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क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा ‘धर्मसंकट’, जब गेंदबाज की दरियादिली ने टीम को दिखाया वर्ल्ड कप से बाहर जाने का रास्ता

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जब गेंदबाज की दरियादिली ने टीम को दिखाया वर्ल्ड कप से बाहर जाने का रास्ता

Last Updated:August 31, 2026, 14:18 IST

unique stories: वेस्टइंडीज के महान तेज गेंदबाज कोर्टनी वॉल्श का नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो जाता है. 1987 के रिलायंस वर्ल्ड कप का वह ऐतिहासिक मुकाबला आज भी क्रिकेट जगत के सबसे भावुक और हैरान कर देने वाले पलों में गिना जाता है, जहां एक गेंदबाज की ‘दरियादिली’ ने उसकी अपनी टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया, लेकिन दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया. जब गेंदबाज की दरियादिली ने टीम को दिखाया वर्ल्ड कप से बाहर जाने का रास्ता Zoom1987 वर्ल्ड कप में कोर्टनी वाल्श की की दरियादिली से मैच हार गई थी वेस्टइंडीज

नई दिल्ली. क्रिकेट इज ए जेंटलमेन गेम ये कहावत अब भले ही मैदान पर कम देखने को मिलती है पर इतिहास के पन्ने खंगालेंगे तो कई ऐसी घटनाएं आपके सामने आ जाएगी जब खेल की मर्यादा के लिए खिलाड़ी ने मैच हारना कबूल किया. खेल भावना की जब भी बात आती है, वेस्टइंडीज के महान तेज गेंदबाज कोर्टनी वॉल्श का नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो जाता है. 1987 के रिलायंस वर्ल्ड कप का वह ऐतिहासिक मुकाबला आज भी क्रिकेट जगत के सबसे भावुक और हैरान कर देने वाले पलों में गिना जाता है, जहां एक गेंदबाज की ‘दरियादिली’ ने उसकी अपनी टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया, लेकिन दुनिया भर के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया.

तारीख थी 16 अक्टूबर 1987 लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में वर्ल्ड कप का 9वां मैच पाकिस्तान और डिफेंडिंग रनर-अप वेस्टइंडीज के बीच खेला जा रहा था. मैच अपनी आखिरी सांसें गिन रहा था. पाकिस्तान को जीत के लिए आखिरी ओवर में 14 रनों की दरकार थी और हाथ में सिर्फ 1 विकेट बाकी था. क्रीज पर थे अब्दुल कादिर और नॉन-स्ट्राइकर एंड पर थे सलीम जाफर. वेस्टइंडीज की तरफ से आखिरी ओवर फेंकने की जिम्मेदारी थामी थी महान तेज गेंदबाज कोर्टनी वॉल्श ने.

आखिरी गेंद का वो रोमांच

लेग स्पिनर अब्दुल कादिर की सूझबूझ भरी बल्लेबाजी की बदौलत पाकिस्तान ने शुरुआती 5 गेंदों में 12 रन बना लिए थे. अब आखिरी गेंद पर पाकिस्तान को जीत के लिए 2 रन चाहिए थे और वेस्टइंडीज को सिर्फ 1 विकेट. सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए दोनों टीमों के लिए यह गेंद करो या मरो जैसी थी. वॉल्श दौड़ते हुए आए, लेकिन अंपायर के पास पहुंचते ही उन्होंने अचानक अपने कदम रोक लिए. उन्होंने देखा कि नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े सलीम जाफर गेंद फेंकने से पहले ही क्रीज छोड़कर काफी आगे निकल चुके थे.

नियमों की जगह चुना ‘दिल’

क्रिकेट के नियमों (मंकडिंग) के तहत वॉल्श के पास सलीम जाफर की गिल्लियां बिखेरकर उन्हें रन आउट करने का पूरा मौका था. अगर वह ऐसा करते, तो वेस्टइंडीज मैच जीत जाती और सेमीफाइनल की रेस में बनी रहती लेकिन वॉल्श ने ऐसा नहीं किया उन्होंने जाफर को आउट करने के बजाय सिर्फ चेतावनी दी और मुस्कुराते हुए वापस अपने रन-अप पर लौट गए. यह क्रिकेट के मैदान पर खेल भावना ) का सबसे चरम रूप था.

मैच का नतीजा और वेस्टइंडीज की विदाई

चेतावनी के बाद वॉल्श ने दोबारा आखिरी गेंद फेंकी और अब्दुल कादिर ने उस गेंद पर शानदार 2 रन दौड़कर पाकिस्तान को 1 विकेट से रोमांचक जीत दिला दी. इस हार के साथ ही दो बार की पूर्व वर्ल्ड चैंपियन वेस्टइंडीज टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई. यह क्रिकेट इतिहास में पहली बार था जब वेस्टइंडीज की टीम वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकी थी. टीम के कप्तान विव रिचर्ड्स इतने हताश हुए कि वो मैदान पर काफी देर तक अकेले लेटे रहे और आसमान की तरफ देखते रहे.

हारकर भी अमर हो गए वॉल्श

भले ही वेस्टइंडीज वह मैच और वर्ल्ड कप हार गई, लेकिन कोर्टनी वॉल्श ने जो किया उसने उन्हें क्रिकेट का ‘जेंटलमैन’ बना दिया. मैच के बाद पाकिस्तान के फैंस और खुद सरकार वॉल्श की इस दरियादिली से बेहद प्रभावित हुई. पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जिया-उल-हक ने वॉल्श को इस खेल भावना के लिए एक विशेष पदक (मैडल) और कालीन भेंट कर सम्मानित किया था. यह घटना आज भी इस बात की गवाह है कि क्रिकेट सिर्फ रनों और विकेटों का खेल नहीं है, बल्कि यह सिद्धांतों और सम्मान का भी खेल है. वॉल्श की उस एक दरियादिली ने वेस्टइंडीज को ट्रॉफी से भले दूर कर दिया हो, लेकिन क्रिकेट के इतिहास में उन्हें हमेशा के लिए अमर कर दिया.

About the AuthorRajeev MishraAssociate editor

राजीव मिश्रा, खेल पत्रकारिता में एक जाना पहचाना चेहरा है जो अपनी बेबाक विशलेषण के लिए जाने जाते है. वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स …

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New Delhi,Delhi

First Published :

August 31, 2026, 14:18 IST

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