गांवों में चढ़ा चुनावी रंग, आज से नामांकन शुरू, 3314 ग्राम पंचायतों में 22 को होगी वोटिंग

जयपुर. राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव 2026 की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है. राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पहले चरण के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने के साथ ही जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस बार प्रदेश में पंचायत चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे. पहले चरण में 16 जिला परिषद, 104 पंचायत समितियों और 3314 ग्राम पंचायतों के लिए चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में निर्वाचन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. नामांकन के साथ ही ग्रामीण राजस्थान में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है और संभावित उम्मीदवारों ने भी जनसंपर्क शुरू कर दिया है.
पहले चरण के जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया आज से शुरू हुई है. नामांकन पत्र 13 अक्टूबर तक दाखिल किए जा सकेंगे. नामांकन का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया है. सार्वजनिक अवकाश के दिनों में नामांकन नहीं होगा. इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी कर चुनाव मैदान में रहने वाले प्रत्याशियों की अंतिम तस्वीर साफ होगी. राजसमंद में जिला परिषद के 29 वार्डों और पांच पंचायत समितियों के लिए नामांकन शुरू हुआ है. यहां जिला परिषद सदस्यों के नामांकन 8 से 13 अक्टूबर तक लिए जाएंगे. पंचायत समिति सदस्यों के प्रथम चरण के नामांकन भी 8 से 13 अक्टूबर तक होंगे, जबकि दूसरे चरण के लिए 13 से 16 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे.
22 अक्टूबर से मतदान, आगे भी चरणवार वोटिंग
पंचायतीराज चुनाव में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 22 और 28 अक्टूबर को कराया जाएगा. ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए पहले चरण में 24 अक्टूबर और दूसरे चरण में 30 अक्टूबर को मतदान होगा. राजसमंद में पंच-सरपंच के लिए पहले चरण में 23 अक्टूबर और दूसरे चरण में 29 अक्टूबर को नामांकन प्रक्रिया होगी. उपसरपंच का चुनाव पहले चरण में 25 अक्टूबर और दूसरे चरण में 31 अक्टूबर को कराया जाएगा. अजमेर में पंचायत चुनाव दो चरणों में होंगे. पहले चरण में सरवाड़, केकड़ी, पीसांगन, सागर, श्रीनगर के साथ अजमेर ग्रामीण के कुछ वार्ड शामिल किए गए हैं. दूसरे चरण में अजमेर ग्रामीण की 25, बडलिया, सिलोरा, अरांई और भिनाय क्षेत्र शामिल रहेंगे. जिले में पहले चरण का मतदान 22 अक्टूबर और दूसरे चरण का मतदान 24 अक्टूबर को होगा.
बीकानेर में चुनावी आचार-व्यवस्था पर सख्ती
पंचायतीराज आम चुनाव को लेकर बीकानेर में जिला कलेक्टर निशान्त जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं. यह आदेश 29 नवंबर तक प्रभावी रहेगा. इसके तहत हथियारों के प्रदर्शन पर रोक रहेगी. लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए अनुमति जरूरी होगी और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. रैली, जुलूस और सभाओं के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा. मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन के इस्तेमाल और भीड़ जुटाने पर प्रतिबंध रहेगा. सोशल मीडिया के जरिए धार्मिक उन्माद या जातिगत द्वेष फैलाने वाली सामग्री पर भी रोक रहेगी. धर्मस्थलों का चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. चुनाव परिणाम के बाद विजय जुलूस निकालने पर भी रोक रहेगी. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ BNS की धारा 223 समेत अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी.
2.10 अरब रुपये खर्च होंगे, गांवों में बढ़ी सियासी हलचल
राजस्थान के पंचायत चुनाव में करीब 2 अरब 10 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. जिला परिषद से लेकर पंचायत समिति, सरपंच और पंच पदों तक होने वाले चुनावों में बड़ी संख्या में उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे. चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही गांवों में राजनीतिक समीकरण बनने-बिगड़ने लगे हैं. बीकानेर के पूगल क्षेत्र की ग्राम पंचायत आडूरी में सरपंच प्रत्याशी शिवलाल मेघवाल का 500 रुपये के स्टाम्प पेपर पर जारी घोषणा पत्र भी चर्चा में है.
प्रत्याशी ने 13 विकास कार्य कराने का वादा किया है और कहा है कि दो साल में घोषणाएं पूरी नहीं होने पर वह इस्तीफा दे देंगे. साथ ही कार्यकाल के दौरान एक रुपये का घोटाला साबित होने पर भी इस्तीफा देने की बात कही है. इस चुनाव में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच और पंच समेत ग्रामीण स्तर के विभिन्न पदों के लिए मुकाबला होगा. मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के साथ निर्वाचन विभाग ने शांतिपूर्ण मतदान कराने की तैयारी की है. नामांकन शुरू होने के साथ अब गांवों में चुनावी तस्वीर तेजी से साफ होने लगेगी.



