Rakshabandhan 2026 | Tree Rakhi Hindoun

Last Updated:August 28, 2026, 07:41 IST
Hinduan Eco Friendly Rakshabandhan: हिण्डौन के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय मोहन नगर में रक्षाबंधन पर छात्राओं ने पेड़ों को राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया. छात्राओं और स्टाफ ने पर्यावरण जागरूकता के नारे लगाए. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता मुकेश लहकोडिया ने स्कंद पुराण, इंद्राणी शची और राजा बलि से जुड़ी पौराणिक कथाओं का उल्लेख करते हुए रक्षाबंधन को प्रकृति व समाज की रक्षा का पर्व बताया. कार्यक्रम में प्रधानाचार्य विकास गुप्ता और ईको क्लब प्रभारी प्रियंका शर्मा सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहा.
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Green Rakshabandhan: पेड़ों को राखी बांधकर छात्राओं ने निभाई अनोखी जिम्मेदारी, लिया प्रकृति बचाने का प्रण
Hindoun: रक्षाबंधन का पर्व न केवल भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट रिश्ते का प्रतीक है. बल्कि यह हर उस प्राणी और तत्व की सुरक्षा का संदेश देता है जो हमारे जीवन को समृद्ध बनाते हैं. इसी भावना को साकार करते हुए हिण्डौन के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय मोहन नगर में छात्राओं ने एक नई और सराहनीय पहल की. विद्यालय परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने वृक्षों को रक्षासूत्र बांधकर पर्यावरण संरक्षण का दृढ़ संकल्प लिया. इस अनोखे आयोजन ने न केवल त्योहार की खुशी को दोगुना कर दिया. बल्कि समाज को प्रकृति रक्षा का एक बेहद खूबसूरत और प्रभावी संदेश भी दिया.
विद्यालय परिसर में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं का उत्साह देखने लायक था. छात्राओं ने एक-एक करके विद्यालय परिसर में स्थित पेड़ों को तिलक लगाया और उनकी तनों पर सुंदर रक्षासूत्र बांधे. इसके साथ ही उन्होंने जीवनभर इन पेड़ों की देखभाल. सिंचाई और सुरक्षा करने का सामूहिक संकल्प लिया. कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर देश और प्रकृति भक्ति के तरानों के साथ-साथ जागरूकता भरे नारों से गूंज उठा. छात्राओं और विद्यालय स्टाफ ने एक स्वर में “पेड़ों की रक्षा कौन करेगा. हम करेंगे. हम करेंगे” जैसे गगनभेदी नारे लगाए. इन नारों के माध्यम से आसपास के क्षेत्र और समाज को यह संदेश दिया गया कि यदि हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य चाहिए. तो हमें आज ही से वृक्षों की रक्षा का बीड़ा उठाना होगा.
रक्षाबंधन का पौराणिक महत्व और सामाजिक समरसता का संदेश.कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं वृक्षारोपण प्रभारी मुकेश लहकोडिया ने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए रक्षाबंधन के पौराणिक तथा ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने स्कंद पुराण में वर्णित श्रावणी उपाकर्म की परंपरा का उल्लेख किया. उन्होंने पौराणिक कथाओं के माध्यम से बताया कि किस प्रकार माता इंद्राणी शची ने देवराज इंद्र की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उन्हें विजय श्री का आशीर्वाद दिया था. तथा किस प्रकार दानवीर राजा बलि से जुड़ी कथा इस पावन पर्व की पवित्रता को दर्शाती है. मुकेश लहकोडिया ने जोर देकर कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई और बहन के औपचारिक रिश्ते तक सीमित नहीं है. यह पर्व सुरक्षा. उत्तरदायित्व और सामाजिक समरसता का प्रतीक है. उन्होंने विद्यार्थियों को बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग की सुरक्षा करने और प्रकृति के साथ बेहतर तालमेल बिठाने के लिए प्रेरित किया.
शिक्षक-स्टाफ की उपस्थिति और पर्यावरण चेतना.इस प्रेरणादायक आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. कार्यक्रम का मार्गदर्शन प्रधानाचार्य विकास गुप्ता ने किया. इस दौरान ईको क्लब प्रभारी प्रियंका शर्मा के नेतृत्व में छात्राओं ने पर्यावरण क्लब की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने की योजना बनाई. विद्यालय के अन्य शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने भी छात्राओं के इस प्रयास की सराहना की और स्वयं भी पौधों को संरक्षित करने का वचन दिया. कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिसर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने का साझा संकल्प लिया गया.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Karauli,Karauli,Rajasthan
First Published :
August 28, 2026, 07:41 IST



