Health

गाड़ी, बस या ट्रेन में बैठते ही आती है उल्टी? मिल गई मोशन सिकनेस की असली वजह, बचाव के लिए बेस्ट हैं ये तरीके

How To Stop Vomiting While Travelling : क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि जैसे ही आप कार, बस, ट्रेन या हवाई जहाज में बैठते हैं, वैसे ही आपका सिर घूमने लगता है, जी मिचलाने लगता है और उल्टी जैसी हालत हो जाती है? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं. दुनिया भर में लाखों लोग इस समस्या से परेशान हैं, जिसे मेडिकल भाषा में ‘मोशन सिकनेस’ (Motion Sickness) कहा जाता है. यह सफर के मज़े को पूरी तरह किरकिरा कर देता है. लेकिन घबराइए मत! आज हम आपको बताएंगे कि आखिर यह समस्या क्यों होती है और इससे बचने के लिए आप कौन से आसान और असरदार तरीके अपना सकते हैं.

क्यों होती है मोशन सिकनेस?मोशन सिकनेस होने की मुख्य वजह हमारे शरीर का अंदरूनी संतुलन और आँखों का मेल न खाना है. जब आप गाड़ी या बस के अंदर बैठे होते हैं, तो आपकी आँखें देखती हैं कि आप एक बंद डिब्बे या सीट पर स्थिर बैठे हैं. लेकिन आपके कान का अंदरूनी हिस्सा (जो संतुलन बनाने का काम करता है) यह महसूस करता है कि आप तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. दिमाग को इन दोनों तरफ से अलग-अलग सिग्नल मिलते हैं—आँखों से ‘स्थिर’ होने का और कानों से ‘चलने’ का. दिमाग इस भ्रम को समझ नहीं पाता और इसी कन्फ्यूजन की वजह से आपको चक्कर, घबराहट और उल्टी आने लगती है.

मोशन सिकनेस होने की मुख्य वजह हमारे शरीर का अंदरूनी संतुलन और आँखों का मेल न खाना है.(Canva)

मोशन सिकनेस के लक्षण- 

सफर के दौरान होने वाली मोशन सिकनेस (Motion Sickness) के कई लक्षण हो सकते हैं, जो व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से असहज कर देते हैं. इसके आम संकेतों में जी मिचलाना, उल्टी या उल्टी जैसा महसूस होना, चक्कर आना (Dizziness या Vertigo), भूख न लगना और पेट में गड़बड़ी होना शामिल हैं. इसके अलावा, शरीर में कमजोरी या थकान महसूस होना, सुस्ती आना, सिरदर्द होना, और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होना भी इसके लक्षण हैं. कुछ लोगों को चेहरे पर पीलापन, ठंडा पसीना आना, ज्यादा पसीना बहना, गर्मी महसूस होना, मुंह में ज्यादा लार बनना, धुंधला दिखाई देना, सांसें तेज होना या गंध के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

बच्चों में क्यों आम है यह समस्या?यह परेशानी किसी को भी हो सकती है, लेकिन 2 से 12 साल के बच्चों में यह सबसे ज्यादा देखी जाती है. बच्चों का शरीर और उनका संतुलन तंत्र (Balance System) पूरी तरह विकसित हो रहा होता है, इसलिए वे इसकी चपेट में जल्दी आते हैं. कई बार बड़ों को सुस्त करने वाली दवाइयां बच्चों पर उल्टा असर करती हैं और उन्हें बहुत ज्यादा एक्टिव कर देती हैं. इसलिए बच्चों को कोई भी दवाई देने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

मोशन सिकनेस से बचने के बेहतरीन और आसान तरीके-सीडीसी के मुताबिक, बिना किसी दवा के भी आप इन घरेलू और आसान तरीकों से सफर को सुहाना बना सकते हैं:

सही सीट चुनें: कार या बस में हमेशा आगे की सीट पर बैठें. अगर आप ट्रेन या फ्लाइट में हैं, तो खिड़की (Window Seat) वाली सीट चुनें, जहाँ बाहर का नज़ारा आसानी से दिख सके.

दिमाग भटकाएं (Distraction): सफर के दौरान अपना ध्यान भटकाने के लिए हेडफोन लगाकर अपनी पसंद का संगीत सुनें. इससे दिमाग का फोकस उलझन से हट जाता है.

क्षितिज (Horizon) को देखें: अगर संभव हो, तो खिड़की से बाहर दूर क्षितिज (जहाँ आसमान और धरती मिलते दिखते हैं) को देखें या आँखें बंद करके थोड़ी देर सोने की कोशिश करें.

हल्का खाएं और हाइड्रेटेड रहें: सफर के दौरान एक साथ भारी खाना खाने से बचें. थोड़ा-थोड़ा और हल्की मात्रा में बार-बार खाएं. पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, लेकिन शराब और कैफीनयुक्त ड्रिंक्स से दूर रहें.

अदरक या खट्टी चीज़ें आज़माएं: सफर में जी मिचलाने पर अदरक वाली कैंडी या फ्लेवर्ड लोजेंजेस चूसना बहुत फायदेमंद होता है.

धूम्रपान से बचें: सफर के दौरान स्मोकिंग करने से समस्या और बढ़ सकती है. थोड़ी देर के लिए ही सही, धूम्रपान से पूरी तरह दूर रहें.

क्या दवाइयां लेना सही है?सीडीसी के मुताबिक, अगर घरेलू उपायों से आराम न मिले, तो डॉक्टर की सलाह पर दवाइयों की मदद ली जा सकती है. बाजार में डाइफेनहाइड्रैमाइन (Benadryl), ड्रामामाइन(Dramamine) और स्कोपोलामाइन जैसी दवाइयां उपलब्ध हैं जो मोशन सिकनेस को रोकने में मदद कर सकती हैं. हालांकि, इनमें से कई दवाइयों से तेज नींद या सुस्ती आ सकती है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के इनका सेवन न करें.

अगली बार जब भी आप किसी लंबे सफर पर निकलें, तो इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान जरूर रखें. थोड़ी सी सावधानी और सही तैयारी से आप अपने हर सफर को बिना चक्कर और उल्टी के पूरी तरह सुरक्षित और सुहाना बना सकते हैं!

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