टोक्यो में 34 दिनों से बारिश थम क्यों नहीं रही? लगातार बरसात से हांफ रहे जापानी! ये रेन फैटीग क्या बला है?

Japan Rain: मॉनसून का सीजन अपनी ढलान पर है लेकिन जापान में ऐसी बरसात हो रही है, जिसने सभी रिकॉर्ड्स तोड़कर रख दिए हैं. राजधानी टोक्यो में 35 दिनों से लगातार बारिश जारी है. यह सिलसिला 27 अगस्त से लेकर 30 सितंबर तक जारी है. इस दौरान टोक्यो ने लगातार बारिश के मामले में अपना पिछला रिकॉर्ड ही तोड़ डाला. इससे पहले साल 2019 में लगातार 33 दिनों तक बारिश का रिकॉर्ड बना था. इतिहास पर नजर डालें तो पिछले 140 सालों में जापान में ऐसी बरसात नहीं हुई है. आज बुधवार को लगातार 35वें दिन बारिश हुई. हालांकि ऐसा नहीं है कि इतने दिनों में लगातार मूसलाधार बारिश ही होती रही. कभी हल्की बरसात हुई तो कभी छींटे भी पड़े. इस बारिश का पूरा माजरा क्या है?
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी बारिश की इस गिनती में बहुत कम क्वांटिटी में हुई बारिश को भी शामिल करती है. यहां तक कि 0.5 मिलीमीटर से कम बारिश भी किसी दिन को बारिश वाले दिन के रूप में दर्ज करने के लिए काफी हो सकती है. टोक्यो में इतने लंबे समय तक बारिश कैसे हो रही है? इसके पीछे कई सारे फैक्टर काम कर रहे हैं. मौसम संबंधी कारण एक साथ काम कर रहे हैं.
लंबे समय से बना हुआ है ऑटम रेन फ्रंट
गर्मियों के कमजोर पड़ने के साथ गर्म और नम हवा की मुलाकात उत्तर दिशा की तरफ से आने वाली ठंडी हवा से होती है. इससे ऑटम रेन फ्रंट यानी शरद ऋतु का बारिश वाला फ्रंट बनता है. इस साल यह फ्रंट जापान के आसपास के इलाके में असामान्य रूप से लंबे समय तक बना रहा. इस वजह से बार-बार बादल बनते रहे और बारिश होती रही. आमतौर पर इस तरह के मौसम के बाद कुछ समय के लिए मौसम साफ हो जाता है, लेकिन इस बार ऐसा लंबे समय तक नहीं हुआ.
लगातार आ रहे टाइफून ने बढ़ाई नमी
जापान के आसपास ने वाले कई टाइफून भी मौसम के इस सिस्टम में बड़ी मात्रा में गर्म और नम हवा लेकर आए. इससे बारिश वाले फ्रंट के आसपास बारिश और तेज हुई. उदाहरण के तौर पर डुजुआन तूफान की वजह से 21 सितंबर के दिन टोक्यो के बीच के हिस्से में भारी बारिश हुई. उस दिन टोक्यो में लगभग 156 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. गौरतलब यह है कि टाइफून अपने साथ बड़ी मात्रा में नमी लेकर आते हैं. जब यह नमी पहले से सक्रिय बारिश वाले फ्रंट के साथ मिलती है, तो बारिश की स्थिति और भी मजबूत हो सकती है.
जापान बारिश (फोटो- रॉयटर्स)
कम दबाव वाले सिस्टम ने भी बनाए रखी बारिश
बारिश के इस लंबे दौर में सिर्फ एक ही मौसम सिस्टम जिम्मेदार नहीं है. स्टेशनरी रेन फ्रंट, टाइफून और कम दबाव वाले मौसम सिस्टम एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करते रहे. इन सभी कंडीशन की वजह से टोक्यो को लगातार इतना लंबा स्थिर और ड्राई मौसम नहीं मिल पाया, जिससे बारिश का यह सिलसिला टूट सके. यही वजह है कि एक-दो दिन मौसम में सुधार के बाद फिर से बादल और बारिश लौटती रही.
