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Karauli Kushti Dangal | परीता गांव में विशाल कुश्ती दंगल

Last Updated:September 12, 2026, 09:43 IST

Karauli Kushti Dangal: करौली के परीता गांव में भादो अमावस्या के अवसर पर बड़िये बाबा के मेले में विशाल कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया. इस दंगल में 300 से अधिक कुश्तियां हुईं, जिसमें यूपी, एमपी, दिल्ली और राजस्थान के पहलवानों ने हिस्सा लिया. बाल और महिला पहलवानों के मुकाबलों ने भी दर्शकों का खूब मनोरंजन किया. दंगल का मुख्य आकर्षण 1 लाख 11 हजार रुपए की आखिरी कुश्ती रही, जो हरिकेश पहलवान हाथरस और भारत पहलवान दिल्ली के बीच हुई और बराबरी पर छूटी. युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए यह खेल आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है.

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Karauli: परीता के अखाड़े में 300 से ज्यादा मुकाबले, 1.11 लाख की कुश्तीZoomKarauli Kushti Dangal: परीता गांव में कुश्ती दंगल का रोमांच, 1 लाख 11 हजार की कुश्ती रही बराबर

Karauli: करौली उपखंड क्षेत्र के परीता गांव में हर साल की तरह इस बार भी भादो मास की अमावस्या के पावन अवसर पर एक विशाल कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक दंगल में पहलवानों ने एक से बढ़कर एक दाव पेच दिखाकर वहां मौजूद हजारों दर्शकों को रोमांचित कर दिया. अखाड़े की मिट्टी में जब पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया, तो दर्शकों की तालियों से पूरा मैदान गूंज उठा. इस रोमांचक कुश्ती दंगल को देखने के लिए करौली और आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में खेल प्रेमी और ग्रामीण दर्शक पहुंचे. अखाड़े में पहलवानों के बीच एक से बढ़कर एक कांटे की टक्कर देखने को मिली. पहलवानों की चुस्ती, फुर्ती और दांव-पेंच देखकर दर्शक पूरी तरह दंग रह गए और पूरे उत्साह के साथ तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाते रहे.

इस भव्य कुश्ती दंगल की शुरुआत बाल पहलवानों के रोमांचक मुकाबलों से हुई. छोटे बच्चों ने मिट्टी में ऐसा दम दिखाया कि हर कोई उनकी तारीफ करने लगा. इसके बाद महिला पहलवानों ने भी अखाड़े में उतरकर अपने दांव-पेंच आजमाए. महिला पहलवानों के बीच हुए मुकाबले काफी कड़े रहे. उनके शानदार खेल और ताकत को देखकर उपस्थित लोगों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट से उनका भारी उत्साहवर्धन किया. महिलाओं की भागीदारी ने इस आयोजन को और भी ज्यादा खास बना दिया.

विभिन्न राज्यों से पहुंचे नामी पहलवानआयोजन समिति के सदस्यों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस एक दिवसीय दंगल में कुल मिलाकर 300 से अधिक छोटी-बड़ी कुश्तियां करवाई गईं. इस महामुकाबले में केवल स्थानीय पहलवान ही नहीं, बल्कि राजस्थान के करौली, सवाई माधोपुर, भरतपुर, दौसा और धौलपुर जिलों से भी धाकड़ पहलवान पहुंचे. इसके अलावा पड़ोसी राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली एवं हरियाणा सहित अन्य कई राज्यों के नामी पहलवानों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. पहलवानों ने एक से बढ़कर एक दांव-पेंच आजमाते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों को चित किया और अपनी ताकत का लोहा मनवाया. आयोजन समिति की ओर से कुश्ती जीतने वाले सभी विजेता पहलवानों को नकद इनामी राशि देकर सम्मानित किया गया.

एक लाख ग्यारह हजार की आखिरी कुश्ती रही बराबरसबसे ज्यादा रोमांच दंगल के अंतिम मुकाबले में देखने को मिला. यह आखिरी कुश्ती हरिकेश पहलवान हाथरस और भारत पहलवान दिल्ली के बीच लड़ी गई. यह महामुकाबला पूरे 1 लाख 11 हजार रुपए की इनामी राशि के लिए रखा गया था. दोनों ही पहलवानों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन अंत में यह मुकाबला बराबरी पर छूटा. दोनों विजेताओं का कमेटी ने फूल-मालाओं से स्वागत किया और इनाम की राशि दोनों में बराबर बांटकर सौंपी गई.

युवाओं को नशे से दूर रखने की शानदार पहलआयोजकों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को नशे और बुरी आदतों से दूर रखकर खेलों से जोडने के लिए ही हर वर्ष बड़िये बाबा के मेले के अवसर पर इस दंगल का आयोजन किया जाता है. इस सफल और भव्य कार्यक्रम में अंकुर परीता, अजय सरपंच प्रतिनिधि, सरपंच राजन्ती देवी, महादेवा पटेल, रामाधार प्रिंसिपल और राजेंद्र सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे. यह मेला और कुश्ती दंगल क्षेत्र की प्राचीन परंपरा और संस्कृति का प्रतीक बन चुका है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Karauli,Karauli,Rajasthan

First Published :

September 12, 2026, 09:43 IST

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