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Neem Benefits: नीम सिर्फ छांव नहीं देता, घर के इन 5 कामों में भी है बेहद उपयोगी, जानें सही तरीका

Last Updated:September 09, 2026, 13:20 IST

घर के आंगन में लगा नीम का पेड़ सिर्फ ठंडी छांव देने तक सीमित नहीं है. इसकी पत्तियों से लेकर टहनी तक का इस्तेमाल लंबे समय से कई पारंपरिक घरेलू उपायों में किया जाता रहा है. हालांकि, विशेषज्ञ नीम का इस्तेमाल सीमित मात्रा में और सही तरीके से करने की सलाह देते हैं.

घर के आंगन या आसपास लगा नीम का पेड़ आमतौर पर लोगों को ठंडी छांव देने के लिए जाना जाता है. हालांकि, नीम का इस्तेमाल सदियों से पारंपरिक चिकित्सा और घरेलू उपायों में भी होता आया है. नीम की पत्तियां, छाल, फूल और बीज का अलग-अलग तरह से उपयोग किया जाता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. कुसुम पांडेय के अनुसार, नीम का सीमित और सही तरीके से इस्तेमाल त्वचा की देखभाल से लेकर घर में कीट-पतंगों से बचाव तक में किया जाता रहा है. हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज मानकर खुद से इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

डॉ. कुसुम पांडेय के मुताबिक, नीम की पत्तियों में कई प्राकृतिक जैव सक्रिय तत्व पाए जाते हैं. पारंपरिक तौर पर नीम की पत्तियों का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता है. इसके लिए कुछ साफ नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर ठंडा किया जाता है और इस पानी को नहाने के पानी में मिलाकर इस्तेमाल करने की परंपरा है. इससे त्वचा की सामान्य सफाई में मदद मिल सकती है. हालांकि, त्वचा से जुड़ी किसी बीमारी या संक्रमण की स्थिति में केवल नीम के पानी पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है.

नीम की कोमल पत्तियों का सेवन भी पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति रोजाना या अधिक मात्रा में इनका सेवन करे. डॉ. पांडेय के अनुसार, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और नियमित रूप से किसी बीमारी की दवा लेने वाले लोगों को नीम का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. बिना जानकारी के अधिक मात्रा में नीम का सेवन नुकसानदायक हो सकता है.

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नीम की सूखी पत्तियों का इस्तेमाल घर में कीट-पतंगों से बचाव के पारंपरिक उपाय के तौर पर भी किया जाता रहा है. इन्हें कपड़ों, अनाज या सामान रखने वाली जगह के आसपास रखने की परंपरा कई ग्रामीण इलाकों में आज भी देखने को मिलती है. नीम की पत्तियों का यह घरेलू इस्तेमाल लंबे समय से प्रचलित है.

गांवों में नीम की टहनी से बनी दातून का इस्तेमाल दांतों की सफाई के लिए काफी पुराना तरीका है. हालांकि, नियमित ओरल हाइजीन के लिए आज वैज्ञानिक रूप से मान्य टूथब्रश और फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल अधिक बेहतर और सुरक्षित विकल्प माना जाता है.

डॉ. कुसुम पांडेय का कहना है कि नीम के कई पारंपरिक उपयोग जरूर हैं, लेकिन इसे किसी गंभीर बीमारी की दवा समझकर खुद से इलाज करना उचित नहीं है. नीम का इस्तेमाल करते समय उसकी मात्रा, तरीका और व्यक्ति की उम्र व स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है. किसी बीमारी, एलर्जी या नियमित दवा के सेवन की स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही नीम से जुड़े उपाय अपनाने चाहिए.

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September 09, 2026, 13:20 IST

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