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Health Tips : शुगर रहेगा कंट्रोल, नहीं बढ़ेगा वजन…जामुन की गुठली में इतने गुण, लेकिन न करें ये गलती

Last Updated:September 08, 2026, 17:08 IST

Jamun seeds benefits : जामुन की गुठली आयुष चिकित्सा में रामबाण है. यह रक्त शर्करा की कंट्रोल करती है, पाचन और वजन नियंत्रण में सहायक है. लोकल 18 से बागेश्वर के चिकित्सक डॉ. ऐजल पटेल बताते हैं कि इसे सुखाकर तैयार पाउडर को सीमित मात्रा में सेवन करें. ये तरीका सदियों से चला आ रहा है लेकिन हर व्यक्ति पर इसका प्रभाव एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है. जामुन की गुठली वजन नियंत्रित रखने में भी काम आती है. हालांकि इसकी मात्रा और सेवन का तरीका व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य निर्भर करता है. जामुन की गुठली में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि यह शरीर का खून साफ करने की दवा है.

जामुन की गुठली को आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में उपयोगी माना जाता है. जामुन खाने के बाद इसकी गुठली को सुखाकर पीसकर पाउडर बनाने की परंपरा है. इसमें मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिक रक्त शर्करा के प्रबंधन में सहायक हो सकते हैं. पारंपरिक तौर पर इसका इस्तेमाल मधुमेह से जुड़ी समस्याओं में किया जाता है. इसे मधुमेह की दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए. बागेश्वर के चिकित्सक डॉ. ऐजल पटेल बताते हैं कि इसका सेवन करने से पहले चिकित्सकीय राय लेना जरूरी है.

जामुन की गुठली केवल रक्त शर्करा के प्रबंधन के लिए ही नहीं, बल्कि पाचन स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी है. इसे सुखाकर तैयार किया गया पाउडर का सीमित मात्रा में सेवन किया जाता है. गुठली में मौजूद फाइबर और दूसरे प्राकृतिक घटक पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. इससे पेट की सामान्य कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने में सहायता मिलती, लेकिन हर व्यक्ति पर इसका प्रभाव एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है.

जामुन की गुठली में कुछ प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं. एंटीऑक्सीडेंट शरीर में बनने वाले मुक्त कणों से होने वाले नुकसान को कम करने में भूमिका निभाते हैं. पारंपरिक चिकित्सा में जामुन के विभिन्न हिस्सों का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है. गुठली को सुखाकर उसका पाउडर बनाना भी इसी परंपरा का हिस्सा है. लेकिन जामुन की गुठली को किसी गंभीर बीमारी का इलाज मानना उचित नहीं है.

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जामुन की गुठली वजन नियंत्रित रखने में भी अप्रत्यक्ष रूप से उपयोगी है. इसमें मौजूद फाइबर पाचन प्रक्रिया को बेहतर रखने में भूमिका निभा सकता है और भोजन के बाद लंबे समय तक संतुष्टि महसूस कराने में मदद करता है. जामुन की गुठली का पाउडर सीधे तौर पर वजन घटाने की प्रमाणित दवा नहीं है. वजन कम करने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि सबसे महत्वपूर्ण हैं. केवल गुठली के पाउडर पर निर्भर रहना उचित नहीं है.

जामुन की गुठली का पाउडर बनाने के लिए आमतौर पर गुठलियों को अच्छी तरह साफ कर सुखाया जाता है. इसके बाद उन्हें पीसकर पाउडर तैयार किया जाता है. पारंपरिक तौर पर इस पाउडर का सीमित मात्रा में सेवन किया जाता है. इसकी मात्रा और सेवन का तरीका व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और दवाओं पर निर्भर कर सकता है. अधिक मात्रा में सेवन करने से लाभ के बजाय परेशानी भी हो सकती है. इसलिए इसे नियमित रूप से इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक या योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है.

जामुन की गुठली रक्त शर्करा के प्रबंधन में सहायक हो सकती है, लेकिन मधुमेह की दवा का विकल्प नहीं है. जिन लोगों को डायबिटीज है, और वे नियमित रूप से दवाएं या इंसुलिन लेते हैं. उन्हें जामुन की गुठली का पाउडर बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं लेना चाहिए. रक्त शर्करा कम करने वाली दवाओं के साथ किसी अन्य पदार्थ का सेवन करने पर शुगर का स्तर जरूरत से ज्यादा कम होने का जोखिम हो सकता है.‌ इसलिए डॉक्टर को अपने खानपान और घरेलू नुस्खों के बारे में जानकारी देना जरूरी है.‌

जामुन की गुठली को लेकर कई पारंपरिक दावे किए जाते हैं. इनमें शरीर से विषैले पदार्थ निकालने और खून साफ करने जैसी बातें भी शामिल हैं. इन दावों के समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं. जामुन की गुठली में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि यह शरीर का खून साफ करने की दवा है. इसलिए ऐसे दावों को लेकर लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए.

जामुन की गुठली का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से कई स्वास्थ्य लाभों के लिए किया जाता है, लेकिन इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए. हर व्यक्ति के शरीर पर इसका प्रभाव अलग हो सकता है. विशेष रूप से गर्भवती महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और लंबे समय से किसी बीमारी की दवा लेने वाले लोग बिना सलाह इसका सेवन न करें. मधुमेह के मरीजों को ब्लड शुगर की नियमित जांच के साथ ही किसी विशेषज्ञ की सलाहा लेनी चाहिए. जामुन की गुठली को संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली का विकल्प नहीं माना जा सकता है.

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September 08, 2026, 17:08 IST

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