टोक्यो में सितंबर का मौसम इस बार असाधारण रूप से बारिश वाला रहा. इस महीने सामान्य से करीब तीन गुना ज्यादा बारिश दर्ज की गई. 28 सितंबर तक टोक्यो के मध्य हिस्से में सितंबर के दौरान करीब 629 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी. यह सितंबर में होने वाली सामान्य मासिक बारिश की मात्रा से लगभग तीन गुना है. यानी यहां पर समस्या सिर्फ लगातार बारिश वाले दिनों की संख्या नहीं है. टोटल बारिश भी सामान्य से काफी ज्यादा रही.
आखिर रेन फैटीग क्या है?
कई हफ्ते तक लगातार बारिश और बादल रहने के बाद लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से थकान महसूस हो सकती है. इसी तरह की स्थिति को समझाने के लिए रेन फैटीग (Rain Fatigue) शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है. लगातार खराब मौसम की वजह से लोगों पर कई तरह के असर पड़ सकते हैं.
कम धूप और एनर्जी: लगातार बादल छाए रहने और धूप कम मिलने से लोगों को ऊर्जा और उत्साह में कमी महसूस हो सकती है. दिन का माहौल भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक उदास और भारी लग सकता है.
कपड़े सुखाने में परेशानी: लगातार बारिश और नमी के कारण कपड़ों को सुखाना मुश्किल हो जाता है. घरों के अंदर भी नमी बढ़ सकती है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी असहज हो सकती है.
रोजाना ऐक्टिविटी में दिक्कत: लगातार बारिश होने का असर ऑफिस आने-जाने, यात्रा और दूसरी बाहरी गतिविधियों पर भी पड़ता है. लोग लंबे समय तक घर के अंदर रहने के लिए मजबूर हो सकते हैं.
नींद और सुस्ती पर असर: लगातार अंधेरा, बादल और नमी रहने से कुछ लोगों को नींद में परेशानी या दिनभर सुस्ती महसूस हो सकती है.
चिड़चिड़ापन और निराशा: जब कई दिनों तक सामान्य धूप और साफ मौसम ना मिले तो लोगों में चिड़चिड़ापन या निराशा जैसी भावनाएं भी पैदा हो सकती हैं. खासकर तब, जब बारिश के कारण रोजमर्रा की योजनाएं बार-बार प्रभावित हों.
आउटडोर एक्टिविटी में कमी: बारिश के कारण बाहर टहलना, दौड़ना, खेलना या दूसरी आउटडोर ऐक्टिविटी करना मुश्किल हो जाता है. लंबे समय तक ऐसा होने पर शारीरिक गतिविधि भी कम हो सकती है.
टोक्यो में धूप भी बेहद कम रही: इस दौरान टोक्यो में सिर्फ बारिश ही असामान्य नहीं रही, बल्कि धूप भी बेहद कम देखने को मिली.
रेन फैटीग सिर्फ बारिश से होने वाली थकान नहीं
रेन फैटीग का मतलब केवल यह नहीं है कि बारिश होने से इंसान थक जाता है. यह शब्द लंबे समय तक चलने वाली बारिश, कम रोशनी, ज्यादा नमी और डेली लाइफ में होने वाली लगातार दिक्कत को समझाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यानी जब कई दिनों या फिर हफ्तों तक मौसम सामान्य ना हो और उसका असर यात्रा, काम, नींद, व्यायाम, कपड़े सुखाने और बाहर निकलने जैसी सामान्य गतिविधियों पर पड़ता रहे, तो व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक थकान महसूस हो सकती है.
34 दिन लगातार बारिश का मतलब क्या है?
टोक्यो में 34 लगातार बारिश वाले दिन होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि वहां 34 दिनों तक लगातार बरसात ही होती रही. इनमें से कुछ दिनों में बारिश की मात्रा बहुत ही कम थी. कुछ दिनों में केवल बहुत हल्की या नाममात्र की ही बरसात हुई. मौसम रिकॉर्ड में किसी दिन को बारिश वाला दिन गिने जाने के लिए उस दिन कम से कम मापी जा सकने वाली बारिश का होना पर्याप्त हो सकता है.
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी 0.5 मिलीमीटर से कम बारिश को भी इस तरह के रिकॉर्ड में शामिल करती है. इसलिए 34 दिनों का रिकॉर्ड यह बताता है कि 34 दिनों तक हर दिन किसी न किसी लेवल पर बारिश दर्ज हुई, ना कि पूरे 34 दिनों तक लगातार मूसलाधार बारिश होती रही. आज 30 सितंबर की तारीख के बाद भी मौसम का ये रवैया बना रह सकता है.



