जावेद अख्तर ने लिखे बोल, एआर रहमान ने किया कंपोज, लता मंगेशकर की आवाज में आज भी गुनगुनाते हैं जन्माष्टमी का भजन

Last Updated:August 31, 2026, 13:50 IST
जन्माष्टमी पर बॉलीवुड में कई गाने बने हैं. एक गाना ऐसा है जिसके बिना ये त्योहार अधूरा सा लगता है. 25 साल पहले आई आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ने दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी थी. इसकी कहानी जितनी दमदार थी, उतने ही शानदार इसके गाने. जन्माष्टमी पर बना फिल्म का एक भजन आज भी लोगों के दिलों में बसा है. इस गाने के बोल जावेद अख्तर ने पसीना बहाते-बहाते लिखे थे.
आज भी गुनगुनाते हैं जन्माष्टमी का ये गाना.
नई दिल्ली. जावेद अख्तर की कलम से कई कालजयी और यादगार गाने निकले हैं. जावेद अख्तर और एआर रहमान की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे हिट जोड़ी है. दोनों ने साथ मिलकर कई यादगार गीत दिए हैं. दिग्गज गीतकार यूं तो मिनटों में गाना लिख लेते हैं लेकिन एक भजन ऐसा है जिसे लिखने में उन्हें पसीना आ गया था. जावेद अख्तर ने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्हें ये गाना लिखने में बहुत परेशानी हुई थी. हालांकि 25 साल बाद भी ये गाना लोगों की जुबां पर चढ़ा हुआ है.
साल 2001 में आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘लगान’ आई थी जिसमें कृष्ण भक्ति पर 2 गीत थे. कृष्ण भक्ति पर बने ये दोनों गीत एआर रहमान और जावेद अख्तर ने बनाए थे. लेकिन आज जिस भजन की बात कर रहे हैं वो ‘ओ पालन हारी’ है. ‘ओ पालन हारे’ के बोल जावेद अख्तर की कलम से निकले थे और इसको संगीत एआर रहमान ने दिया था.
जावेद अख्तर की कलम से निकला भजन
‘ओ पालन हारे’ एक गाने से ज्यादा से एक भजन है. इस गाने को लिखते हुए जावेद अख्तर के पसीने छूट गए थे. उन्होंने खुद अपने इंटरव्यू में कहा था कि वो एक नास्तिक इंसान हैं और जब उन्हें आशुतोष गोवारिकर ने फिल्म के सिचुएशन के हिसाब से भजन लिखने को कहा तो वो दुविधा में फंस गए थे. जावेद साहब ने बताया था कि कुछ मिनटों तक वो सोच ही नहीं पाए कि वो भजन लिखेंगे कैसे.
2 मुस्लिमों ने मिलकर बनाया खास गाना
इस गाने के बारे में उन्होंने कहा कि ‘ओ पालन हारे’ में उन्हें उन लोगों की भावनाओं को व्यक्त करना था जो भगवान की ओर आस से देखते हैं. इसकी खासियत है कि इस कृष्ण भजन को 2 मुस्लिमों ने मिलकर बनाया था और इसको आमिर खान पर फिल्माया गया था. ये जन्माष्टमी पर बने बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन गानों में शामिल है.
अमर हो गया गीत
भजन ‘ओ पालन हारे’ को लता मंगेशकर और उदित नारायण ने गाया था. दोनों दिग्गजों ने अपनी जादुई आवाज से इस गीत को हमेशा के लिए अमर बना दिया था. आज भी जन्माष्टमी का पर्व इस गीत के बिना अधूरा सा लगता है. स्कूल से लेकर कॉलेज तक हर जगह इस गाने पर परफॉर्म किया जाता है.
About the AuthorPranjul SinghSub-Editor
From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…
New Delhi,Delhi
First Published :
August 31, 2026, 13:50 IST



