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कमर की जकड़न से लेकर तनाव तक, एक आसन देगा कई फायदे! जानें चक्रासन करने का सही तरीका

योग को भारत की प्राचीन परंपरा का अहम हिस्सा माना जाता है. यह सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखने का तरीका नहीं है, बल्कि मन को शांत और शरीर को संतुलित रखने में भी मदद करता है. योग में कई तरह के आसन शामिल हैं और हर आसन का शरीर पर अलग प्रभाव पड़ता है. इन्हीं में से एक है चक्रासन, जिसे शरीर को पीछे की ओर मोड़कर किया जाता है. नियमित अभ्यास से यह शरीर में लचीलापन बढ़ाने और कई मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकता है.

चक्रासन शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है. इसमें ‘चक्र’ का मतलब पहिया और ‘आसन’ का अर्थ मुद्रा होता है. इस आसन को करते समय शरीर की आकृति पहिए जैसी दिखाई देती है, इसलिए इसे चक्रासन कहा जाता है. इसे अंग्रेजी में Wheel Pose भी कहा जाता है.

चक्रासन के क्या फायदे हैं?

चक्रासन करते समय शरीर की कई मांसपेशियां एक साथ सक्रिय होती हैं. इससे पीठ, कंधे, हाथ, पैर और पेट की मांसपेशियों पर काम होता है. नियमित अभ्यास शरीर के लचीलेपन को बेहतर करने में मदद कर सकता है. लंबे समय तक बैठे रहने वाले लोगों को शरीर में होने वाली जकड़न कम करने में भी यह आसन मददगार हो सकता है.

आयुष मंत्रालय की योग संबंधी जानकारी के अनुसार, चक्रासन का अभ्यास रीढ़ की लचक और मजबूती से जुड़ा हुआ है. यह कब्ज जैसी समस्या में भी मदद कर सकता है. योग अभ्यास को तनाव और चिंता कम करने तथा मानसिक रूप से शांत महसूस करने के लिए भी उपयोगी माना जाता है.

हालांकि, किसी भी योगासन को किसी बीमारी का इलाज नहीं समझना चाहिए. अगर आपको पहले से कमर, गर्दन, कलाई या कंधे से जुड़ी समस्या है, तो चक्रासन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है.

चक्रासन कैसे करें?

चक्रासन करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल किसी समतल जगह पर लेट जाएं. अब दोनों घुटनों को मोड़कर पैरों को कूल्हों के पास रखें. पैरों के बीच बहुत ज्यादा दूरी न रखें.

इसके बाद दोनों हाथों को सिर के पास ले जाएं. हथेलियों को जमीन पर इस तरह रखें कि उंगलियां कंधों की दिशा में रहें. अब धीरे-धीरे हथेलियों और पैरों पर दबाव डालते हुए शरीर को जमीन से ऊपर उठाएं.

शरीर को ऊपर उठाते समय कमर और छाती को धीरे-धीरे पीछे की ओर मोड़ें. इस दौरान गर्दन पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें और सांस सामान्य रखें. अपनी क्षमता के अनुसार कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहें. शुरुआत करने वालों को ज्यादा देर तक मुद्रा में बने रहने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.

आसन से बाहर आने के लिए शरीर को धीरे-धीरे नीचे लाएं और पीठ के बल आराम करें. चक्रासन का अभ्यास सही तकनीक के साथ करना जरूरी है, इसलिए शुरुआत में किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की मदद लेना बेहतर हो सकता है. (IANS से इनपुट के साथ)

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