनाने से सब्जियों की उत्पादकता व गुणवत्ता में सुधार होगा. उद्यान विभाग के अनुसार इस योजना में खीरा, लौकी, तोरई, करेला और टिंडा की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा 50% तक अनुदान दिया जाएगा.
मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर यानी राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत संचालित इस योजना में सपोर्ट सिस्टम की इकाई लागत 20 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है. किसानों को इस लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 10 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर तक अनुदान मिलेगा. खास बात ये है कि इस योजना में एक किसान अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र तक योजना का लाभ ले सकेगा. इसके अलावा पात्र किसानों को निर्धारित क्षेत्रफल के अनुसार आनुपातिक रूप से अनुदान दिया जाएगा.
बेल जमीन पर नहीं फैलेगी, खेती होगी आसान
सपोर्ट सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बेल वाली फसलों को ऊपर की ओर बढ़ने के लिए मजबूत सहारा मिलता है. इससे पौधों का फैलाव व्यवस्थित रहता है और बेल व फल सीधे जमीन के संपर्क में आने से होने वाले नुकसान से बच सकते हैं. इससे फसल की देखभाल, सिंचाई और सब्जियों की तुड़ाई भी आसान हो जाती है. खेत में पौधों के बीच बेहतर प्रबंधन होने से उत्पादन और सब्जियों की गुणवत्ता में भी सुधार होता है.
इन सब्जियों की खेती करने वालों को मिलेगा लाभ
योजना का लाभ खीरा, लौकी, तोरई, करेला और टिंडा जैसी बेल वाली सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा. विभाग का मानना है कि सपोर्ट सिस्टम तकनीक अपनाने से किसान सीमित क्षेत्र में फसल का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे. खासकर सब्जियों की व्यावसायिक खेती करने वाले किसानों के लिए यह तकनीक फायदेमंद साबित हो सकती है.
आवेदन सत्यापन के बाद मिलेगा अनुदान
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों को उद्यान विभाग कार्यालय में आवेदन करना होगा. किसान अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक से भी योजना और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. विभाग की ओर से सपोर्ट सिस्टम में इस्तेमाल की गई सामग्री और किए गए कार्य का सत्यापन किया जाएगा. सत्यापन के बाद पात्र किसानों को नियमानुसार अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा. उद्यान विभाग के सहायक निदेशक के अनुसार जयपुर जिले को बेल वाली सब्जियों के लिए सपोर्ट सिस्टम कार्यक्रम में 150 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है. किसानों को 50 प्रतिशत, अधिकतम 10 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा.About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
और पढ़ेंLocation :
Nagaur,Rajasthan
First Published :
August 25, 2026, 12:17 IST



