परिवार पालने की मजबूरी… देखिए महाराष्ट्र में कैसे मराठी याद कर रहे हैं ऑटो ड्राइवर, वायरल वीडियो ने रुला दिया

Last Updated:August 28, 2026, 20:39 IST
महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों को बोलचाल लायक मराठी सीखने के लिए एक साल की मोहलत दी गई है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक ऑटो ड्राइवर की इमोशनल तस्वीर वायरल हो रही है. ड्राइवर ने ऑटो के भीतर हिंदी से मराठी अनुवाद वाली हाथ से लिखी पर्ची चिपका रखी है. वह इस पर्ची के जरिए सवारियों से बातचीत करने की कोशिश कर रहा है. लोग इस मेहनत को सलाम कर रहे हैं.महाराष्ट्र में एक साल की मोहलत मिलते ही ऑटो चालक ने निकाला गजब जुगाड़. (Photo : Social Media)
मुंबई: रोजी-रोटी कमाने और परिवार का पेट पालने के लिए एक इंसान क्या कुछ नहीं करता है. महाराष्ट्र की सड़कों पर दौड़ते एक ऑटो रिक्शा से सामने आई तस्वीर ने सोशल मीडिया को भावुक कर दिया है. ऑटो चालक ने अपनी ड्राइविंग सीट के ठीक ऊपर एक पर्ची चिपका रखी है. इस सफेद कागज पर हिंदी वाक्यों का मराठी अनुवाद लिखा हुआ है. महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में गैर-मराठी ऑटो और टैक्सी चालकों को बोलचाल वाली मराठी सीखने के लिए एक साल का समय दिया है. इस फैसले के बीच ऑटो चालक का यह समर्पण देखकर हर कोई हैरान है.
इस छोटी सी पर्ची पर ड्राइवर ने आखिर क्या लिखा है?
ड्राइवर ने रोजमर्रा की बातचीत में काम आने वाले जरूरी शब्द उस पर्ची पर नोट किए हैं. इसमें लिखा है कि ‘छुट्टे नहीं हैं’ को मराठी में ‘सुट्टे नाहीत’ कहते हैं. इसी तरह ‘रुको जरा’ के लिए ‘थांबा जरा’ और ‘रास्ता बताइए’ के लिए ‘रस्ता सांगा’ लिखा है. इसके अलावा ‘जल्दी बताइए’ को ‘लवकर सांगा’ और ‘कहा उतरोगे’ को ‘कुठे उतरणार’ के रूप में दर्ज किया गया है. सवारी को उतारने के लिए ‘आगे उतरिए’ को ‘पुढे उतरा’ लिखा गया है. वहीं जाम की स्थिति बताने के लिए ‘ट्रैफिक है’ को ‘ट्रॅफिक आहे’ और ‘लम्बा रास्ता है’ को ‘लांब रस्ता आहे’ लिखा है. यह पर्ची उस ड्राइवर के काम का सबसे बड़ा सहारा बन चुकी है.



