सूरज की रोशनी से रोज बन रही 7.80 लाख यूनिट बिजली, 73 सोलर प्लांट से बढ़ी ऊर्जा क्षमता, किसानों को मिलेगी राहत

Last Updated:September 12, 2026, 14:28 IST
Sikar Hindi News: सीकर जिले में 73 सोलर प्लांट से प्रतिदिन 7.80 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है. पीएम कुसुम और पीएम सूर्य घर योजनाओं से किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिल रही है.
Sikar News: सीकर जिले में रबी की बुवाई शुरू होने से पहले किसानों के लिए राहत की खबर सामने आई है. बिजली निगम ने लंबे समय से निर्माणाधीन सात नए कॉमर्शियल सोलर प्लांट शुरू कर दिए हैं. इन प्लांट से रोजाना करीब 57 हजार यूनिट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होने लगा है. स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ने से आने वाले रबी सीजन में कृषि उपभोक्ताओं को सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति बेहतर होने की संभावना है.
सात नए प्लांट शुरू होने के बाद सीकर जिले में पीएम कुसुम योजना के कुसुम-ए और कुसुम-सी घटकों के तहत बिजली उत्पादन करने वाले सोलर प्लांटों की संख्या बढ़कर 73 हो गई है. इन सभी प्लांटों की कुल क्षमता करीब 130 मेगावाट बताई गई है. इनसे प्रतिदिन लगभग 7.80 लाख यूनिट सौर ऊर्जा तैयार हो रही है. इससे बिजली निगम को स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त बिजली उपलब्ध हो रही है.
सीकर जिले में सौर ऊर्जा का दूसरा बड़ा स्रोत पीएम सूर्य घर योजना के तहत लगाए गए रूफटॉप सोलर सिस्टम हैं. अब तक 19,500 से अधिक घरों की छतों पर करीब 70 मेगावाट क्षमता के सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं. इनसे रोजाना लगभग 4.20 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है. घरेलू उपभोक्ताओं को इससे बिजली बिल में राहत मिल रही है और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने का अवसर भी मिल रहा है.
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कुसुम योजना और पीएम सूर्य घर योजना को मिलाकर जिले में प्रतिदिन करीब 12 लाख यूनिट सौर ऊर्जा उपलब्ध होने लगी है. स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ने का सीधा असर बिजली के वितरण तंत्र पर भी पड़ रहा है. सोलर प्लांट से नजदीकी जीएसएस तक बिजली पहुंचने के कारण लंबी दूरी से बिजली लाने पर निर्भरता कम होती है. इससे सब-स्टेशनों पर लोड घटने और ग्रामीण क्षेत्रों में वोल्टेज की समस्या कम होने की उम्मीद है.
रबी सीजन में कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग तेजी से बढ़ जाती है. जिले में किसानों को सिंचाई के लिए रोजाना करीब 125 लाख यूनिट बिजली की आवश्यकता रहती है. मांग बढ़ने पर ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि फीडरों पर ट्रिपिंग और अघोषित कटौती की समस्या सामने आती है. स्थानीय सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से फीडर स्तर पर बिजली की उपलब्धता और वोल्टेज स्थिरता बेहतर हो सकती है. इससे किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर बिजली आपूर्ति मिलने की संभावना है.
बिजली निगम के अनुसार हाल में बेरी में 2-2 मेगावाट क्षमता के दो सोलर प्लांट शुरू किए गए हैं, जिनसे रोजाना करीब 24 हजार यूनिट बिजली मिल रही है. किरोड़ोली में 15 मेगावाट क्षमता का प्लांट शुरू हुआ है, जबकि छोटी लोसल, सिहोट, भारनी और भगेगा में 1-1 मेगावाट क्षमता के प्लांट शुरू किए गए हैं. इन सात प्लांटों से कुल मिलाकर प्रतिदिन करीब 57 हजार यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जुड़ रही है.
बिजली निगम सीकर के एसई सुभाष देवंदा ने बताया कि सोलर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने का काम अभी भी जारी है. गुंगारा में दो नए सोलर प्लांट लगाने की तैयारी चल रही है और इस महीने के अंत तक इनके शुरू होने की संभावना है. इनसे रोजाना करीब 25 हजार यूनिट अतिरिक्त बिजली मिलने का अनुमान है. इन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट प्रतिदिन औसतन छह हजार यूनिट बिजली पैदा करता है. ऐसे में आने वाले समय में सीकर का स्थानीय बिजली उत्पादन और बढ़ सकता है.
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September 12, 2026, 14:28 IST



