Health

बारिश में घर की सीलन बन सकती है सांस की दुश्मन, इन लोगों को ज्यादा खतरा, जानें डॉक्टर की सलाह

Last Updated:September 30, 2026, 11:57 IST

बारिश में घर की दीवारों पर दिखाई देने वाली सीलन को अक्सर लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन लंबे समय तक बनी नमी के बीच फफूंदी पनप सकती है, जिसके संपर्क में आने से सांस और फेफड़ों से जुड़ी परेशानी हो सकती है. अस्थमा, एलर्जी या कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है.

गाजियाबाद. बारिश के मौसम में घर की दीवारों पर दिखाई देने वाली सीलन को अक्सर लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि, लंबे समय तक बनी रहने वाली सीलन के बीच पैदा होने वाली फफूंदी स्वास्थ्य के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है. खासकर इसका असर सांस और फेफड़ों पर पड़ सकता है. फफूंदी से निकलने वाले सूक्ष्म कण सांस के साथ शरीर में पहुंचकर एलर्जी और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं. पहले से अस्थमा, एलर्जी या कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को इससे ज्यादा परेशानी हो सकती है.

गाजियाबाद के यशोदा हॉस्पिटल संजयनगर की सीनियर कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजी डॉ. खुशबू ने लोकल 18 को बताया कि घर में लगातार मौजूद नमी और फफूंदी को हल्के में नहीं लेना चाहिए. फफूंदी के स्पोर्स सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं. इससे कुछ लोगों में एलर्जी की समस्या बढ़ सकती है, जबकि कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीजों में संक्रमण का खतरा भी रहता है. डायबिटीज जैसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को भी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है.

डॉ. खुशबू के मुताबिक, फफूंदी के संपर्क में आने के बाद लगातार खांसी, सांस फूलना या सांस लेने में परेशानी, बलगम और एयरवेज में जलन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. कुछ मामलों में भूरे रंग का बलगम भी नजर आ सकता है.

Add as Preferred Source on Google

अगर किसी व्यक्ति को अस्थमा है और सामान्य इलाज के बावजूद बार-बार परेशानी बढ़ रही है, तो इसके पीछे फफूंदी से जुड़ी एलर्जी या दूसरी फंगल समस्या की जांच की जरूरत हो सकती है. ऐसी ही एक स्थिति एलर्जिक ब्रोंकोपल्मोनरी एस्परगिलोसिस (ABPA) है, जो कुछ अस्थमा मरीजों में देखी जाती है.

डॉ. खुशबू कहती हैं कि बच्चों और बुजुर्गों को भी घर की सीलन को लेकर सतर्क रहना चाहिए. जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है या पहले से सांस संबंधी संवेदनशीलता है, उनमें नमी और फफूंदी परेशानी बढ़ा सकती है. अगर हर बार सीलन बढ़ने के साथ खांसी, बलगम या सांस लेने में दिक्कत शुरू हो जाती है और लक्षण लगातार बने रहते हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है.

डॉ. खुशबू के मुताबिक, फफूंदी दिखाई देने वाले हिस्से की केवल ऊपरी सफाई करने के बजाय सीलन के मूल कारण का स्थायी समाधान कराना चाहिए. घर में पानी का रिसाव, पाइपलाइन लीकेज या दीवार में नमी की समस्या है तो उसे समय रहते ठीक करा लें. कमरों में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें और नमी जमा न होने दें. अगर फफूंदी ज्यादा है तो सफाई के दौरान उचित सुरक्षा बरतें. लगातार लक्षण रहने पर खुद इलाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :

September 30, 2026, 11:57 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj