पानी आया तो खुश हुए किसान लेकिन बांध में पहुंचा दूषित पानी; जयपुर के कालख सागर से उठ रही तेज बदबू

Last Updated:August 25, 2026, 20:35 IST
Kalkh Sagar Dam News : कालख सागर बांध में 10 फीट पानी भरा, पर STP के दूषित पानी से 20 गांवों के लोग चिंतित. दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बढ़ा, रास्ता भी बंद. कालख से खेजड़ावास को जोड़ने वाला मार्ग करीब दो महीने से जलभराव के कारण बंद है. इससे आसपास के गांवों के लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है.
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जयपुर. दो साल पहले जिस कालख सागर बांध में पानी की बूंद-बूंद को लेकर ग्रामीण परेशान थे, आज उसी बांध में करीब 10 फीट पानी भर चुका है. बारिश और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से आ रहे पानी के कारण बांध में जलभराव बढ़ा है. किसानों के लिए यह पानी जहां राहत की उम्मीद लेकर आया है, वहीं दूषित और बदबूदार पानी ने करीब 20 गांवों के ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ा दी है. बांध का हरा पड़ा पानी और उससे उठती तेज दुर्गंध अब ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गई है.
कालख सागर बांध की कुल भराव क्षमता करीब 26 फीट है. वर्तमान में बांध में करीब 10 फीट पानी है, जो लगभग दो किलोमीटर लंबाई और 100 से 500 मीटर चौड़ाई तक फैल चुका है. ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के पानी के साथ एसटीपी का दूषित पानी भी बांध में पहुंच रहा है. इससे पानी का रंग हरा दिखाई दे रहा है और लगातार दुर्गंध उठ रही है. बांध के आसपास मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा होने की आशंका है.
जलभराव से दो माह से रास्ता बंदबांध में पानी बढ़ने का असर केवल स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों के रोजमर्रा के आवागमन पर भी पड़ा है. कालख से खेजड़ावास को जोड़ने वाला मार्ग करीब दो महीने से जलभराव के कारण बंद है. इससे आसपास के गांवों के लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है. ग्रामीणों की चिंता इसलिए भी बढ़ रही है कि यदि जलस्तर लगातार बढ़ा तो आसपास के रास्तों और आबादी पर इसका असर और अधिक हो सकता है.
भूजल और पेयजल को लेकर भी सवालग्रामीणों का सबसे बड़ा डर दूषित पानी के लंबे समय तक बांध में ठहराव को लेकर है. उनका कहना है कि यदि सीवरेज का पानी लगातार जमा रहा तो इसका असर आसपास के भूजल पर भी पड़ सकता है. जोबनेर नगरपालिका क्षेत्र में सप्लाई होने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से बांध के पानी के साथ आसपास के भूजल के नमूने लेकर उच्चस्तरीय प्रयोगशाला में जांच कराने की मांग की है.
दो साल पहले सूखा था बांध, अब भराव से किसानों को उम्मीदकालख सागर का मौजूदा दृश्य दो साल पहले की स्थिति से बिल्कुल अलग है. तब इसी समय बांध पूरी तरह सूखा पड़ा था और क्षेत्र में गंभीर जल संकट की स्थिति बनी हुई थी. अब बारिश के बाद बांध में पानी पहुंचने से किसानों को सिंचाई और भूजल स्तर सुधरने की उम्मीद जगी है. ग्रामीणों का कहना है कि बांध में पानी रहना क्षेत्र के लिए जरूरी है, लेकिन सीवरेज का दूषित पानी इस राहत को खतरे में बदल सकता है. ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल संरक्षण और सिंचाई की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बांध में साफ पानी का संरक्षण सुनिश्चित करे और एसटीपी के दूषित पानी की आवक पर स्थायी रोक लगाए.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 25, 2026, 20:35 IST



