सूडान में दूसरी बार ढही सोने की खदान, मलबे में दबीं कई जिंदगियां, 11 मजदूरों की दर्दनाक मौत

Last Updated:September 21, 2026, 08:29 IST
अफ्रीकी देश सूडान में अवैध सोने की खदानें गरीब मजदूरों के लिए कब्रगाह साबित हो रही हैं. हफ्ते भर के भीतर देश में दूसरा बड़ा खूनी हादसा सामने आया है. पूर्वोत्तर सूडान के रेड सी राज्य अंतर्गत ओनी के दुर्गम इलाके में शनिवार देर रात एक गैर-कानूनी सोने की खदान की मुख्य सुरंग अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई. जमीन धंसते ही भीतर काम कर रहे दर्जनों मजदूर जिंदा दफन हो गए.सूडान में हजारों की संख्या में गैर-कानूनी खदानें चल रही हैं. (रॉयटर्स)
गृहयुद्ध और भुखमरी की दोहरी मार झेल रहे अफ्रीकी देश सूडान में एक हफ्ते के भीतर दूसरा बड़ा खदान हादसा सामने आया है. पूर्वोत्तर सूडान के रेड सी राज्य के दूरदराज इलाके ओनी में शनिवार रात एक गैर-कानूनी सोने की खदान की सुरंग अचानक भरभराकर गिर गई. इस दिल दहला देने वाले हादसे में कम से कम 11 खनिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. मलबे के भारी ढेर के नीचे कई अन्य मजदूरों के दबे होने की आशंका है, जिसके चलते राहत और बचाव दल लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं.
चंद दिनों के भीतर दूसरा बड़ा खूनी हादसासूडान में कमजोर सुरक्षा मानकों के बीच चल रही अवैध खदानें अब मजदूरों के लिए मौत का कुआं साबित हो रही हैं. स्थानीय चश्मदीद अब्देलहाई खरीफ अबाकर के अनुसार, ओनी क्षेत्र में शनिवार देर रात अचानक खदान की मुख्य शाफ्ट ढह गई. उस वक्त खदान के भीतर दर्जनों मजदूर काम में जुटे थे.
82 लोगों ने गंवाई थी जान: बीते 16 सितंबर को देश के पश्चिमी हिस्से में सोने की कई खदानें लगातार ढह गई थीं. उस भयानक हादसे में कम से कम 82 मजदूरों की दर्दनाक मौत हुई थी. वह इलाका पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के नियंत्रण में आता है.
युद्ध और भुखमरी के बीच अवैध खनन का जालसूडान पिछले तीन साल से अधिक समय से सेना और पैरामिलिट्री बलों के बीच जारी भीषण गृहयुद्ध की आग में जल रहा है. युद्ध के कारण देश के कई हिस्से अकाल और भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं. आर्थिक तंगी के चलते लाखों गरीब लोग अपनी जान दांव पर लगाकर इन अवैध खदानों में काम करने को मजबूर हैं.
हजारों गैर-कानूनी खदानें सक्रिय: देश भर में बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के हजारों छोटी और अवैध खदानें फैली हुई हैं. सरकारी नियंत्रण न होने और युद्धग्रस्त हालात की वजह से इन खदानों में लगातार जानलेवा हादसे हो रहे हैं. प्रशासन फिलहाल मलबे से लापता खनिकों को निकालने की कोशिशों में जुटा है.
सरकारी सुडानी मिनरल रिसोर्स कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि रविवार तक 11 शव बरामद किए गए और 30 लोगों को बचाया गया. अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि लापता लोगों की तलाश जारी है, क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने की इजाज़त नहीं थी. कंपनी ने एक बयान में खदान ढहने से जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना जताई, लेकिन हताहतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. सोना पैदा करने वाले देश सूडान में खदान ढहने की जानलेवा घटनाएं आम हैं, क्योंकि वहां सुरक्षा मानकों का बड़े पैमाने पर पालन नहीं किया जाता है।
अप्रैल 2023 में सूडान में RSF और सूडानी सेना के बीच लड़ाई छिड़ने के बाद देश में पूर्ण युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई. एक निगरानी समूह, ‘आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा’ के अनुसार, इस संघर्ष में कम से कम 59,000 लोग मारे गए हैं. सहायता संगठनों का कहना है कि यह आंकड़ा कम करके बताया गया है और असल संख्या इससे कहीं ज़्यादा हो सकती है. संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त विशेषज्ञों के अनुसार, RSF को फंड देने के लिए देश से भारी मात्रा में सोने की तस्करी की गई है; RSF डारफुर और कोर्डोफान इलाकों में सोना पैदा करने वाले क्षेत्रों पर नियंत्रण रखता है.
About the Authorराकेश रंजन कुमार
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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September 21, 2026, 07:46 IST



