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10 साल में एक भी बल्लेबाज नहीं मिला, वसीम अकरम ने पीएसएल की खोली पोल, बोले- हमें भी चाहिए वैभव सूर्यवंशी

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10 साल में एक भी बल्लेबाज नहीं मिला, अकरम बोले- हमें भी वैभव सूर्यवंशी चाहिए

Last Updated:September 11, 2026, 23:33 IST

Wasim Akram Vaibhav Sooryavanshi: वसीम अकरम ने पाकिस्तान सुपर लीग पर सवाल उठाते हुए कहा कि 10 साल में यह एक भी विश्वस्तरीय बल्लेबाज नहीं दे सकी. उन्होंने भारत के 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की मिसाल देते हुए कहा कि जब तक ऐसा टैलेंट नहीं निकलेगा, पाकिस्तान की क्रिकेट में सुधार असंभव है. 10 साल में एक भी बल्लेबाज नहीं मिला, अकरम बोले- हमें भी वैभव सूर्यवंशी चाहिएZoomवसीम अकरम ने वैभव सूर्यवंशी की दी मिसाल.

नई दिल्ली. पाकिस्तान क्रिकेट इस वक्त अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है. मैदान पर लगातार मिल रही हार और ड्रेसिंग रूम का डांवाडोल माहौल यह बताने के लिए काफी है कि टीम में गहराई की भारी कमी है. इंग्लैंड के खिलाफ जारी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबलों में शर्मनाक हार के बाद जब टीम में मिड-सीरीज अचानक बड़ा बदलाव किया गया, तो पूर्व कप्तानों और दिग्गजों का गुस्सा फूट पड़ा. लेकिन इस बार सबसे तीखा और सीधा हमला बोला है दुनिया के महानतम तेज गेंदबाजों में शुमार वसीम अकरम ने. अकरम ने सीधे तौर पर पाकिस्तान की सबसे बड़ी टी-20 लीग पाकिस्तान सुपर लीग की गुणवत्ता और नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं. उनका मानना है कि एक तरफ जहां दुनिया भर की लीग अपने देश के लिए भावी सितारे गढ़ रही हैं, वहीं पीएसएल बीते एक दशक में पाकिस्तान को एक भी विश्वस्तरीय बल्लेबाज देने में पूरी तरह नाकाम रही है.

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के गेंदबाजी कोच और मेंटर के रूप में खिताबी जीत दर्ज करा चुके और पीएसएल में इस्लामाबाद यूनाइटेड, मुल्तान सुल्तांस और कराची किंग्स जैसी फ्रैंचाइजियों को अपनी सेवाएं दे चुके वसीम अकरम (Wasim Akram) दोनों लीगों के अंतर को बखूबी समझते हैं.

वसीम अकरम ने वैभव सूर्यवंशी की दी मिसाल.

अकरम ने पाकिस्तान के क्रिकेट ढांचे पर तंज कसते हुए कहा, ‘पीएसएल को शुरू हुए 10 साल बीत चुके हैं, लेकिन क्या इस लीग ने एक भी ऐसा बल्लेबाज पैदा किया है जिस पर देश गर्व कर सके? हां, हमने कुछ तेज गेंदबाज जरूर तैयार किए हैं, लेकिन कोई एक भी ऐसा बल्लेबाजी टैलेंट बताइए जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग छाप छोड़ी हो?”

भारत के 15 वर्षीय ‘वैभव सूर्यवंशी’ की मिसालअपनी बात को वजन देने के लिए अकरम ने पाकिस्तान के सबसे पारंपरिक विरोधी भारत के उभरते सितारे का जिक्र किया. उन्होंने भारत के 15 वर्षीय बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) की मिसाल देते हुए कहा कि जब तक पाकिस्तान अपने क्रिकेट ढांचे से इस दर्जे की प्रतिभाएं नहीं निकालेगा, तब तक राष्ट्रीय टीम का भला नहीं हो सकता. अकरम ने कहा, ‘जब हम वैभव सूर्यवंशी जैसे 15 साल के किसी युवा बल्लेबाजी टैलेंट को तराश कर सामने लाएंगे, तभी हमें पाकिस्तान क्रिकेट के स्तर में वास्तविक सुधार नजर आएगा. जब तक आपके पास इस तरह की निडर और तकनीकी रूप से मजबूत प्रतिभाएं नहीं होंगी, तब तक आप अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टिक नहीं सकते.’

इंग्लैंड दौरे की नाकामीअकरम ने इंग्लैंड के खिलाफ चल रही मौजूदा टेस्ट सीरीज का उदाहरण देते हुए पाकिस्तानी बल्लेबाजों की तकनीकी कमियों को जगजाहिर किया. शुरुआती दो टेस्ट में जिस तरह से पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने ओली रोबिन्सन जैसे तेज गेंदबाजों के सामने घुटने टेके, उस पर अकरम ने कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, ‘इंग्लैंड में हमारे बल्लेबाजों का फुटवर्क पूरी तरह गायब था. वे क्रीज में जकड़े हुए खड़े थे और ओली रोबिन्सन जैसे गेंदबाजों के खिलाफ अपना अगला पैर तक बाहर निकालने का साहस नहीं जुटा पा रहे थे. इंग्लैंड की परिस्थितियों में खेलने के लिए आपको तकनीक के साथ-साथ जिगर और साहस की जरूरत होती है, लेकिन उस साहस के लिए बुनियादी टैलेंट का होना सबसे पहली शर्त है.’

क्लब क्रिकेट की बदहाली और 100 मिलियन का सुझावलुधियाना जिमखाना क्रिकेट क्लब से अपनी क्रिकेट यात्रा शुरू करने वाले अकरम का मानना है कि पीएसएल जैसी चमक-धमक वाली टी-20 लीग केवल एक अस्थायी समाधान हो सकती है, असली क्रिकेट और लंबे प्रारूप का टैलेंट हमेशा जमीनी स्तर से आता है. पाकिस्तान के बड़े शहरों में ढह चुके क्लब क्रिकेट ढांचे पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को एक ठोस सुझाव भी दिया. अकरम ने कहा, ‘अगर हम वास्तव में रेड-बॉल (टेस्ट) क्रिकेट को सुधारना चाहते हैं, तो हमें अपने क्लब क्रिकेट को दोबारा जिंदा करना होगा. टैलेंट बड़ी-बड़ी लीगों की चकाचौंध से नहीं, बल्कि धूल भरे क्लब मैदानों से निकलकर आता है. पीसीबी को चाहिए कि वह कराची और लाहौर जैसे बड़े शहरों में कम से कम 100-100 मिलियन रुपये सिर्फ क्लब क्रिकेट के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में खर्च करे.’

About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

September 11, 2026, 23:33 IST

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