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इंसानों की तरह देखेगा, सुनेगा और रिएक्ट करेगा AI! Tavus ने पेश किया Griffin, वीडियो कॉल में करेगा बातचीत

AI कंपनी Tavus ने ऐसा नया मॉडल पेश किया है, जिसे लाइव वीडियो बातचीत के दौरान इंसानों की तरह देखने, सुनने, बोलने और रिएक्ट करने के लिए तैयार किया गया है. कंपनी ने इसका नाम Griffin रखा है. Tavus के मुताबिक, यह एक End-to-End Human Interaction Model (HIM) है, जो रियल-टाइम Face-to-Face वीडियो बातचीत के लिए बनाया गया है.

Griffin को पारंपरिक AI चैटबॉट से अलग तरीके से डिजाइन किया गया है. आमतौर पर AI सिस्टम में पहले आवाज को टेक्स्ट में बदला जाता है, फिर Large Language Model जवाब तैयार करता है और इसके बाद अलग सिस्टम आवाज या वीडियो बनाता है. Griffin इन सभी प्रक्रियाओं को एक ही Full-Duplex Video-to-Video सिस्टम में संभालता है.

लाइव वीडियो कॉल में कैसे काम करेगा Griffin?

Tavus के मुताबिक, Griffin एक साथ यूजर को देख और सुन सकता है, जवाब दे सकता है और चेहरे के हाव-भाव भी इस्तेमाल कर सकता है. उदाहरण के लिए, यूजर के बोलते समय AI सिर हिला सकता है और वीडियो में दिखाई देने वाली किसी चीज को अपने जवाब में शामिल कर सकता है.

कंपनी ने Griffin-Lite का एक छोटा टेस्ट भी किया. इसमें 54 लोगों में से 26 यानी करीब 48 फीसदी प्रतिभागियों को एक मिनट की बातचीत के बाद लगा कि वे किसी इंसान से बात कर रहे हैं. पिछले सिस्टम के टेस्ट में 41 में से सिर्फ एक व्यक्ति यानी करीब 2.4 फीसदी प्रतिभागी ऐसा मान पाए थे.

हालांकि, यह छोटा और कम समय का टेस्ट था. प्रतिभागियों को पहले से बताया गया था कि वे किसी दूसरे व्यक्ति से बातचीत करने वाले हैं. इसलिए लंबे समय तक बातचीत में Griffin कितना इंसानों जैसा लगेगा, यह अभी साफ नहीं है.

Benchmark में कैसा रहा प्रदर्शन?

Tavus ने NVIDIA के VideoFDB रिजल्ट का भी जिक्र किया है. Conversational Behavior से जुड़े Generation Track में Griffin-Lite ने 5 में से 3.83 स्कोर किया, जबकि Human Reference Recordings का स्कोर 3.92 था. तुलना में Gemini 2.5 + Anam का स्कोर 2.80 रहा.

वहीं, बातचीत के संकेतों को समझने वाले Perception Track में Griffin-Lite का स्कोर 3.73 रहा, जबकि इंसानों का स्कोर 4.20 था.

AI Tutor और Companionship में हो सकता है इस्तेमाल

ऐसा AI मॉडल पढ़ाई में वर्चुअल ट्यूटर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. छात्र वीडियो कॉल में अपनी समस्या दिखाकर मदद ले सकता है और AI उस विजुअल जानकारी के आधार पर जवाब दे सकता है. हालांकि, इसकी असली उपयोगिता समझने के लिए ज्यादा बड़े और लंबे टेस्ट की जरूरत होगी.

इसी तरह, यह बुजुर्ग लोगों के लिए बातचीत और कंपनी देने में भी इस्तेमाल हो सकता है. लेकिन यहां यह सवाल भी अहम है कि कहीं AI की संगत लोगों के बीच होने वाले वास्तविक संपर्क को कम तो नहीं कर देती.

AI Scam का खतरा भी बढ़ सकता है

इंसानों जैसी प्रतिक्रिया देने वाला AI धोखाधड़ी को भी ज्यादा भरोसेमंद बना सकता है. ऐसे AI का इस्तेमाल किसी दूसरे व्यक्ति की पहचान का झूठा रूप देकर पैसे या संवेदनशील जानकारी मांगने में किया जा सकता है.

फिलहाल Tavus Griffin-Lite को सिर्फ चुनिंदा ट्रस्टेड टेस्टर्स के लिए प्रीव्यू फीचर्स के तौर पर उपलब्ध करा रहा है. कंपनी व्यापक रिलीज से पहले Safety और AI Disclosure से जुड़े फीचर्स पर काम कर रही है. इसकी सार्वजनिक लॉन्च डेट अभी घोषित नहीं की गई है.

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