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मेट्रो स्ट्रेशन बंद करने पर प्रियंका बोलीं- ‘इसको डर कहते हैं’, खरगे का शोले वाला तंज- जो डर गया वो मर गया

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने शुक्रवार को दिल्ली में प्रदर्शन किया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए फिल्म ‘शोले’ के चर्चित डायलॉग ‘जो डर गया, वो मर गया’ का जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए तैयार नहीं है. विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा और चुनाव व्यवस्था से जुड़ी अपनी शिकायतें रखीं. राष्ट्रपति ने विपक्षी नेताओं से आरोपों के समर्थन में सबूत देने को कहा. राहुल गांधी, ममता बनर्जी और खरगे समेत कई नेताओं ने मुलाकात के बाद अपनी बात रखी. इस बीच दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले मेट्रो स्टेशनों पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर भी विपक्ष ने सरकार की आलोचना की.

खरगे ने शोले के डायलॉग से सरकार पर क्या निशाना साधा?

संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सरकार विपक्ष के आंदोलन से डरी हुई है. उन्होंने फिल्म ‘शोले’ के खलनायक गब्बर सिंह के चर्चित डायलॉग का हवाला देते हुए कहा, ‘और जो आदमी डरता है वो आज नहीं तो कल मरता है.’

खरगे ने यह भी दावा किया कि दोनों चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर आपत्ति जताई थी. उनके मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने कई बार अपनी आपत्तियां रखीं, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन्हें स्वीकार नहीं किया.

खरगे ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग पर कार्रवाई नहीं की जा रही है.

राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात में विपक्ष ने क्या मांगें रखीं?

खरगे ने मुलाकात के बाद कहा कि विपक्ष पिछले चार दिनों से वोट चोरी के आरोपों को लेकर आंदोलन कर रहा है. इसी मुद्दे पर राष्ट्रपति को जानकारी देने और कार्रवाई की मांग करने के लिए प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला था.
खरगे के मुताबिक, विपक्ष ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी रखी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने उनसे वोट चोरी के आरोपों के सबूत मांगे हैं. विपक्ष उन सबूतों को तैयार कर रहा है और जल्द ही उन्हें सौंपेगा.
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने भी कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव में कथित धांधली से जुड़ी शिकायतें रखीं. उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति ने विपक्ष की बात सुनी और सबूत प्रस्तुत करने को कहा.

राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के सामने क्या कहा और किस बात पर जताई हैरानी?

राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि उस चुनाव में भी वोट चोरी हुई थी. राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष अपने पास मौजूद सामग्री राष्ट्रपति को सौंपेगा. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ने मामले पर विचार करने और कार्रवाई की संभावना देखने की बात कही.

ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के रुख को लेकर क्या जानकारी दी?

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुलाकात के बाद कहा कि विपक्ष को राष्ट्रपति का रुख सकारात्मक लगा. उनके मुताबिक, राष्ट्रपति ने ज्ञापन लेने के बाद मामले का विवरण देखने और सबूत भेजने को कहा. ममता बनर्जी ने कहा कि संविधान के संरक्षक के तौर पर लोकतंत्र को बनाए रखने की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है. उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन इस मुद्दे पर एकजुट है.

दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद होने पर प्रियंका गांधी ने बोलीं- इसको डर कहते हैं

विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली में कई मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियों को लेकर भी विवाद हुआ. विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन रोकने के लिए आम लोगों की आवाजाही प्रभावित की जा रही है. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने की आलोचना करते हुए कहा, ‘इसको डर कहते हैं, इसको कायरता कहते हैं, इसको भय कहते हैं.’

कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि 57 मेट्रो स्टेशन बंद किए जा रहे हैं और इससे काम पर जाने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है. उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताया.

विजय चौक पर प्रदर्शन में कौन-कौन से विपक्षी नेता शामिल हुए?

राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले विपक्षी नेता विजय चौक पर एकत्र हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हुए.

इसके अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कई अन्य विपक्षी नेता भी प्रदर्शन में पहुंचे. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, अभिषेक बनर्जी, भूपेश बघेल और कुमारी सैलजा समेत कई नेताओं की मौजूदगी रही.

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