धौलपुर में बारिश का रौद्र रूप, चंबल का जलस्तर 8 मीटर चढ़ा, पार्वती बांध के 4 गेट से 4401 क्यूसेक पानी छोड़ा गया

धौलपुर. राजस्थान के धौलपुर जिले में रात से लगातार हो रही बारिश के बाद जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है और कई इलाकों में जलभराव के साथ आवागमन प्रभावित हुआ है. चंबल नदी का जलस्तर एक ही दिन में करीब 8 मीटर बढ़ने से प्रशासन और जल संसाधन विभाग की चिंता बढ़ गई है. रविवार सुबह 8 बजे दर्ज रिपोर्ट के अनुसार चंबल का गेज 129.60 मीटर पहुंच गया, जबकि एक दिन पहले यह 121.80 मीटर था. यानी 24 घंटे में 7.80 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज हुई है. चंबल का चेतावनी स्तर 129.79 मीटर है और नदी इससे महज 19 सेंटीमीटर नीचे है.
बता दें कि खतरे का निशान 130.79 मीटर निर्धारित है. उधर, कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश के कारण पार्वती बांध में पानी की आवक बढ़ी है. इसके चलते बांध के कुल चार गेट खोलकर 4401.52 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है. प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है. जिले में कई रपटों और पुलियों पर पानी आने से आवागमन रोक दिया गया है. कलेक्टर श्रीनिधि बी.टी. ने संवेदनशील स्थानों पर लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोकने के निर्देश दिए हैं.
पार्वती बांध के चार गेट खुले, 4401 क्यूसेक पानी छोड़ा
पार्वती बांध में लगातार पानी की आवक को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने दो अतिरिक्त गेट रविवार सुबह 7 बजे खोल दिए. अब बांध के कुल चार गेट खुले हैं. सभी चारों गेट दो-दो फीट की ऊंचाई तक खोले गए हैं. बांध से फिलहाल 4401.52 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है. पार्वती बांध का फुल रिजर्वायर लेवल यानी FRL 223.41 मीटर निर्धारित है, जबकि वर्तमान गेज 223.05 मीटर दर्ज किया गया है. कैचमेंट क्षेत्र में बारिश जारी रहने के कारण पानी की आवक पर लगातार नजर रखी जा रही है.
चंबल का जलस्तर चेतावनी स्तर से सिर्फ 19 सेंटीमीटर दूर
चंबल नदी में अचानक तेज बढ़ोतरी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. जल संसाधन विभाग की सुबह 8 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक नदी का जलस्तर 129.60 मीटर दर्ज किया गया. इससे पहले गेज 121.80 मीटर था. इस तरह चंबल का जलस्तर 7.80 मीटर बढ़ा है. नदी का चेतावनी स्तर 129.79 मीटर है, यानी मौजूदा जलस्तर इससे केवल 19 सेंटीमीटर नीचे है. खतरे का निशान 130.79 मीटर है. जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है.
जिले में आठ जगह बारिश, धौलपुर मुख्यालय में 65 MM
पिछले 24 घंटे में जिले के आठ स्थानों पर बारिश दर्ज की गई. जिला मुख्यालय पर सबसे ज्यादा 65 MM बारिश रिकॉर्ड हुई. सैंपऊ में 61 MM, उर्मिला सागर में 49 MM और बाड़ी में 35 MM बारिश हुई. तालाबशाही में 33 MM, राजाखेड़ा में 23 MM और आंगई में 15 MM बारिश दर्ज की गई. बसेड़ी में सबसे कम 11 MM बारिश रिकॉर्ड हुई. लगातार बारिश के कारण जिले में कई जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है और नदी-नालों में भी पानी बढ़ रहा है.
पार्वती नदी की तीन रपटों पर 2 से 3 फीट पानी
पार्वती नदी की तीन रपटों पर पानी आने से आवागमन बाधित हो गया है. सैंपऊ पुरानी रपट पर पानी बढ़ने के बाद आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है. मालौनी और सखवारा रपट पर भी करीब 2 से 3 फीट पानी चल रहा है. पार्वती बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद इन रपटों पर जलस्तर बढ़ा है. प्रशासन ने तीनों स्थानों पर बैरिकेडिंग कर यातायात रोक दिया है और लोगों से रपट पार नहीं करने की अपील की है.
27 संवेदनशील स्थानों पर नहीं जाने की अपील
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिलेभर में 27 संवेदनशील स्थानों पर लोगों को नहीं जाने की चेतावनी दी है. क्षतिग्रस्त रपटों, पुलियों और जलमग्न रास्तों पर आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. कलेक्टर श्रीनिधि बी.टी. ने दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं. जल प्रवाह वाली रपटों पर बांस-बल्ली और बोल्डर लगाकर रास्ते बंद किए जा रहे हैं. पीडब्ल्यूडी को संकेतक और जंजीर लगाने के निर्देश दिए गए हैं. संवेदनशील रपटों, पुलियों और जलमग्न पुलों पर पुलिस और राजस्व कार्मिक तैनात किए गए हैं. प्रशासन ने साफ किया है कि प्रतिबंध के बावजूद आवाजाही करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल प्रशासन की नजर चंबल के जलस्तर, पार्वती बांध में पानी की आवक और निचले इलाकों की स्थिति पर बनी हुई है.



