भरतपुर में लंपी वायरस का कहर बढ़ा, नदबई में एक दिन में 100 नए केस सामने आए

Last Updated:August 31, 2026, 12:06 IST
Lumpy Virus Bharatpur: भरतपुर जिले में लंपी वायरस के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. नदबई ब्लॉक में एक दिन में 100 नए केस सामने आए हैं और अब तक जिले में 631 पशु लंपी की चपेट में आ चुके हैं. बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की. बीमारी की रोकथाम के लिए जिले के प्रत्येक ब्लॉक में पशुपालन विभाग की कंट्रोल टीम गठित की गई है.
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भरतपुर में लंपी वायरस का कहर बढ़ा, 100 नए केस सामने आए
भरतपुर: भरतपुर जिले में गोवंश में घातक लंपी वायरस का संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है. जिले के ग्रामीण अंचलों में इस बीमारी के मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से पशुपालकों की चिंताएं बढ़ गई हैं. नदबई ब्लॉक में स्थिति अधिक चिंताजनक बनी हुई है, जहां अकेले एक ही दिन में लंपी वायरस के 100 नए केस सामने आए हैं. स्वास्थ्य एवं पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिलेभर में अब तक कुल 631 पशु इस खतरनाक संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं.
लंपी वायरस के बढ़ते मामलों और संक्रमण की गंभीर स्थिति को संज्ञान में लेते हुए जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने प्रशासनिक अधिकारियों और पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय आपात बैठक की. बैठक में वायरस के प्रसार को रोकने, प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के टीकाकरण और संक्रमित पशुओं के समय पर इलाज को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इंतजाम किए जाएं और किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने पशुपालन विभाग को युद्ध स्तर पर प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए हैं.
नियंत्रण के लिए गठित की गईं विशेष टीमेंलंपी वायरस के प्रकोप पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिले के हर ब्लॉक स्तर पर पशुपालन विभाग द्वारा विशेष नियंत्रण और मॉनिटरिंग कंट्रोल टीमें गठित कर दी गई हैं. ये टीमें निम्नलिखित मोर्चों पर कार्य कर रही हैं:
घर-घर निगरानी और त्वरित उपचार: गठित की गई दलगत टीमें गांवों में जाकर संक्रमित पशुओं की पहचान कर रही हैं और उन्हें तुरंत आइसोलेट कर उनका उपचार शुरू कर रही हैं.
टीकाकरण अभियान: स्वस्थ पशुओं में संक्रमण रोकने के लिए प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जा रहा है ताकि स्वस्थ गोवंश को सुरक्षित रखा जा सके.
कंट्रोल रूम की स्थापना: पशुपालकों की शिकायतों और आपातकालीन सूचनाओं के त्वरित निस्तारण के लिए हेल्पलाइन व कंट्रोल रूम एक्टिव किए गए हैं, ताकि सूचना मिलते ही पशु चिकित्सा टीम मौके पर पहुंच सके.
पशुपालकों के लिए सलाहपशुपालन विभाग ने जिले के सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को अन्य मवेशियों से अलग रखें और बाड़ों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें. यदि किसी पशु में बुखार, शरीर पर गांठें, या मुंह से लार गिरने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र या कंट्रोल टीम को सूचित करें. समय पर जांच और इलाज मिलने से पशुओं की जान बचाई जा सकती है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Bharatpur,Rajasthan
First Published :
August 31, 2026, 12:06 IST



